Neeraj
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IndusInd Bank News: इंडसइंड बैंक इस समय मुश्किल में है और ग्राहक चिंतित। बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी की खबर सामने आई है। इस गड़बड़ी से बैंक की नेटवर्थ में 1600 से 2000 करोड़ रुपये के संभावित नुकसान का अनुमान है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मामला कितना गंभीर है। इंडसइंड बैंक के शेयर में कल आई सूनामी से बैंक का मार्केट कैप भी काफी नीचे आया है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि बैंक इस बड़े नुकसान को झेलने के लिए वित्तीय तौर पर कितना मजबूत है और इससे ग्राहकों पर क्या असर पड़ सकता है?
RBI ने 2023 में बैंकों के निवेश पोर्टफोलियो से जुड़े कुछ निर्देश जारी किए थे, जो 1 अप्रैल, 2024 से लागू हो गए। इसके बाद मार्च 2024 में इंडसइंड बैंक ने एक इंटरनल रिव्यू किया, जिसमें बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी मिली। यह बात भी सामने आई कि फॉरेक्स हेजिंग में गड़बड़ी के चलते पिछली तिमाहियों में मुनाफे को अधिक दिखाया गया। इससे बैंक की नेट वर्थ पर 2.35% का नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। इस खबर के सामने आते ही बैंक के शेयरों में सूनामी आ गई। मंगलवार को इंडसइंड बैंक का शेयर 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट पर बंद हुआ, जो उसके इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है।
बैंक ने आंतरिक निष्कर्षों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा और सत्यापन के लिए एक बाहरी एजेंसी को नियुक्त किया है। इंडसइंड बैंक का कहना है कि एक्सटर्नल एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस गड़बड़ी के खुलासे से बैंक के आगामी तिमाही नतीजे प्रभावित हो सकते हैं। अभी इस मामले में RBI की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं है।
इंडसइंड बैंक को लेकर अब तमाम तरह के सवाल पूछे जा रहे हैं, जिसमें यह प्रमुख है कि बैंक फाइनेंशियल रूप से कितना मजबूत है? बैंक के मैनेजमेंट का कहना है कि घबराने वाली कोई बात नहीं है। बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। प्रमोटर्स का कहना है कि बैंक इतना मजबूत है कि इस झटके को आसानी से सहन कर लेगा। इससे बैंक के दूसरे ऑपरेशंस प्रभावित नहीं होंगे। अगर पूंजी जुटाने की जरूरत पड़ती है, तो उसके लिए भी प्रमोटर पूरी तरह तैयार हैं। बैंक के MD एवं CEO सुमंत कटपालिया के अनुसार, बैंक की एसेट और लायबिलिटी काफी मजबूत है। लिहाजा ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
इस पूरे मामले में गौर करने वाली बात यह है कि गड़बड़ी का पता बैंक के इंटरनल रिव्यू में चला और तुरंत इसकी जानकारी बैंक के बोर्ड को दी गई और पूरे समय पर डिस्क्लोजर जारी किया गया। इसके अलावा, गड़बड़ी सामने आने पर बैंक ने जांच के लिए एक बाहरी एजेंसी को नियुक्त किया। इससे कहीं न कहीं यह संकेत मिलता है कि बैंक ने मामले को छिपाने की कोशिश नहीं की। उसने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कदम उठाए। बैंक के लिहाज से यह एक पॉजिटिव पॉइंट है।
बैंक के मौजूदा हाल का उसके ग्राहकों पर फिलहाल किसी असर की संभावना नहीं है। बैंक वित्तीय रूप से मजबूत है और इस मामले से बाहर निकलने के लिए कदम उठा रहा है। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि बैंक के दूसरे ऑपरेशंस प्रभावित नहीं होंगे। RBI ने भी बैंक को लेकर कोई कड़ा बयान अब तक जारी नहीं किया है।
हालांकि, इस स्थिति से बैंक के निवेशकों पर असर लाजमी है। खासकर, स्टॉक मार्केट में इंडसइंड बैंक के शेयरों में निवेश करने वालों के लिए आने वाला समय मुश्किल वाला हो सकता है। बैंक के शेयर मंगलवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन आज इसमें हल्की तेजी दिखाई दे रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक अपनी विश्वसनीयता वापस हासिल कर सकता है, लेकिन इसमें कम से कम 2 से 3 तिमाही का समय लगेगा। कई ब्रोकरेज ने बैंक के शेयर को लेकर अपनी रेटिंग में बदलाव किया है। Citi ने इसका टारगेट प्राइस घटाकर 1,160 रुपये कर दिया है। Emkay Global ने टारगेट प्राइस 875, Nuvama ने 750 और Motilal Oswal ने टारगेट प्राइस 925 रुपये किया है। Macquarie ने बैंक के मैनेजमेंट पर भरोसे की कमी जताई है। मार्केट विश्लेषकों का मानना है कि बैंक का शेयर अपने मौजूदा भाव 664.40 से और नीचे जा सकता है।
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