भीम-यूपीआई लेनदेन (P2M) करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने अब कम-मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। जिसके तहत कम लेनेदेन पर व्यापारियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा
जानकारी के अनुसार सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में नई योजना लागू करने वाली है। जिसके तहत 2000 रुपये तक के यूपीआई (P2M) लेनदेन पर व्यापारियों को 0.15% प्रति लेनदेन की दर से प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। सरकार के अनुसार इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।
भीम यूपीआई से कुल 20000 करोड़ के लेनदेन का लक्ष्य
जानकारी के अनुसार इस योजना के पीछे सरकार का मकसद है कि देश में स्वदेशी भीम-यूपीआई प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भीम यूपीआई से कुल 20000 करोड़ के लेनदेन का लक्ष्य रखा है। इस योजना से देश में मजबूत और सुरक्षित डिजिटल भुगतान अवसंरचना का निर्माण करने में मदद मिलेगी। वहीं, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित टियर 3 से टियर 6 शहरों में यूपीआई की पहुंच बढ़ाया जा सकेगा।
भ्रीम भरोसेमंद ऐप सरकार दे रही बढ़ावा
बता दें कि यूपीआई पेमेंट में BHIM का मुकाबला फोनपे, पेटीएम और गूगल पे जैसे ऐप से है। केंद्र सरकार यूपीआई ट्रांजेक्शन में भीम की हिस्सेदारी को बढ़ाना चाहती है। दरअसल, BHIM यूपीआई एक भरोसेमंद ऐप है। सकार को भीम के जरिए यूपीआई के इकोसिस्टम का और विस्तार करने में मदद मिलेगी।
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रॉबर्ट कियोसाकी के ‘Poor Dad’ सिखाएंगे कैसे बनें अमीर? जानें तेजी से पैसा गंवाने का तरीका
वर्षवार डिजिटल लेन-देन का आंकड़ा
|
(करोड़ में)
|
| 2018-19 |
161.69 |
| 2019-20 |
189.07 |
| 2020-21 |
391.02 |
| 2021-22 |
426.68 |
| 2022-23 |
174.32 |
| 2023-24 |
893.98 |
भीम-यूपीआई लेनदेन (P2M) करने वाले छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने अब कम-मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। जिसके तहत कम लेनेदेन पर व्यापारियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा
जानकारी के अनुसार सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 में नई योजना लागू करने वाली है। जिसके तहत 2000 रुपये तक के यूपीआई (P2M) लेनदेन पर व्यापारियों को 0.15% प्रति लेनदेन की दर से प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। सरकार के अनुसार इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा।
भीम यूपीआई से कुल 20000 करोड़ के लेनदेन का लक्ष्य
जानकारी के अनुसार इस योजना के पीछे सरकार का मकसद है कि देश में स्वदेशी भीम-यूपीआई प्लेटफॉर्म को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भीम यूपीआई से कुल 20000 करोड़ के लेनदेन का लक्ष्य रखा है। इस योजना से देश में मजबूत और सुरक्षित डिजिटल भुगतान अवसंरचना का निर्माण करने में मदद मिलेगी। वहीं, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों सहित टियर 3 से टियर 6 शहरों में यूपीआई की पहुंच बढ़ाया जा सकेगा।
भ्रीम भरोसेमंद ऐप सरकार दे रही बढ़ावा
बता दें कि यूपीआई पेमेंट में BHIM का मुकाबला फोनपे, पेटीएम और गूगल पे जैसे ऐप से है। केंद्र सरकार यूपीआई ट्रांजेक्शन में भीम की हिस्सेदारी को बढ़ाना चाहती है। दरअसल, BHIM यूपीआई एक भरोसेमंद ऐप है। सकार को भीम के जरिए यूपीआई के इकोसिस्टम का और विस्तार करने में मदद मिलेगी।
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वर्षवार डिजिटल लेन-देन का आंकड़ा
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(करोड़ में)
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| 2018-19 |
161.69 |
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391.02 |
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426.68 |
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174.32 |
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893.98 |