Budget Expectation 2026: ग्रीन इकॉनमी के लिए रीसाइक्लेबल कचरे पर GST में राहत देने की मांग

Budget Expectation 2026 : रिसाइकिल होने वाले कचरे पर 18% GST लगता है. CSE की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसको घटाकर 5% या जीरो करने से मौजूदा नुकसान को नेट फिस्कल फायदे में बदला जा सकता है.

GREEN ECO.jpg

इस बजट में उम्मीद है कि ग्रीन टैक्स बेनिफिट्स के जरिए उन कंपनियों को राहत दी जाएगी जो कचरे का इस्तेमाल करके नए उत्पाद बना रही हैं.

Budget Expectation 2026: बजट 2026 में ‘ग्रीन इकॉनमी’ और ‘सर्कुलर इकॉनमी’ (कचरे से कंचन) को बढ़ावा देने के लिए रीसाइक्लेबल कचरे पर GST की दरों को लेकर बड़ी चर्चा हो रही है. कूड़ा प्रबंधन (Waste Management) सेक्टर और पर्यावरण थिंक-टैंक जैसे सेंटर फॉर साइंस एंड एंवायर्नमेंट (CSE) सरकार से टैक्स में भारी कटौती की मांग कर रहे हैं. आइये आसान भाषा में इनकी मांगों को समझते हैं और ये जानते हैं क‍ि अगर ये मांगे पूरी होती है तो आप पर क्‍या असर होगा?

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है मांग?

फिलहाल प्लास्टिक कचरे और स्क्रैप पर 18% GST लगता है. इंडस्ट्री की मांग है कि इसे घटाकर 0% या 5% के स्लैब में लाया जाए. कचरे को प्रोसेस करने वाली मशीनों पर भी टैक्स कम करने की मांग है ताकि छोटे उद्यमी (MSMEs) इस क्षेत्र में निवेश कर सकें.

विज्ञापन

क्यों जरूरी है टैक्स कम करना?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 18% जैसा ऊंचा टैक्स होने के कारण बहुत से कबाड़ी और रिसाइकलर्स बिना बिल के यानी इनफॉर्मल चैनल की तरह काम करते हैं. अगर टैक्स 5% या जीरो होगा, तो पूरा सेक्टर पारदर्शी बनेगा और सरकार को 34000 करोड़ का फायदा हो सकता है.

विज्ञापन

जब कचरा रिसाइकल करना महंगा पड़ता है, तो कंपनियां नया प्लास्टिक ज‍िसे वर्ज‍िन प्‍लास्‍ट‍िक कहा जाता है, उसका इस्तेमाल करती हैं, जो पर्यावरण के लिए हानिकारक है.

सर्कुलर इकॉनमी के लिए अन्य उम्मीदें
बजट 2026 में एक नेशनल मिशन ऑन सर्कुलर इकॉनमी की घोषणा हो सकती है. अनुमान है कि अगर सरकार इस सेक्टर को प्रमोट करती है, तो 2050 तक इस क्षेत्र में 1 करोड़ नई नौकरियां पैदा हो सकती हैं.

विज्ञापन

आम आदमी पर क्या होगा असर?
अगर रीसाइक्लेबल कचरे पर टैक्स घटता है, तो कंपनियां रिसाइकल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल करेंगी, जिससे सामान की पैकिंग लागत कम हो सकती है.इसके अलावा कूड़ा उठाने वाले और कबाड़ियों को बेहतर दाम मिलेंगे, जिससे शहरों में वेस्ट कलेक्शन सिस्टम सुधरेगा. कम प्लास्टिक समुद्र और लैंडफिल में जाएगा.

विज्ञापन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले भी वेस्ट टू वेल्थ पर जोर दिया है. इस बजट में उम्मीद है कि ग्रीन टैक्स बेनिफिट्स के जरिए उन कंपनियों को राहत दी जाएगी जो कचरे का इस्तेमाल करके नए उत्पाद बना रही हैं.

विज्ञापन
लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ