---विज्ञापन---

गाड़ी बेच दी, लेकिन कागजी काम बाकी? RC ट्रांसफर नहीं कराया तो मुसीबत पक्की, ये है सबसे आसान तरीका

गाड़ी बेचने के बाद RC ट्रांसफर कराना क्यों जरूरी है और इसे सबसे आसान तरीके से कैसे किया जा सकता है? जानें फॉर्म 29-30, जरूरी दस्तावेज, फीस, इंस्पेक्शन और नई RC मिलने तक की पूरी प्रक्रिया.

---विज्ञापन---

RC Transfer Process After Selling Car: कई लोग गाड़ी बेचने के बाद सोचते हैं कि अब उनकी जिम्मेदारी खत्म हो गई. लेकिन असली जिम्मेदारी तो RC ट्रांसफर से शुरू होती है. अगर RC नए मालिक के नाम नहीं हुई, तो गाड़ी से जुड़ा हर चालान, दुर्घटना या गलत इस्तेमाल का असर सीधा आपके ऊपर पड़ेगा. इसलिए गाड़ी बेचते ही RC ट्रांसफर पूरा करना बेहद जरूरी है. नीचे आसान भाषा में पूरी प्रक्रिया समझिए.

सबसे पहले तैयार करें सेल लेटर

गाड़ी बेचते ही पहला काम है एक सेल लेटर बनाना. यह एक साधारण लिखित डॉक्यूमेंट होता है जिसमें गाड़ी बेचने की तारीख, कितने में बेची, और दोनों- खरीदार और बेचने वाले के साइन होते हैं. यह पेपर साबित करता है कि गाड़ी किस दिन से दूसरे व्यक्ति के पास चली गई है.

---विज्ञापन---

RC ट्रांसफर की शुरुआत करें

अब खरीदार को RTO की वेबसाइट से फॉर्म 29 और फॉर्म 30 डाउनलोड करके भरना होता है. इनमें वाहन की डिटेल्स जैसे इंजन नंबर, चेसिस नंबर, मॉडल के साथ दोनों पक्षों की जानकारी दर्ज की जाती है. यही RC ट्रांसफर की आधिकारिक शुरुआत है.

दोनों पक्षों के साइन और जरूरी दस्तावेज जमा करें

फॉर्म भरने के बाद उन पर खरीदार और बेचने वाले, दोनों के साइन जरूरी हैं. फिर खरीदार RTO में फॉर्म के साथ कुछ दस्तावेज जमा करता है- पुरानी RC, बीमा कॉपी, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, सेल लेटर, आधार या पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो. दस्तावेज जितने साफ और सही होंगे, प्रोसेस उतनी जल्दी होगी.

---विज्ञापन---

लोन वाली गाड़ी का अलग नियम

अगर गाड़ी पर अभी भी लोन चल रहा था, तो बैंक की ओर से NOC (No Objection Certificate) भी देना पड़ेगा. बिना NOC के ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. दस्तावेज सही होने पर खरीदार RTO में ट्रांसफर फीस जमा करता है. यह फीस गाड़ी के प्रकार पर निर्भर करती है.

गाड़ी का इंस्पेक्शन भी

कई बार RTO वाहन का इंस्पेक्शन भी करवाता है. इसमें अधिकारी इंजन नंबर और चेसिस नंबर मिलान करते हैं और दस्तावेजों की जांच करते हैं. सब कुछ सही मिलने पर आपकी फाइल आगे बढ़ जाती है और ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हो जाती है.

---विज्ञापन---

नए मालिक के नाम RC जारी

प्रोसेस पूरी होने के बाद RTO नए मालिक के नाम से RC बनाकर उसके पते पर पोस्ट करता है. खरीदार चाहे तो RTO जाकर इसे खुद भी ले सकता है. ध्यान रखें, जब तक नई RC नहीं मिल जाती, RC ट्रांसफर आवेदन की रिसीट सुरक्षित रखें- यही साबित करती है कि गाड़ी अब आपके नाम पर नहीं है.

ये भी पढ़ें- रॉयल एनफील्ड Meteor 350 Sundowner Orange: दमदार लुक और टूरिंग फीचर्स के साथ नया एडिशन अनवील

---विज्ञापन---

First published on: Nov 23, 2025 05:12 PM

End of Article

About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola