Brent Crude Price Hike: ग्लोबल मार्केट से एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव (US-Iran Conflict) की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर आग लग गई है। ब्रेंट क्रूड के दाम करीब 3.5% की भारी उछाल के साथ $78.67 प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं, वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 3.4% बढ़कर $73.87 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते के बाद तेल बाजार में जो राहत दिखी थी, वह अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है। आइए समझते हैं कि अचानक क्या हुआ है और इसका दुनिया पर क्या असर पड़ सकता है।
क्या बंद हो गया है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz)?
इस पूरे विवाद की सबसे बड़ी वजह है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। यह दुनिया का वह समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है। ईरान ने घोषणा कर दी है कि यह समुद्री रास्ता अगले आदेश तक पूरी तरह बंद रहेगा।
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दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना (Centcom) ने ईरान के इस दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला है और ट्रैफिक सामान्य रूप से चल रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी एक इंटरव्यू में साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद नहीं हुआ है।
अमेरिका के ताबड़तोड़ हवाई हमले, ईरान का पलटवार 17 जून को दोनों देशों के बीच एक अंतरिम शांति समझौता हुआ था, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के इस्तेमाल को लेकर उपजे विवाद के बाद यह समझौता टूट गया है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कह दिया है कि सीजफायर अब खत्म हो चुका है।
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अमेरिकी सेना ने शनिवार को ईरान के 140 ठिकानों पर हमला करने के बाद, रविवार को फिर से बमबारी की। यह एक हफ्ते में अमेरिका का चौथा बड़ा हमला है। यह कार्रवाई तब की गई जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक कंटेनर शिप को निशाना बनाया था। ईरान ने भी हार नहीं मानी है। ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से पलटवार किया है।
जहाजों के लिए बढ़ा खतरा फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है। ओमान की तरफ वाला दक्षिणी समुद्री रास्ता जहाजों के लिए खुला तो है, लेकिन जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने सुरक्षा स्थिति को बेहद नाजुक बताते हुए सभी जहाजों को अत्यधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी है। वहीं ईरान लगातार दबाव बना रहा है कि सभी जहाज उसके समुद्री क्षेत्र (उत्तरी रास्ते) से होकर गुजरें।
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अगर यह तनाव लंबा खिंचता है, तो आने वाले दिनों में भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।