Bank strike: 4 द‍िन बैंक सेवाएं रह सकती हैं बंद, बढ़ सकती हैं मुश्किलें; जानें ड‍िटेल

Bank Strike Update: 11 सितंबर से लगातार 4 दिन प्रभावित रह सकती हैं बैंकिंग सेवाएं! 5-Day Work Week और PLI विवाद पर क्यों अड़ी हैं बैंक यूनियनें? पढ़ें पूरी खबर.

Bank Strike 4 Days Disruption Bank Holidays September

अगर आपका सितंबर के मध्य या अंत में बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो उसे समय रहते निपटाना ही समझदारी होगी. ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और ATM सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन कैश किल्लत या चेक क्लीयरेंस में देरी का सामना करना पड़ सकता है. (फोटो- AI की मदद से बनाई गई है)

Bank Strike in September : सितंबर महीने में लगातार 4 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं ठप रहने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानी काफी बढ़ सकती है. सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector Banks) के बैंकों के कामकाज पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है. दरअसल, बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त संगठन UFBU ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है. संगठन ने यह हड़ताल, बैंकों को सप्ताह में पांच दिन खोलने के फैसले में लगातार देरी, PLI को लेकर गहरे मतभेद और पेंशन से जुड़ी कई लंबित मांगों का अब तक समाधान न होना, जैसे मुद्दों को लेकर क‍िया है.

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क्यों ठप हो सकती हैं 4 दिन बैंकिंग सेवाएं?

अगर बैंक यूनियनों की यह हड़ताल होती है, तो सितंबर के दूसरे हफ्ते में लगातार चार दिनों तक बैंकों के ताले नहीं खुलेंगे:

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11 सितंबर (शुक्रवार): बैंक यूनियनों (UFBU) द्वारा प्रस्तावित हड़ताल.

12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार (बैंक अवकाश).

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13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक छुट्टी.

14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी.

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इन चार दिनों में कैश निकालने, चेक क्लीयरेंस और ब्रांच से जुड़े अन्य कामों के लिए ग्राहकों को लंबी परेशानी झेलनी पड़ सकती है.

आगे और बड़ी हड़ताल की चेतावनी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो विरोध और उग्र होगा. संगठन ने यह स्‍पष्‍ट कर द‍िया है क‍ि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल होगी. यह समय बैंकों के अर्धवार्षिक ऑडिट (Half-yearly audit) का होता है, जिससे वित्तीय कामकाज पर भारी असर पड़ेगा.

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संगठन ने यह भी संकेत द‍िए हैं क‍ि अगर इसके बाद भी समाधान नहीं निकलता है तो बैंक कर्मी 26 अक्टूबर से अनिश्‍च‍ितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं.

किन 2 मुख्य मुद्दों पर अड़ी हैं बैंक यूनियनें?

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  1. हफ्ते में 5 दिन काम (5-Day Work Week) का पेंडिंग मामला
    यूनियनों का कहना है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने 8 मार्च 2024 को 12वें द्विपक्षीय समझौते (12th Biennial Agreement) के तहत हफ्ते में 5 दिन काम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी. इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट काम का समय बढ़ाने पर भी सहमति बनी थी. लेकिन IBA द्वारा यह प्रस्ताव सरकार को भेजे जाने के दो साल से अधिक समय बाद भी यह फाइल पेंडिंग पड़ी है.
  2. PLI (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) में भेदभाव का विवाद
    पीएलआई (PLI) योजना को लेकर भी बड़ा विवाद है. सरकार ने स्केल IV और उससे ऊपर के वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए एक अलग PLI योजना बनाई है, जिसके तहत उन्हें उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों के बेसिक पे के बराबर बड़ा इनाम मिल सकता है.

दूसरी ओर, सामान्य कर्मचारियों और स्केल III तक के अधिकारियों को केवल अधिकतम 15 दिनों का बेसिक पे और महंगाई भत्ता (DA) ही मिलेगा. यूनियनों का आरोप है कि यह IBA के साथ हुए पुराने समझौते के पूरी तरह खिलाफ है, जिसमें पूरे बैंक के ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर सभी कर्मचारियों (स्केल VII तक) को एक समान इंसेंटिव देने की बात कही गई थी.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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