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Donald Trump: अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी कई देशों के लिए मुश्किल बनने वाली है। इसमें अमेरिका का प्रमुख सहयोगी रहा कनाडा भी शामिल है। बीते कुछ दिनों में ट्रंप ने जो बयान दिए हैं, उससे साफ है कि वह कनाडा को दी जाने वाली सब्सिडी पर भी कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो भारत से बैर लेने वाला कनाडा गंभीर संकट में पड़ जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को मिलने वाली अमेरिकी सब्सिडी पर फिर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि कोई इसका जवाब नहीं दे सकता कि हम कनाडा को हर साल 100 अरब डॉलर से अधिक की सब्सिडी क्यों देते हैं? इसका कोई मतलब नहीं है। कनाडा के कई लोग चाहते हैं कि उनका देश अमेरिका का 51वां राज्य बने। इससे उन्हें भी कई तरह के फायदे होंगे। उनकी टैक्स और सैन्य सुरक्षा पर भारी बचत होगी। मुझे लगता है कि 51वां राज्य अब एक बढ़िया विचार है।
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इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहकर उनका मजाक उड़ाया था। अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने कनाडा की सब्सिडी का मुद्दा हाल के दिनों में दूसरी बार उठाया है। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठते ही ट्रंप कनाडा विरोधी कुछ फैसले के सकते हैं। वह कनाडा को अमेरिका से मिलने वाली सब्सिडी का पाई-पाई का हिसाब देने के लिए कह सकते हैं। कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि हम कनाडा को सालाना 100 अरब डॉलर और मेक्सिको को करीब 300 अरब डॉलर की सब्सिडी दे रहे हैं। हमें सब्सिडी पर रोक लगानी चाहिए। यदि उन्हें सब्सिडी चाहिए तो अमेरिका का राज्य बन जाएं।
डोनाल्ड ट्रंप कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की भी तैयारी में हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा अमेरिका से व्यापार करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है। कनाडा का करीब 80% एक्सपोर्ट अमेरिका को जाता है, जिसमें तेल, प्राकृतिक गैस, लकड़ी और खनिज आदि प्रमुख उत्पाद शामिल हैं। ऐसे में यदि ट्रंप टैरिफ बढ़ाते हैं, तो कनाडा को बड़ी आर्थिक चोट पहुंचेगी।
कनाडा कई मामलों में अमेरिका पर निर्भर है। इसमें आर्थिक और सुरक्षा प्रमुख हैं। वर्ष 2022 में कनाडा और अमेरिका के बीच 1.2 ट्रिलियन डॉलर का व्यापार हुआ था। गुड्स एवं सर्विस में कनाडा अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। ऐसे में अमेरिका से रिश्ते बिगड़ना कनाडा को भारी पड़ सकता है। कनाडा पहले ही भारत से अपने रिश्ते प्रभावित कर चुका है। अब यदि अमेरिका भी उससे मुंह मोड़ लेता है तो जस्टिन ट्रूडो सरकार गंभीर आर्थिक संकट में फंस जाएगी।
वहीं, कनाडा भी कुछ कदम उठाने पर विचार कर रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि कनाडा का सबसे अधिक आबादी वाला प्रांत ओंटेरियो US शराब पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी में है। साथ ही वह अमेरिकी राज्यों मिशिगन, न्यूयॉर्क और मिनेसोटा को बिजली का निर्यात रोकने पर भी फैसला ले सकता है। उधर, मेक्सिको ने कुछ दिन पहले बयान दिया था कि यदि अमेरिका टैरिफ लगाता है, तो उसे भी इसकी कीमत चुकानी होगी। मेक्सिको के एक मंत्री ने कहा था कि यूएस में बिकने वाले 88% पिक-अप ट्रक मेक्सिको में बनते हैं। ये अमेरिका के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी फेमस हैं, जहां ट्रंप को भारी वोट मिले थे। अगर ट्रंप हमारे सामान पर टैरिफ लगाते हैं, तो इस ट्रक की कीमत कई गुना बढ़ सकती है।
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