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करण अडाणी ने विझिंजम सीपोर्ट फेज-2 के लिए 16,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की

करण अडाणी ने विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के फेज-2 के लिए 16,000 करोड़ रुपये के निवेश प्लान की घोषणा की. इस विस्तार से पोर्ट की क्षमता 2029 तक 57 लाख टीईयू होगी और भारत का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट हब बनने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.

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Edited By : Bhawna Dubey Updated: Jan 24, 2026 20:34

विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट का फेज-2 आज आधिकारिक रूप से शुरू किया गया, जिससे डीप-वॉटर पोर्ट का बड़ा विस्तार हुआ और भारत की ट्रांसशिपमेंट क्षमता मजबूत हुई. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एपीएसईजेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडाणी ने कहा कि विझिंजम केरल में किसी भी कॉर्पोरेट समूह द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है, जिसमें अगले चरण के लिए 16,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं.

इसे केरल और देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए अडाणी ने कहा कि विझिंजम पोर्ट अतीत और भविष्य को जोड़ता है और आधुनिक सुविधाओं के साथ केरल को फिर से विश्व व्यापार का बड़ा केंद्र बना रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े प्रोजेक्ट राजनीति से नहीं, बल्कि लगातार अच्छे विजन और सोच से पूरे होते हैं. उन्होंने इस कठिन काम को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा सरकार की सराहना की. साथ ही, उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की भी तारीफ की, जिनकी पहल और मार्गदर्शन से इस परियोजना की मजबूत नींव पड़ी.

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विझिंजम पोर्ट की शुरुआती सफलता पर बात करते हुए करण अडाणी ने कहा कि कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के सिर्फ 15 महीनों में ही यह पोर्ट तेज से आगे बढ़ा और पूरे भारत में सबसे कम समय में 10 लाख कंटेनर संभालने वाला पोर्ट बन गया. इससे केरल को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नक्शे पर खास पहचान मिली है.

इसके अलावा, फेज-2 के तहत एपीएसईजेड करीब 16,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. इस तरह विझिंजम पोर्ट में कुल निवेश लगभग 30,000 करोड़ रुपये हो जाएगा, जो केरल में किसी एक निजी कंपनी द्वारा किया गया सबसे बड़ा निवेश होगा. पोर्ट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, जो अभी 10 लाख टीईयू है और 2029 तक बढ़कर 57 लाख टीईयू हो जाएगी. इससे यह पूरे उपमहाद्वीप का सबसे बड़ा ट्रांसशिपमेंट पोर्ट बन जाएगा.

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इसके अलावा, अडाणी ने इस प्रोजेक्ट के बड़े पैमाने और मुश्किलों को पार करने के लिए केरल की मौजूदा सरकार के पक्के सपोर्ट को क्रेडिट दिया. उन्होंने दोनों पार्टियों के सहयोग पर भी जोर दिया, और इस बात पर जोर दिया कि एकता की यह भावना केरल के लंबे समय के आर्थिक विजन पर इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स को मजबूत सिग्नल भेजती है. केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की मौजूदगी नेशनल वॉटरवेज एजेंडा के तहत पोर्ट-मोटिवेटेड डेवलपमेंट के बारे में केंद्र की नई तेजी का संकेत है.

उन्होंने अडाणी ग्रुप के अपने वादे को पूरा करने और केरल और भारत के लोगों के भरोसे को बनाए रखने के कमिटमेंट को दोहराते हुए अपनी बात खत्म की.

First published on: Jan 24, 2026 08:34 PM

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