अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. केरल सरकार ने अपने नए बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोड टैक्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. इस फैसले के बाद बजट और मिड-रेंज इलेक्ट्रिक कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएंगी, जिससे खरीदारों को सीधे हजारों रुपये का फायदा मिलेगा. हालांकि, लग्जरी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को अब पहले से ज्यादा टैक्स देना होगा.
15 से 20 लाख रुपये की EV खरीदने वालों को बड़ा फायदा
सरकार ने 15 लाख से 20 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स को 8 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है. यानी इस श्रेणी में आने वाली कारों को खरीदने वाले ग्राहकों को सीधे तौर पर 60,000 रुपये से लेकर 74,000 रुपये तक की बचत हो सकती है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी इलेक्ट्रिक कार की कीमत 20 लाख रुपये है, तो उसके रजिस्ट्रेशन के समय करीब 60,000 रुपये कम टैक्स देना होगा. यह एक बार मिलने वाली राहत होगी, जिसका फायदा वाहन खरीदते समय मिलेगा.
10 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारें भी हुईं सस्ती
केवल मिड-रेंज ही नहीं, बल्कि एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को भी राहत दी गई है. 10 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स को 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है. इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर ग्राहकों को लगभग 20,000 रुपये की सीधी बचत होगी. हालांकि 10 लाख से 15 लाख रुपये के बीच आने वाली कारों पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन पर पहले की तरह 5 प्रतिशत रोड टैक्स लागू रहेगा.
मिड-मार्केट EV सेगमेंट पर सरकार का फोकस
सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उस सेगमेंट को मिलने वाला है जहां देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री होती है. इस श्रेणी में टाटा, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियों के कई लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं. माना जा रहा है कि टैक्स में कटौती के बाद इस सेगमेंट की बिक्री को नई रफ्तार मिल सकती है.
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लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें खरीदना होगा महंगा
जहां आम खरीदारों को राहत मिली है, वहीं प्रीमियम और लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है. 40 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है. इसका असर सीधे तौर पर महंगी कारों के खरीदारों पर पड़ेगा.
50 लाख और 70 लाख रुपये की EV पर कितना बढ़ेगा खर्च?
नए टैक्स नियमों के तहत अगर कोई ग्राहक 50 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदता है, तो उसे रजिस्ट्रेशन के समय करीब 2.5 लाख रुपये अतिरिक्त टैक्स देना होगा. वहीं, 70 लाख रुपये कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार पर यह अतिरिक्त बोझ लगभग 3.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. यानी प्रीमियम EV खरीदने वालों की जेब पर अब ज्यादा असर पड़ेगा.
केरल सरकार पहले भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट दे चुकी है. हालांकि वर्ष 2024 में वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए यह राहत वापस ले ली गई थी. इसके बाद राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई थी. अब सरकार को उम्मीद है कि नए टैक्स ढांचे से EV बाजार को फिर से गति मिलेगी.
बस ऑपरेटरों को भी मिला फायदा
इस बजट में केवल इलेक्ट्रिक कारों को ही राहत नहीं दी गई है. सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) वाली बसों के लिए प्रति सीट टैक्स में करीब 55 प्रतिशत तक की कटौती की है. माना जा रहा है कि इस कदम से राज्य के पर्यटन और निजी परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी.
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अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. केरल सरकार ने अपने नए बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए रोड टैक्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं. इस फैसले के बाद बजट और मिड-रेंज इलेक्ट्रिक कारें पहले के मुकाबले सस्ती हो जाएंगी, जिससे खरीदारों को सीधे हजारों रुपये का फायदा मिलेगा. हालांकि, लग्जरी इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को अब पहले से ज्यादा टैक्स देना होगा.
15 से 20 लाख रुपये की EV खरीदने वालों को बड़ा फायदा
सरकार ने 15 लाख से 20 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स को 8 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है. यानी इस श्रेणी में आने वाली कारों को खरीदने वाले ग्राहकों को सीधे तौर पर 60,000 रुपये से लेकर 74,000 रुपये तक की बचत हो सकती है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी इलेक्ट्रिक कार की कीमत 20 लाख रुपये है, तो उसके रजिस्ट्रेशन के समय करीब 60,000 रुपये कम टैक्स देना होगा. यह एक बार मिलने वाली राहत होगी, जिसका फायदा वाहन खरीदते समय मिलेगा.
10 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारें भी हुईं सस्ती
केवल मिड-रेंज ही नहीं, बल्कि एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों को भी राहत दी गई है. 10 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स को 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दिया गया है. इसका मतलब है कि 10 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर ग्राहकों को लगभग 20,000 रुपये की सीधी बचत होगी. हालांकि 10 लाख से 15 लाख रुपये के बीच आने वाली कारों पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और उन पर पहले की तरह 5 प्रतिशत रोड टैक्स लागू रहेगा.
मिड-मार्केट EV सेगमेंट पर सरकार का फोकस
सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उस सेगमेंट को मिलने वाला है जहां देश में सबसे अधिक इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री होती है. इस श्रेणी में टाटा, एमजी और हुंडई जैसी कंपनियों के कई लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं. माना जा रहा है कि टैक्स में कटौती के बाद इस सेगमेंट की बिक्री को नई रफ्तार मिल सकती है.
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लग्जरी इलेक्ट्रिक कारें खरीदना होगा महंगा
जहां आम खरीदारों को राहत मिली है, वहीं प्रीमियम और लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों पर टैक्स बढ़ा दिया गया है. 40 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है. इसका असर सीधे तौर पर महंगी कारों के खरीदारों पर पड़ेगा.
50 लाख और 70 लाख रुपये की EV पर कितना बढ़ेगा खर्च?
नए टैक्स नियमों के तहत अगर कोई ग्राहक 50 लाख रुपये की इलेक्ट्रिक कार खरीदता है, तो उसे रजिस्ट्रेशन के समय करीब 2.5 लाख रुपये अतिरिक्त टैक्स देना होगा. वहीं, 70 लाख रुपये कीमत वाली इलेक्ट्रिक कार पर यह अतिरिक्त बोझ लगभग 3.5 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. यानी प्रीमियम EV खरीदने वालों की जेब पर अब ज्यादा असर पड़ेगा.
केरल सरकार पहले भी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट दे चुकी है. हालांकि वर्ष 2024 में वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए यह राहत वापस ले ली गई थी. इसके बाद राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ गई थी. अब सरकार को उम्मीद है कि नए टैक्स ढांचे से EV बाजार को फिर से गति मिलेगी.
बस ऑपरेटरों को भी मिला फायदा
इस बजट में केवल इलेक्ट्रिक कारों को ही राहत नहीं दी गई है. सरकार ने ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (AITP) वाली बसों के लिए प्रति सीट टैक्स में करीब 55 प्रतिशत तक की कटौती की है. माना जा रहा है कि इस कदम से राज्य के पर्यटन और निजी परिवहन क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी.
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