दुनिया में सबसे ज्यादा बाइक चलाने वाले देश कौन से हैं? भारत में ज्यादा जनसंख्या होने के बावजूद भी पीछे, जानिए कौन नंबर-1
Countries With most Bikes: दुनिया के कई देशों में मोटरसाइकिल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. इसी को लेकर आई एक नई रिपोर्ट में एशियाई देशों में इनका दबदबा देखने को मिला. भारत आज भी दुनिया के सबसे बड़े टू-व्हीलर बाजारों में शामिल है, जहां करोड़ों लोग रोजाना बाइक और स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन नंबर 1 और टू कोई और देश ही रहा.
Written By: Azhar Naim|Updated: May 26, 2026 15:54
Edited By : Azhar Naim|Updated: May 26, 2026 15:54
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दुनिया में सबसे ज्यादा बाइक कहां यूज होती है? (Image: AI)
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गाड़ियों की बढ़ती संख्या और ट्रैफिक के बीच दुनिया के कई देशों में मोटरसाइकिल आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुकी है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा मोटरसाइकिल इस्तेमाल करने वालों में कौन सा देश कितने स्थान पर है इसकी सूची आई है. अक्सर लोगों को लगता है भारत में जनसंख्या ज्यादा होने और अच्छी कीमतों पर आसानी से बाइक मिल जाने के कारण दुनिया में सबसे ज्यादा यहां बाइक खरीदी जाती होगी. लेकिन हकीकत हैरान करने वाला था.
इस सूची में वियतनाम पहले स्थान है. रिपोर्ट बताती है कि वहां हर 1000 लोगों पर करीब 770 मोटरसाइकिल मौजूद हैं, यानी लगभग हर व्यक्ति के पास अपनी बाइक या स्कूटर है. भारी ट्रैफिक, कम खर्च और आसान सफर की वजह से वहां टू-व्हीलर लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं. वहीं ताइवान दूसरे और इंडोनेशिया तीसरे स्थान पर शामिल हैं. एशियाई देशों का इस सूची में दबदबा साफ दिखाई देता है, जहां बाइक लोगों की दैनिक जरूरत बन चुकी है.
ताइवान और दक्षिण-पूर्व एशिया में क्यों बढ़ा टू-व्हीलर्स का क्रेज?
ताइवान को एशिया की 'स्कूटर कैपिटल' भी कहा जाता है क्योंकि यहां शहरों में स्कूटर सबसे सुविधाजनक यातायात साधन माना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान में प्रति व्यक्ति 0.62 मोटरसाइकिल दर्ज की गई हैं. कम पार्किंग स्पेस, तेज ट्रैफिक और कम ईंधन खर्च के कारण लोग कारों की बजाय स्कूटर और बाइक को ज्यादा पसंद करते हैं. इसी तरह इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों में भी दोपहिया वाहन रोजमर्रा के सफर का अहम हिस्सा बन चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले शहरों में बाइक सबसे तेज और सस्ता ट्रांसपोर्ट विकल्प बनकर उभरी है. यही कारण है कि इन देशों में मोटरसाइकिल उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है.
भारत पीछे क्यों?
भारत इस सूची में प्रति व्यक्ति बाइक उपयोग के मामले में 10वें स्थान पर जरूर है, लेकिन कुल टू-व्हीलर मार्केट के हिसाब से दुनिया में सबसे बड़ा देश माना जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 22 से 27 करोड़ तक टू-व्हीलर मौजूद हैं. देश की विशाल आबादी की वजह से प्रति व्यक्ति आंकड़ा कम दिखाई देता है, लेकिन वास्तविक संख्या बेहद बड़ी है. यहां Hero MotoCorp, Honda, TVS, Bajaj और Royal Enfield जैसी कई कंपनियां भारतीय बाजार की सबसे अच्छा खासा मुनाफा कमाती है. गांवों से लेकर बड़े शहरों तक बाइक लोगों के लिए सबसे सस्ता और भरोसेमंद सफर का माध्यम बन चुकी है. कम कीमत, बेहतर माइलेज और आसान फाइनेंसिंग इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है.
अब बढ़ रहा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का चलन
दुनियाभर में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल की कीमतों के कारण अब इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की मांग तेजी से बढ़ रही है, वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और ताइवान जैसे देशों में EV मार्केट को भविष्य का बड़ा अवसर माना जा रहा है, कई सरकारें पेट्रोल वाहनों को कम करने के लिए नई नीतियां बना रही हैं, भारत में भी Ola Electric, Ather, TVS iQube और Bajaj Chetak जैसे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बैटरी स्वैपिंग, सस्ते EV मॉडल और स्मार्ट कनेक्टेड टू-व्हीलर इस उद्योग की दिशा पूरी तरह बदल सकते हैं.
गाड़ियों की बढ़ती संख्या और ट्रैफिक के बीच दुनिया के कई देशों में मोटरसाइकिल आज लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुकी है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा मोटरसाइकिल इस्तेमाल करने वालों में कौन सा देश कितने स्थान पर है इसकी सूची आई है. अक्सर लोगों को लगता है भारत में जनसंख्या ज्यादा होने और अच्छी कीमतों पर आसानी से बाइक मिल जाने के कारण दुनिया में सबसे ज्यादा यहां बाइक खरीदी जाती होगी. लेकिन हकीकत हैरान करने वाला था.
इस सूची में वियतनाम पहले स्थान है. रिपोर्ट बताती है कि वहां हर 1000 लोगों पर करीब 770 मोटरसाइकिल मौजूद हैं, यानी लगभग हर व्यक्ति के पास अपनी बाइक या स्कूटर है. भारी ट्रैफिक, कम खर्च और आसान सफर की वजह से वहां टू-व्हीलर लोगों की पहली पसंद बन चुके हैं. वहीं ताइवान दूसरे और इंडोनेशिया तीसरे स्थान पर शामिल हैं. एशियाई देशों का इस सूची में दबदबा साफ दिखाई देता है, जहां बाइक लोगों की दैनिक जरूरत बन चुकी है.
ताइवान और दक्षिण-पूर्व एशिया में क्यों बढ़ा टू-व्हीलर्स का क्रेज?
ताइवान को एशिया की ‘स्कूटर कैपिटल’ भी कहा जाता है क्योंकि यहां शहरों में स्कूटर सबसे सुविधाजनक यातायात साधन माना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान में प्रति व्यक्ति 0.62 मोटरसाइकिल दर्ज की गई हैं. कम पार्किंग स्पेस, तेज ट्रैफिक और कम ईंधन खर्च के कारण लोग कारों की बजाय स्कूटर और बाइक को ज्यादा पसंद करते हैं. इसी तरह इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे देशों में भी दोपहिया वाहन रोजमर्रा के सफर का अहम हिस्सा बन चुके हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले शहरों में बाइक सबसे तेज और सस्ता ट्रांसपोर्ट विकल्प बनकर उभरी है. यही कारण है कि इन देशों में मोटरसाइकिल उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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भारत पीछे क्यों?
भारत इस सूची में प्रति व्यक्ति बाइक उपयोग के मामले में 10वें स्थान पर जरूर है, लेकिन कुल टू-व्हीलर मार्केट के हिसाब से दुनिया में सबसे बड़ा देश माना जाता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 22 से 27 करोड़ तक टू-व्हीलर मौजूद हैं. देश की विशाल आबादी की वजह से प्रति व्यक्ति आंकड़ा कम दिखाई देता है, लेकिन वास्तविक संख्या बेहद बड़ी है. यहां Hero MotoCorp, Honda, TVS, Bajaj और Royal Enfield जैसी कई कंपनियां भारतीय बाजार की सबसे अच्छा खासा मुनाफा कमाती है. गांवों से लेकर बड़े शहरों तक बाइक लोगों के लिए सबसे सस्ता और भरोसेमंद सफर का माध्यम बन चुकी है. कम कीमत, बेहतर माइलेज और आसान फाइनेंसिंग इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है.
अब बढ़ रहा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स का चलन
दुनियाभर में बढ़ते प्रदूषण और पेट्रोल की कीमतों के कारण अब इलेक्ट्रिक स्कूटर और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल की मांग तेजी से बढ़ रही है, वियतनाम, भारत, इंडोनेशिया और ताइवान जैसे देशों में EV मार्केट को भविष्य का बड़ा अवसर माना जा रहा है, कई सरकारें पेट्रोल वाहनों को कम करने के लिए नई नीतियां बना रही हैं, भारत में भी Ola Electric, Ather, TVS iQube और Bajaj Chetak जैसे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. इसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में बैटरी स्वैपिंग, सस्ते EV मॉडल और स्मार्ट कनेक्टेड टू-व्हीलर इस उद्योग की दिशा पूरी तरह बदल सकते हैं.