रुपये में 50 पैसे की आई भारी मजबूती, फॉरेन इन्वेस्टर्स को टैक्स राहत मिलते ही उछला रुपया; जानें RBI के नए कदम

Rupee Price 5 June 2026: सरकारी बॉन्ड्स पर FIIs के लिए कैपिटल गेन्स टैक्स खत्म होने से रुपया 50 पैसे उछलकर 95.245 पर पहुंचा। RBI ने नियमों में बड़ी ढील दी है।

rupees (17)

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच चुके भारतीय रुपये को आज शुक्रवार को संजीवनी मिल गई। सरकार द्वारा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के लिए सरकारी बॉन्ड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्स पूरी तरह खत्म करने की घोषणा के बाद आज 5 जून के कारोबारी सत्र में रुपये ने जोरदार छलांग लगाई है। इस बड़े फैसले से पिछले तीन दिनों से रुपये में आ रही लगातार गिरावट का सिलसिला थम गया।

विज्ञापन

डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत हुआ रुपया

सरकार के इस ऐतिहासिक एलान के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे की भारी मजबूती के साथ ₹95.245 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया, जबकि पिछला क्लोजिंग भाव ₹95.74 था। बता दें कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत का आयात बिल (Import Bill) और चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ने की आशंका बनी हुई थी। साथ ही विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली के चलते रुपया इस साल अब तक 6.07% तक टूट चुका है, जिससे यह इस वर्ष की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया था।

विज्ञापन

कैपिटल गेन्स और इंटरेस्ट टैक्स दोनों से मिली मुक्ति

5 जून को जारी आधिकारिक अध्यादेश (Ordinance) के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) द्वारा भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में किए गए निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स को पूरी तरह से हटा दिया गया है। यह टैक्स छूट 1 अप्रैल, 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी।

विज्ञापन

इस छूट के दायरे में सरकारी प्रतिभूतियों से होने वाली ब्याज आय (Interest Income) को भी शामिल किया गया है, हालांकि इसके लिए कुछ रिपोर्टिंग नियमों का पालन करना होगा। इससे पहले विदेशी निवेशकों को एक साल से अधिक समय तक होल्ड किए गए लिस्टेड बॉन्ड्स पर 12.5% लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स और सरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाले ब्याज पर 20% विदहोल्डिंग टैक्स देना पड़ता था।

आरबीआई (RBI) ने भी विदेशी कूटनीति के लिए खोले दरवाजे

सरकार के टैक्स हटाने के फैसले के साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह (Capital Inflows) को बढ़ाने और रुपये को स्थिरता देने के लिए कई बड़े नीतिगत बदलावों का ऐलान किया है।

विज्ञापन
  1. फुल्ली एक्सेसिबल रूट (FAR) का विस्तार: आरबीआई ने सभी नए जारी होने वाले 15-वर्षीय, 30-वर्षीय और 40-वर्षीय सरकारी बॉन्ड्स को फुल्ली एक्सेसिबल रूट (FAR) के तहत शामिल कर लिया है, जिससे विदेशी निवेशक इनमें आसानी से निवेश कर सकेंगे।
  2. शर्तों में बड़ी ढील: जनरल रूट के तहत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए शॉर्ट-टर्म इनवेस्टमेंट की सीमा, कन्संट्रेशन कैप और व्यक्तिगत सिक्योरिटी लिमिट्स जैसे कड़े प्रतिबंधों को पूरी तरह हटा दिया गया है।

बाजार पर क्या होगा असर?

सरकार की टैक्स छूट और आरबीआई के इस दोहरे एक्शन से भारतीय सरकारी बॉन्ड्स अब वैश्विक निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक हो जाएंगे. इससे कर्ज बाजार (Debt Market) में विदेशी डॉलर्स की आमद बढ़ेगी, जिससे न केवल रुपये को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी बल्कि सरकार के लिए कर्ज जुटाने की लागत (Borrowing Costs) भी कम हो जाएगी।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ