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Ethanol Fuel Impact: पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से देश को क्या फायदा? किसान, पर्यावरण और आपकी जेब से जुड़ा पूरा सच

इथेनॉल सिर्फ एक ईंधन नहीं, बल्कि भारत के आत्मनिर्भर और हरित भविष्य का प्रतीक है. यह एक ऐसा रास्ता है जहां देश का पैसा देश में रहता है, किसान खुशहाल होता है और हवा साफ होती है. अगली बार जब आप अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाएं, तो याद रखें कि आप भी भारत के इस ग्रीन रिवॉल्यूशन का हिस्सा बन रहे हैं.

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क्या आप जानते हैं कि आपकी गाड़ी में भरने वाला ईंधन केवल आपकी गाड़ी ही नहीं चला रहा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, हमारे किसानों की किस्मत और हवा को भी बदल रहा है? जी हां, हम बात कर रहे हैं इथेनॉल (Ethanol) की. इथेनॉल कोई साधारण लिक्‍व‍ि‍ ड या सिर्फ एक दूसरा फ्यूल नहीं है. यह भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, देश का पैसा बचाने और आने वाली पीढ़ियों को साफ हवा देने का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है. आइए समझते हैं कि इथेनॉल कैसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा का गेम चेंजर साबित हो रहा है.

कच्चे तेल के भारी-भरकम बजट पर लगाम

मोदी नैचुरल्स लिमिटेड व मोदी बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और भारत इंडिपेंडेंट इथेनॉल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन(BIEPA) के वाइस प्रेस‍िडेंट अक्षय मोदी ने इस बारे में News24 को बताया क‍ि भारत अपनी जरूरत का लगभग 80% से ज्यादा कच्चा तेल (Crude Oil) दूसरे देशों से खरीदता है, जिसके लिए हर साल अरबों डॉलर विदेशी मुद्रा के रूप में बाहर चले जाते हैं.

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अक्षय मोदी ने कहा क‍ि जब पेट्रोल में इथेनॉल जैसे 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग या E20 मिलाया जाता है, तो हमें उतना ही कम कच्चा तेल बाहर से मंगाना पड़ता है. इससे व‍िदेश जाने वाला यही पैसा देश के भीतर बचता है, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था और रुपया दोनों मजबूत होते हैं.

किसानों की जेब में जाएगा फायदा, मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
अक्षय मोदी के अनुसार इथेनॉल का सबसे खूबसूरत पहलू यह है कि यह किसी फैक्ट्री के कैमिकल से नहीं, बल्कि खेतों से पैदा होता है. गन्‍ने के रस, शीरे (Molasses) और खराब हुए अनाज जैसे टूटे चावल, मक्का से इथेनॉल तैयार किया जाता है. जिन चीजों को किसान पहले फेंक देते थे या जिनकी सही कीमत नहीं मिलती थी, अब इथेनॉल प्लांट उनके सही दाम दे रहे हैं. इससे हमारे गांव और किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं.

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जहरीले धुएं से राहत, सांसों को मिलेगी साफ हवा
आजकल बड़े शहरों में प्रदूषण और जहरीली हवा सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है. गाड़ियों से निकलने वाला धुआं इसमें बहुत बड़ा योगदान देता है. अक्षय मोदी ने बताया क‍ि जब गाड़ियों में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल इस्तेमाल होता है, तो कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य हानिकारक गैसों के उत्सर्जन में भारी कमी आती है. यह पर्यावरण को बिना नुकसान पहुंचाए गाड़ियां चलाने का एक बेहद टिकाऊ (Sustainable) रास्ता है.

First published on: Aug 21, 2026 01:14 PM

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About the Author

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.

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