PMO का बड़ा फैसला! कार कंपनियों को देना पड़ेगा इतने करोड़ का जुर्माना, ग्राहकों पर क्या होगा असर?
सरकार ने कार कंपनियों पर लगने वाले भारी जुर्माने का पूरा गणित बदल दिया है. अब 8,800 करोड़ की पेनल्टी घटकर सिर्फ 2,700 करोड़ रह सकती है. जानिए इस फैसले का कंपनियों और आम ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा.
PMO की एंट्री से बदला नियम! कंपनियों को मिला बड़ा फायदा. (AI Generated Image)
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Cafe 2 Penalty Reduction: देश में कार कंपनियों पर लगने वाले भारी जुर्माने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अब CAFE-2 नियमों के तहत लगने वाले पेनल्टी सिस्टम को बदलने के निर्देश दिए हैं. इसका असर यह हुआ है कि कुल जुर्माना करीब 8,800 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 2,700 करोड़ रुपये तक आ सकता है. यानी कंपनियों को अब पहले से काफी राहत मिल सकती है. हालांकि इसके बावजूद कंपनियों को करोड़ो का जुर्माना भरना ही पड़ेगा.
जुर्माने का नया गणित क्या है?
पहले जो पेनल्टी तय की गई थी, वह काफी ज्यादा थी. पुराने नियमों के मुताबिक 0.2 लीटर प्रति 100 किमी से कम उल्लंघन पर 10 लाख रुपये के साथ हर गाड़ी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगता था. वहीं इससे ज्यादा उल्लंघन पर 50,000 रुपये प्रति गाड़ी देना पड़ता था. लेकिन अब नए कैलकुलेशन में एक तय मानक (20.375) के आधार पर सभी कंपनियों के लिए जुर्माना तय किया गया है, जिससे कुल रकम काफी कम हो गई है.
CAFE-2 नियम क्या हैं?
CAFE का मतलब होता है Corporate Average Fuel Efficiency. आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा नियम है, जिसके तहत कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों का औसत माइलेज बेहतर रखना होता है. अगर कोई कंपनी तय मानकों से ज्यादा ईंधन खर्च करने वाली गाड़ियां बनाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है. CAFE-2 नियम FY23 से FY25 तक लागू हैं.
किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर?
पहले के हिसाब से Hyundai Motor India पर करीब 3,000 करोड़ रुपये का जुर्माना था, Mahindra & Mahindra पर 1,800 करोड़ और Kia India पर लगभग 1,350 करोड़ रुपये का बोझ था. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद Hyundai का जुर्माना घटकर करीब 355 करोड़, M&M का 224 करोड़ और Kia का 337 करोड़ रुपये रह गया है.
कुछ कंपनियों के लिए क्यों बढ़ा जुर्माना?
दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ कंपनियों को राहत मिली है, वहीं Honda Cars India और Renault India जैसी कंपनियों के जुर्माने में बढ़ोतरी हुई है. Honda का जुर्माना 458 करोड़ से बढ़कर 885 करोड़ और Renault का 438 करोड़ से बढ़कर 1505 करोड़ रुपये हो गया है.
CAFE-2 के तहत कार कंपनियों पर अनुमानित जुर्माना (FY23–FY25)
कंपनी का नाम
अनुमानित जुर्माना (करोड़ रुपये)
Honda
885
Renault
506
Hyundai
355
Kia
337
Nissan
334
Mahindra
224
Skoda
63
JLR
20
Force
5
सोर्स- TOI
जुर्माना वसूली को लेकर क्या बदलाव होंगे?
सरकार अब इस बात को लेकर भी साफ व्यवस्था बनाना चाहती है कि जुर्माना कौन लगाएगा, कौन मंजूरी देगा और वसूली कौन करेगा. इसके तहत सड़क परिवहन मंत्रालय प्रक्रिया तैयार करेगा, जबकि ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाला BEE (Bureau of Energy Efficiency) कंपनियों को नोटिस भेजेगा.
CAFE-3 नियम क्या होंगे?
CAFE-3 नियम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू किए जाएंगे. ये नियम और भी सख्त होंगे, यानी कंपनियों को अपनी गाड़ियों का माइलेज और बेहतर करना होगा. इसको लेकर अभी कंपनियों के बीच मतभेद भी हैं कुछ कंपनियां छोटी कारों को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ बड़ी गाड़ियों का वजन कम करने की बात कर रही हैं.
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इन बदलावों का सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है. अगर कंपनियों पर जुर्माना कम होता है, तो गाड़ियों की कीमतों पर भी असर हो सकता है. सीधें तौर पर न सही लेकिन कहीं न कहीं कीमतें कम हो सकती हैं.
Cafe 2 Penalty Reduction: देश में कार कंपनियों पर लगने वाले भारी जुर्माने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने अब CAFE-2 नियमों के तहत लगने वाले पेनल्टी सिस्टम को बदलने के निर्देश दिए हैं. इसका असर यह हुआ है कि कुल जुर्माना करीब 8,800 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 2,700 करोड़ रुपये तक आ सकता है. यानी कंपनियों को अब पहले से काफी राहत मिल सकती है. हालांकि इसके बावजूद कंपनियों को करोड़ो का जुर्माना भरना ही पड़ेगा.
जुर्माने का नया गणित क्या है?
पहले जो पेनल्टी तय की गई थी, वह काफी ज्यादा थी. पुराने नियमों के मुताबिक 0.2 लीटर प्रति 100 किमी से कम उल्लंघन पर 10 लाख रुपये के साथ हर गाड़ी पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगता था. वहीं इससे ज्यादा उल्लंघन पर 50,000 रुपये प्रति गाड़ी देना पड़ता था. लेकिन अब नए कैलकुलेशन में एक तय मानक (20.375) के आधार पर सभी कंपनियों के लिए जुर्माना तय किया गया है, जिससे कुल रकम काफी कम हो गई है.
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CAFE-2 नियम क्या हैं?
CAFE का मतलब होता है Corporate Average Fuel Efficiency. आसान शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा नियम है, जिसके तहत कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों का औसत माइलेज बेहतर रखना होता है. अगर कोई कंपनी तय मानकों से ज्यादा ईंधन खर्च करने वाली गाड़ियां बनाती है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाता है. CAFE-2 नियम FY23 से FY25 तक लागू हैं.
किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर?
पहले के हिसाब से Hyundai Motor India पर करीब 3,000 करोड़ रुपये का जुर्माना था, Mahindra & Mahindra पर 1,800 करोड़ और Kia India पर लगभग 1,350 करोड़ रुपये का बोझ था. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद Hyundai का जुर्माना घटकर करीब 355 करोड़, M&M का 224 करोड़ और Kia का 337 करोड़ रुपये रह गया है.
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कुछ कंपनियों के लिए क्यों बढ़ा जुर्माना?
दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ कंपनियों को राहत मिली है, वहीं Honda Cars India और Renault India जैसी कंपनियों के जुर्माने में बढ़ोतरी हुई है. Honda का जुर्माना 458 करोड़ से बढ़कर 885 करोड़ और Renault का 438 करोड़ से बढ़कर 1505 करोड़ रुपये हो गया है.
CAFE-2 के तहत कार कंपनियों पर अनुमानित जुर्माना (FY23–FY25)
कंपनी का नाम
अनुमानित जुर्माना (करोड़ रुपये)
Honda
885
Renault
506
Hyundai
355
Kia
337
Nissan
334
Mahindra
224
Skoda
63
JLR
20
Force
5
सोर्स- TOI
जुर्माना वसूली को लेकर क्या बदलाव होंगे?
सरकार अब इस बात को लेकर भी साफ व्यवस्था बनाना चाहती है कि जुर्माना कौन लगाएगा, कौन मंजूरी देगा और वसूली कौन करेगा. इसके तहत सड़क परिवहन मंत्रालय प्रक्रिया तैयार करेगा, जबकि ऊर्जा मंत्रालय के तहत आने वाला BEE (Bureau of Energy Efficiency) कंपनियों को नोटिस भेजेगा.
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CAFE-3 नियम क्या होंगे?
CAFE-3 नियम 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2032 तक लागू किए जाएंगे. ये नियम और भी सख्त होंगे, यानी कंपनियों को अपनी गाड़ियों का माइलेज और बेहतर करना होगा. इसको लेकर अभी कंपनियों के बीच मतभेद भी हैं कुछ कंपनियां छोटी कारों को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ बड़ी गाड़ियों का वजन कम करने की बात कर रही हैं.
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
इन बदलावों का सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है. अगर कंपनियों पर जुर्माना कम होता है, तो गाड़ियों की कीमतों पर भी असर हो सकता है. सीधें तौर पर न सही लेकिन कहीं न कहीं कीमतें कम हो सकती हैं.