Rajesh Bharti
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Late Fee Penalty and Notice If ITR Is Not Filed : इस बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। इस तारीख तक ITR फाइल कर देना चाहिए। वैसे तो हर शख्स को ITR फाइल करना चाहिए। फिर चाहें उस पर कोई देनदारी बन रही हो या नहीं। हालांकि जो लोग इनकम टैक्स के स्लैब में आते हैं, उन्हें ITR जरूर फाइल करना चाहिए। अगर आप ITR फाइल नहीं करते हैं तो आप पर न केवल जुर्माना लग सकता है बल्कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस भी आ सकता है।

ITR समय पर फाइल करें।
इनकम टैक्स समय से फाइल न करने पर लेट फीस के साथ ब्याज भी देना होता है। अगर कोई शख्स फिर भी ITR फाइल न करे तो उसे इनकम टैक्स की ओर से नोटिस का भी सामना करना पड़ सकता है। अगर आप 31 मार्च तक ITR फाइल नहीं करते हैं तो आपके यह जुर्माना देना पड़ सकता है:
लेट फीस : अगर आप 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं करते हैं तो लेट फीस के रूप में 5 हजार रुपये का जुर्माना लगता है। जुर्माने की यह रकम 10 हजार रुपये तक हो सकती है। हालांकि अगर सालाना इनकम 5 लाख रुपये से कम है तो जुर्माने की यह रकम एक हजार रुपये रह जाती है।
ब्याज : अगर टैक्स की देनदारी बनती है तो जो रकम बनेगी, उस पर एक फीसदी सालाना ब्याज भी देना होगा।
अगर कोई शख्स समय पर ITR फाइल नहीं करता है तो उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस भी मिल सकता है। हालांकि ऐसे मामले जिनमें टैक्स देनदारी ज्यादा (लाखों में) होती है, उसमें 7 साल तक की सजा हो सकती है। ध्यान रहे कि मौजूदा असेसमेंट ईयर के नुकसान को अगले फाइनेंशियल ईयर में नहीं ले जा सकते हैं।
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जाने माने चार्टर्ड अकाउंटेंट सुशील अग्रवाल बताते हैं कि अगर आप किसी कारण से 31 जुलाई तक ITR फाइल नहीं कर पाते हैं तो इसे ब्याज एवं जुर्माने के साथ 31 जुलाई के बाद भी बिलेटेड रिटर्न के रूप में फाइल कर सकते हैं। ध्यान देने की बात यह भी है कि ऐसी रिटर्न में आप लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते। इस प्रक्रिया को बिलेटेड ITR (देरी से रिटर्न भरना) कहते हैं। बिलेटेड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2024 है। अगर आप 31 दिसंबर तक भी ITR फाइल नहीं कर पाते हैं तो आप अपडेटेड रिटर्न भर सकते हैं जिसमें आपको देय कर का 25 से 50 फीसदी अधिक टैक्स जमा करना होता है। इनकम टैक्स की धारा 119 के तहत आप प्रिंसिपल कमिश्नर से जेनुइन सिचुएशन में लेट ITR फाइल करने की अनुमति भी ले सकते हैं। हालांकि इसमें कई शर्तें होती हैं। इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए किसी CA या टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लें।
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