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बिजनेस

Jet Fuel Price Hike: इतिहास में पहली बार 2 लाख रुपये के पार पहुंचा हवाई ईंधन; क्‍या 7वें आसमान पर होंगे टिकट के दाम?

हवाई यात्रा अब आम नहीं खास होगी। जेट फ्यूल की कीमतों में 115% का ऐतिहासिक उछाल आ गया है। पहली बार दाम ₹2 लाख/KL के पार चले गए हैं। दिल्ली से मुंबई तक, अब हवाई टिकटों के दाम आसमान छूने को तैयार हैं। पूरी रिपोर्ट और नए रेट यहां देखें।

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Written By: Vandana Bharti Updated: Apr 1, 2026 09:27
हवाई जहाज में डाले जाने वाले तेल की कीमत बढ़ी

भारतीय विमानन इतिहास में आज 1 अप्रैल 2026 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। मिडिल ईस्ट के युद्ध और वैश्विक तेल संकट की मार अब सीधे आसमान तक जा पहुंची है। विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में 115% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी ने एयरलाइंस और आम यात्रियों, दोनों के होश उड़ा दिए हैं।

क‍ितना बढ़ गया दाम?

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अंतरराष्ट्रीय उड़ानें:
दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अब $1,690.81/KL मिलेगा, जो कि 107% की वृद्धि है। रुपये की कमजोरी ने इस दर्द को और बढ़ा दिया है।

एयरलाइंस के लिए करो या मरो की स्थिति:
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी भारी बढ़ोतरी के बाद एयरलाइंस के पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। जेट फ्यूल पहले से ही एयरलाइंस के कुल खर्च का 45% हिस्सा था, जो अब और बढ़ जाएगा। एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के अनुसार, युद्ध की वजह से विमानों को लंबे रास्तों से उड़ना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत पहले ही बढ़ी हुई थी। छोटी एयरलाइंस के लिए अब उड़ानें जारी रखना नामुमकिन हो सकता है, जिससे कई रूट्स पर फ्लाइट्स की संख्या घट सकती है।

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आम जनता पर क्या होगा असर?
अगर आप छुट्टियों में घर जाने या घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अपना बजट दोबारा चेक कर लें। क्‍योंक‍ि सरकार के 21 मार्च 2026 को फेयर कैप (किराये की ऊपरी सीमा) हटाने के बाद अब एयरलाइंस अपनी मर्जी से दाम बढ़ा सकेंगी। इंडिगो और आकासा जैसी कंपनियां पहले ही भारी सरचार्ज वसूल रही हैं, जिसे अब और बढ़ाया जाना तय है। डॉलर में भुगतान और बढ़ती कीमतों के कारण विदेश जाना अब बहुत महंगा हो जाएगा।

क्यों लगी हवाई ईंधन में आग?
मिडिल ईस्ट वॉर:
ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है।
डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल का भुगतान डॉलर में होता है और रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर पर होने से भारत के लिए आयात महंगा हो गया है।

First published on: Apr 01, 2026 09:26 AM

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