भारत के लिए 2 अप्रैल बड़ा दिन: ट्रंप टैरिफ से कितना हो सकता है नुकसान, सामने आया आंकड़ा

भारत में 2 अप्रैल को लेकर चिंता बढ़ गई है। यही वो दिन है जब से डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है और अब अमेरिका भी ऐसा ही करेगा।

Donald Trump Tarrif Impact on India Top 5 Import Exports
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने जा रहे हैं। जिन देशों पर इसे लगाया जाना है, उनमें भारत का भी नाम शामिल है, ऐसे में इसे लेकर भारत में टेंशन बढ़ गई है। इस बीच, रिसर्च एंड इन्वेस्टमेंट फर्म एमके ग्लोबल ने अमेरिकी टैरिफ के भारत पर प्रभाव को समझाने की कोशिश की है। फर्म की रिपोर्ट में कहा आया है कि अगर अमेरिका 10% टैरिफ लगाता है, तो भारत को लगभग 6 अरब डॉलर या अपने सकल घरेलू उत्पाद के 0.16% का नुकसान हो सकता है।

इन सेक्टर्स पर होगा असर

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर टैरिफ बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाता है, तो फिर उसका प्रभाव काफी बड़ा हो सकता है। इससे भारत को अमेरिकी निर्यात में  31 अरब डॉलर तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो, फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही टेक्सटाइल और रत्न/आभूषण जैसे बाजारों पर भी ट्रंप टैरिफ का व्यापक असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत एनर्जी और डिफेंस आयात बढ़ाकर टैरिफ से होने वाले नुकसान की आशंका को कुछ हद तक कम कर सकता है।

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यह कर सकता है भारत

एमके ग्लोबल का मानना है कि भारत अमेरिका से ऊर्जा (कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस) का आयात बढ़ाकर, रक्षा खरीद और सहयोग में बढ़ोतरी करके, कुछ कृषि/खाद्य वस्तुओं और विदेशी ईवी पर टैरिफ कम करने रेसिप्रोकल टैरिफ के प्रभाव को सीमित कर सकता है। इसके अलावा, भारत को कुछ प्रमुख क्षेत्रों में टैरिफ में कमी करके अमेरिका के साथ बातचीत करनी चाहिए, जिससे घरेलू उद्योग को नुकसान नहीं होगा। बता दें कि भारत ने ट्रंप की नाराजगी को कम करने के लिए पहले से ही कुछ कदम उठाए हैं।

ज्यादा नहीं मिलेगा लाभ

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ युद्ध से भारत को फायदे की बात कही जाती है, लेकिन एमके ग्लोबल का मानना है कि भारत के लिए अवसर बेहद सीमित हैं। क्योंकि भारत को कम-कौशल वाले क्षेत्रों में वैश्विक बाजार हिस्सेदारी हासिल नहीं हुई है, जिसे चीन ने कोविड के बाद खाली कर दिया था। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि चीन, भारत की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक जटिल उत्पादों का निर्यात करता है, जिससे भारत के लिए सीमित अवसर बचे हैं।

ऑटो टैरिफ से हड़कंप

ट्रंप ने हाल ही में विदेशों आने वाले वाहन और ऑटो पार्ट्स पर 25% टैरिफ लगाया है। अमेरिका कई देशों से करीब 300 अरब डॉलर के ऑटो कंपोनेंट का आयात करता है, इसमें भारत का नाम भी शामिल है। भारत से इंजन पार्ट्स, ट्रांसमिशन कंपोनेंट्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम सहित कई तरह के प्रोडक्ट अमेरिका जाते हैं। ऐसे में ट्रंप के टैरिफ कार्ड से भारत का प्रभावित होना लाजमी है। इस खबर के सामने आने के बाद भारत की कुछ ऑटो कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली थी।

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