एक बड़ी अनिश्चितता यह है कि क्या 2025 में सेंट्रल बैंकों की तरफ से सोने की जो ज़बरदस्त मांग देखने को मिली थी, जब उन्होंने अपने रिज़र्व में विविधता लाने के लिए सोना जमा किया था, वह 2026 में भी जारी रहेगी। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी में सेंट्रल बैंकों की कुल खरीद सिर्फ़ 5 टन रही, जबकि 2025 में यह औसत 27 टन प्रति महीना था। यस बैंक का कहना है कि भले ही इस साल भी सेंट्रल बैंकों की तरफ़ से सोने में दिलचस्पी बनी रह सकती है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसकी रफ़्तार थोड़ी धीमी रहने की उम्मीद है।
Gold Silver Rate Today Live Update: भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। कल यानी 19 मार्च को सोने और चांदी की कीमतों में जो बड़ी सुनामी आई थी, आज 20 मार्च को बाजार ने उससे उबरने के संकेत दिए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखी गई।
सोने के भाव में Rs 2803 की तेजी
कल सोने की कीमतों में करीब Rs 6000 की भारी गिरावट देखी गई थी, लेकिन आज सुबह 9:10 बजे MCX पर 2 अप्रैल डिलीवरी वाला 24 कैरेट सोना 1.93% (Rs 2803) की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। इस उछाल के बाद सोने का भाव 147,757 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। सुबह के शुरुआती कारोबार में यह तेजी Rs 3000 के पार भी निकल गई थी।
चांदी ने पकड़ी सुपरफास्ट रफ्तार
चांदी की कीमतों में कल Rs 18000 की रिकॉर्ड गिरावट ने सबको चौंका दिया था, लेकिन आज चांदी ने फिर से अपनी चमक बिखेरी है। 05 मई डिलीवरी वाली चांदी के दाम में 3.06% (Rs 7090) की शानदार तेजी दर्ज की गई। इस रिकवरी के बाद चांदी की कीमत अब 238,550 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
क्यों आई बाजार में अचानक तेजी?
निचले स्तरों पर खरीदारी (Value Buying): कल की भारी गिरावट के बाद सोने और चांदी के दाम आकर्षक स्तर पर आ गए थे, जिससे निवेशकों और ज्वेलर्स ने बड़े पैमाने पर खरीदारी शुरू कर दी।
वैश्विक संकेतों में सुधार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती में थोड़ी स्थिरता आने से कीमती धातुओं को सहारा मिला है।
नवरात्रि की मांग: त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद ने भी कीमतों को ऊपर धकेलने का काम किया है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में भारी अस्थिरता (Volatility) बनी हुई है। कल की बड़ी गिरावट और आज की रिकवरी यह दर्शाती है कि वैश्विक तनाव और आर्थिक आंकड़ों का असर कीमतों पर हावी है। ऐसे में छोटे निवेशकों को किस्तों में खरीदारी (SIP मोड) करने की सलाह दी जा रही है।
वैश्विक बाजारों में, शुक्रवार को सोने की कीमतों में मामूली तेजी आई, लेकिन इसके बावजूद यह लगातार तीसरे हफ़्ते गिरावट की ओर ही बढ़ रहा है। इस पर मज़बूत डॉलर और US फेडरल रिजर्व के सख्त रुख (hawkish stance) का दबाव बना हुआ है, जिसने निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। 0112 GMT तक, हाज़िर सोना (Spot gold) 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,657.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, हालांकि इस हफ़्ते अब तक इसमें 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। हाजिर चांदी में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई; यह 0.1 प्रतिशत बढ़कर 73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
MCX पर, मई 2026 में डिलीवरी के लिए चांदी के वायदा भाव (futures) में 8,540 रुपये, यानी 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, और यह बढ़कर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। अप्रैल 2026 के लिए सोने के वायदा भाव भी ऊपर चढ़े; इनमें 3,340 रुपये, यानी 3 प्रतिशत की बढ़त हुई, और यह 1,48,302 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुच गया।
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में ज़बरदस्त रिकवरी देखने को मिली; पिछले सत्र में भारी गिरावट के बाद इनमें तेज़ी से सुधार हुआ। विश्लेषकों ने इस उछाल की वजह 'तकनीकी सुधार' (technical bounce) को बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि निकट भविष्य का नजरिया अभी भी मंदी वाला (bearish) ही बना हुआ है, क्योंकि मध्य-पूर्व के संघर्ष से जुड़ी तेल की बढ़ी हुई कीमतें लगातार महंगाई की चिंताओं को हवा दे रही हैं।










