न्यू रिजीम में भी मिलते हैं 3 टैक्स डिडक्शन, ITR फाइलिंग से पहले करें चेक

सरकार नई टैक्स रिजीम को आकर्षक बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बजट में 12 लाख तक की इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर करना इसी का हिस्सा है। सरकार की कोशिशों के चलते न्यू रिजीम को अपनाने वालों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Income Tax

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इनकम टैक्स फाइल करते समय यह सवाल मन में आता है कि न्यू टैक्स रिजीम को चुना जाए या फिर पुरानी? ओल्ड टैक्स रिजीम में कुछ ऐसे टैक्स डिडक्शन हैं, जो अभी भी उसे आकर्षक बनाए हुए हैं। हालांकि, नई रिजीम चुनने वालों का आंकड़ा बीते कुछ समय में बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए दाखिल कुल 7.28 करोड़ आयकर रिटर्न (ITR) में से 5.27 करोड़ रिटर्न नई कर व्यवस्था के तहत थे, जबकि 2.01 करोड़ रिटर्न पुरानी कर व्यवस्था के तहत दाखिल हुए थे। इससे पता चलता है कि लगभग 72% करदाताओं ने नई प्रणाली को अपना लिया है।

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12 लाख टैक्स फ्री

न्यू रिजीम में टैक्स स्लैब कम हैं। इसके अलावा, बजट में वित्त मंत्री ने 12 लाख रुपये की इनकम को टैक्स के दायरे से बाहर करने का ऐलान किया था। हालांकि, पुरानी रिजीम की कुछ लोकप्रिय टैक्स कटौती जैसे कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA), लीव ट्रैवल अलाउंस (LTA), होम लोन पर ब्याज को न्यू रिजीम में शामिल नहीं किया गया है। न्यू रिजीम में प्रमुख तौर पर करदाता तीन छूट का लाभ उठा सकते हैं। चलिए इनके बारे में जानते हैं।

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स्टैण्डर्ड डिडक्शन

वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई कर व्यवस्था में मानक कटौती यानी स्टैण्डर्ड डिडक्शन का लाभ उपलब्ध है। यह कटौती वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 50,000 रुपये थी, जिसे वित्त वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। इस बदलाव से करदाताओं को अपनी कर योग्य आय कम करने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी टैक्स लायबिलिटी कम हो जाएगी।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)

नई कर व्यवस्था के तहत, नियोक्ता द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में किए गए अंशदान पर टैक्स छूट उपलब्ध है। यह छूट धारा 80सीसीडी(2) के तहत दी गई है। हालांकि, कर्मचारी द्वारा स्वयं किए गए अंशदान पर कोई छूट नहीं है। नियोक्ता का योगदान कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10% तक हो सकता है, जो कर मुक्त है।

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ग्रेच्युटी

सेवानिवृत्ति के समय प्राप्त ग्रेच्युटी नई कर व्यवस्था में भी टैक्स फ्री है। यह छूट आयकर अधिनियम की धारा 10(10) के तहत प्रदान की गई है। सरकारी कर्मचारियों के लिए पूरी ग्रेच्युटी राशि कर मुक्त है, जबकि गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी को टैक्स फ्री किया गया है। इसके अलावा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के तहत प्राप्त राशि पर भी धारा 10(10सी) के तहत टैक्स छूट मिलती है। इसी तरह, सेवानिवृत्ति के समय लीव इनकैशमेंट पर धारा 10(10एए) के तहत छूट का लाभ उपलब्ध है।

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