Nitin Arora
Read More
नई दिल्ली: दीवाली सिर्फ एक धार्मिक या सांस्कृतिक त्योहार नहीं है, इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक प्रभाव पड़ता है। दीवाली में खरीदने के लिए हमारे पास अपनी सूची होती है। यह सीजन न केवल मौजूदा आर्थिक स्थिति पर अच्छा अपडेट लेकर आया है, बल्कि शेष वित्तीय वर्ष के लिए बाजार की भावना को भी प्रभावित किया है। तो आइए एक नजर डालते हैं त्योहारी सीजन की बिक्री पर इंडस्ट्री के नजरिए पर।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पहली नवरात्रि (26 सितंबर) से धनतेरस तक अब तक देशभर में 1.25 लाख करोड़ का खुदरा कारोबार हो चुका है। अकेले दिल्ली में 25,000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ है। अभी भी त्योहारी सीजन में 10 दिन बाकी हैं, ऐसे में खुदरा कारोबार इस साल 1.5 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है।’
ऑटो सेक्टर हमारी अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ रहा है। देश की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी का 49% सिर्फ ऑटोमोबाइल सेक्टर से आता है। इस साल पेट्रोल और डीजल की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों का ऑटो बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। मौजूदा साल बड़ी ऑटो कंपनियों ने भी कई नए मॉडल लॉन्च किए हैं।
परंपरागत रूप से लोग धनतेरस पर सोना खरीदते हैं। इस साल ज्वैलरी की दुकानों में ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। कोविड प्रतिबंधों के हटने के बाद फिर से भव्य शादियों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। बता दें कि गोल्ड की बिक्री में 20 फीसदी की स्पाइक दर्ज हुई है।
अभी पढ़ें – बिजनेस से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें
न्यूज 24 पर पढ़ें बिजनेस, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।