MS Dhoni Investment: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बिजनेस की पिच पर भी ताबड़तोड़ बैटिंग करते हैं। उन्होंने कई कंपनियों में निवेश किया हुआ है और कई ब्रांड्स के साथ उनका रिश्ता है। टीम इंडिया से अलग होने के बाद भी उनकी लोकप्रियता में कोई गिरावट नहीं आई है, इसलिए वह कंपनियों के पसंदीदा क्रिकेटर बने हुए हैं। अब खबर है कि धोनी ने ड्रोन बनाने वाली कंपनी गरुड़ एयरोस्पेस (Garuda Aerospace) के साथ अपने रिश्ते को मजबूत किया है।
2022 में जुड़ा था रिश्ता
एक रिपोर्ट के अनुसार, महेंद्र सिंह धोनी ने गरुड़ एयरोस्पेस में अपना निवेश बढ़ाया है। अब इस कंपनी में उनका कुल इन्वेस्टमेंट 5 करोड़ से अधिक हो गया है। धोनी 2022 से ही इस कंपनी के ब्रांड एंबेसडर हैं। धोनी ने सबसे पहले 2022 में चेन्नई स्थित इस कंपनी में निवेश किया था, हालांकि उन्होंने कुल कितना पैसा लगाया था इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
धोनी का बढ़ रहा भरोसा
पिछले साल अक्टूबर में जब गरुड़ एयरोस्पेस के आईपीओ लाने की खबरें चल रही थीं, तभी धोनी के इस कंपनी में निवेश बढ़ाने की भी खबर सामने आई थी। उस समय एक रिपोर्ट में बताया गया था कि धोनी ने 4 करोड़ रुपये लगाये हैं और उनकी कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 1.1 प्रतिशत हो गई है। अब फिर उनके निवेश बढ़ाने की खबर आई है, इससे पता चलता है कि धोनी को इस कंपनी पर कितना भरोसा है।
कैसी है आर्थिक सेहत?
जानकारी के अनुसार, कंपनी अब तक 2,500 से ज्यादा एग्री-ड्रोन बेच चुकी है, जिसमें से 1500 की बिक्री पिछले पिछले 12 महीनों में हुई है। वित्त वर्ष 24 में 14-15% प्रॉफिट और 22.5% के EBITDA मार्जिन के साथ गरुड़ का रेवेन्यु 109 रुपये करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 23 में कंपनी का रेवेन्यु 47 करोड़ था। गरुड़ एयरोस्पेस के फाउंडर और सीईओ अग्निश्वर जयप्रकाश को विश्वास है कि वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की बिक्री 200-220 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
कितना बड़ा है बाजार?
केंद्र सरकार ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही है, जिसकी वजह से गरुड़ एयरोस्पेस जैसे कंपनियों को बड़ा बाजार मिला है। एक रिपोर्ट की मानें तो सरकार के नीतिगत समर्थन से भारत का कृषि-ड्रोन बाजार (Agri-Drone Market) लगभग 500-600 करोड़ रुपये (जिसमें रीसेल और स्पेयर पार्ट्स शामिल हैं) तक बढ़ गया है और इसमें 25,000 करोड़ रुपये के बाजार के रूप में विकसित होने की क्षमता है।
कितनी है बाजार हिस्सेदारी?
वैसे तो 35-40 लाइसेंस प्राप्त एग्री-ड्रोन निर्माता हैं, लेकिन गरुड़ की बाजार हिस्सेदारी लगभग 35-40% है। गरुड़ के पास चेन्नई, प्रयागराज और मैसूर में तीन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं, जो प्रतिदिन 50-60 ड्रोन बनाने में सक्षम हैं और इसमें 170 से अधिक लोग काम करते हैं। गरुड़ एयरोस्पेस अब डिफेंस ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में उतरने की योजना बना रही है और इसके लिए उसने कुछ ग्लोबल लीडर्स से भी हाथ मिलाया है।
क्या है कंपनी की योजना?
गरुड़ एयरोस्पेस की योजना ड्रोन सिटी, ड्रोन हब और कृषि-ड्रोन बिजनेस में एक एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल स्थापित करने की भी है। कंपनी ने इसके लिए थेल्स, लॉकहीड मार्टिन और एल्बिट सिस्टम्स जैसे ग्लोबल प्लेयर्स के साथ-साथ भारत की PSU कंपनियों HAL, BEML और TIDCO के साथ अग्रीमेंट किया है। बता दें कि इस कंपनी की शुरुआत साल 2015 में पांच लोगों की टीम के साथ हुई थी। आज कंपनी 30 प्रकार के ड्रोन बनाती है और तेजी से विस्तार कर रही है।
कितनी है Dhoni की नेटवर्थ?
धोनी की बात करें, तो वह चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की तरफ से आईपीओ 2025 में खेलने के लिए तैयार हैं। उन्हें अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में बरकरार रखा गया है। धोनी लाइफस्टाइल ब्रांड Seven के को-फाउंडर भी हैं। उनका रांची में माही रेजीडेंसी नाम से एक मिड-रेंज होटल है। बेंगलुरु में MS धोनी ग्लोबल स्कूल है और वह ‘धोनी स्पोर्ट्सफिट’ नाम से जिम की चेन भी चलाते हैं। एक रिपोर्ट की मानें तो धोनी की नेटवर्थ 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा है।