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Ketan Parekh Scam: केतन पारेख मामले में एक बड़ी और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। केतन ने जिस विदेशी निवेशक के सौदों में फ्रंट-रनिंग ट्रेड से करोड़ों कमाए, वह दिग्गज अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म टाइटर ग्लोबल (Tiger Global) है। सेबी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए विदेशी निवेशक का नाम उजागर नहीं किया था और उसे ‘बिग क्लाइंट’ कहकर संबोधित किया था।
एक रिपोर्ट में एक्सचेंज पर मौजूद आंकड़ों के हवाले से पुष्टि की गई है कि केतन पारेख ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर Tiger Global की गैर-सार्वजानिक जानकारी हासिल की और पीबी फिनटेक के शेयरों में फ्रंट-रनिंग ट्रेड को अंजाम दिया। सरल शब्दों में कहें तो केतन ने ग्लोबल ट्रेड के अगले कदम की जानकारी के आधार पर पहले ही पीबी फिनटेक के शेयरों पर अपना दांव खेल दिया था।
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SEBI की तरफ से बताया गया है कि 11 नवंबर 2022 को Tiger Global Eight Holdings और इंटरनेट फंड III पीटीई लिमिटेड (टाइगर ग्लोबल की यूनिट) ने 374.6 रुपये प्रति शेयर की औसत कीमत पर पीबी फिनटेक के 1.27 करोड़ शेयर बेचे। इस दौरान, जीआरडी सिक्योरिटीज लिमिटेड, सालासर स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड और अनिरुद्ध दमानी ने बड़े क्लाइंट के साथ 20.61 लाख शेयरों के लिए अपने ट्रेड का मिलान किया।
सेबी की जांच में सामने आया है कि 11 नवंबर, 2022 को, मार्केट ओपन होने से पहले सिंगापुर के ट्रेडर रोहित सलगांवकर और बिग क्लाइंट के ट्रेडर ने पीबी फिनटेक (पॉलिसी बाजार) के बारे में चर्चा की। इस दौरान बिग क्लाइंट के ट्रेडर ने सलगांवकर को बताया कि वह PB फिनटेक के शेयर बेच रहे हैं। सुबह 9:00 बजे से 9:58 बजे तक पारेख ने भी कंपनी के शेयरों को अलग-अलग कीमतों पर बेचने के लिए कई निर्देश दिए। इस तरह आरोपियों ने मोटा मुनाफा कमाया।
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टाइगर ग्लोबल (Tiger Global) एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म है। इस अमेरिकी कंपनी ने कई भारतीय कंपनियों में पैसा लगाया हुआ है। 2023 की एक रिपोर्ट के अनुसार, Ola, PharmEasy, CRED, Sharechat, Delhivery, Unacademy, Groww, Dream11, BharatPe, Gupshup और Infra.Market जैसी कंपनियों में टाइगर ग्लोबल का इन्वेस्टमेंट है। कंपनी Zomato, Policybazaar, Delhivery और Freshworks जैसी कंपनियों से अब एग्जिट हो गई है। यानी उसने अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। टाइगर ग्लोबल के फाउंडर Chase Coleman हैं।
बाजार नियामक सेबी का कहना है कि केतन पारेख और रोहित सलगांवकर ने अपने साथियों के साथ मिलकर ‘फ्रंट-रनिंग’ के जरिये 65.77 करोड़ रुपये का अवैध लाभ कमाया। केतन पारेख एक बड़े विदेशी निवेशक के सौदों पर फ्रंट रनिंग करता था और फ्रंट-रनिंग को सिंगापुर से अंजाम दिया जाता था। सेबी ने इस घोटाले का पता लगाने के लिए कई मोबाइल नंबरों की जांच की थी।
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