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पानी में डूब गई कार? तुरंत करें ये 5 काम, वरना इंजन से लेकर इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक हो जाएगा कबाड़!

बारिश के पानी में कार फंसने या डूबने पर घबराकर उसे स्टार्ट करना भारी पड़ सकता है. जानिए ऐसी स्थिति में कौन से 5 काम तुरंत करने चाहिए, ताकि कार को और ज्यादा नुकसान से बचाया जा सके.

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मानसून में तेज बारिश के बाद सड़को पर जलभराव होना आम बात है. कई बार पानी इतना बढ़ा जाता है कि कार बीच सड़क पर फंस जाती है और कुछ मामलों में कार का बड़ा हिस्सा पानी में डूब जाता है. ऐसी स्थिति में घबराकर कार स्टार्ट करना या उसे पानी से निकालने के लिए तत्काल चलाना नुकसान को और बढ़ा सकता है. पानी इंजन से लेकर इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक को खराब कर सकता है. अगर आपकी कार भी बारिश या बाढ़ी के पानी में फंस गई है तो सबसे पहले ये 5 काम करें.

कार को दोबारा स्टार्ट न करें

पानी में फंसने के बाद कार को दोबारा स्टार्ट करना सबसे बड़ी गलती हो सकती है. अगर पानी इंजन के एयर इनटेक के रास्ते अंदर पहुंच गया है तो इंजन चालू करने पर यह पानी सिलेंडर तक पहुंच सकता है. इससे इंजन को गंभीर नुकसान हो सकता है. इसलिए पानी कम होन के बाद भी बिना जांच के कार की चाबी घुमाने या इंजन स्टार्ट करने की कोशिश न करें.

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कार से बाहर निकलना हो तो सुरक्षा का ध्यान रखें

अगर कार के अंदर पानी तेजी से भर रहा है और वहां रहना सुरक्षित नहीं है तो सबसे पहले अपनी और कार में बैठे लोगों की सुरक्षा के बारे में सोचें. कार को बचाने के चक्कर में खुद को खतरे में न डाले. पानी का बहाव तेज होने पर कार से बाहर निकलकर किसी सुरक्षित और ऊंची जगह पर जाना ज्यादा जरूरी है. आसपास बिजली के तार या खंभें हों तो उनसे दूरी बनाए रखें.

बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को न छेड़ें

पानी में डूबी कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में शॉर्ट सर्किट का खतरा हो सकता है. ऐसे में बिना जानकारी के बैटरी वायरिंग, फ्यूट या दूसरे इलेक्ट्रिकल पार्ट्स खोलने की कोशिश न करें. इलेक्ट्रिकल और हाइब्रिड कारों मे यह सावधानी भी जरूरी है, क्योंकि इनमें हाई-वोल्टेज सिस्टम मौजूद होता है. ऐसी कार में खुद से किसी तरह की मरम्मत करना खतरनाक हो सकता है.

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कार को टो कराकर सर्विस सेंटर ले जाएं

पानी कम होने के बाद भी कार को खुद चलाकर सर्विस सेंटर ले जाे की कोशिश न करें बेहतर होगा कि इंश्योरेंस कंपनी की रोडसाइड असिस्टेंस या किसी प्रोफेशनल टोइंग सर्विस की मदद ली जाए. सर्विस सेंटर पर मैकेनिक को कार की पूरी चेकिंग करने दें. इंजन ब्रेक गियरबॉक्स, एयर फिल्टर, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और दूसरे जरूरी हिस्सों में पानी पहुंचा है या नहीं इसकी जांच कराना जरूरी है.

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इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचना दें

अगर जलभराव या बाढ़ के पानी से कार को नुकसान हुआ है तो जल्द से जल्द अपनी इंश्योरेंस कंपनी को इसकी जानकारी दें. नुकसान की फोटो और वीडियो भी सुरक्षित रखें. कार और उसके आसपास जमा पानी की तस्वीरें क्लेम के दौरान काम आ सकती हैं. इंश्योरेंस कंपनी की प्रक्रिया और अनुमति समझने के बाद ही कार को रिपेयर के लिए भेजें. जरूरी दस्तावेज और सबूत होने से नुकसान का आंकलन करने में आसानी होती है.

कार से ज्यादा जरूरी आपकी सुरक्षा है

बारिश के पानी में फंसी कार को बचाने की कोशिस में अपनी जान जोखिम में डालना सही नहीं है. तेज बहाव वाले पानी में कार चलाने या लंबे समय तक उसके अंदर रहने से बचें. अगर पानी लगातार बढ़ रहा है तो जितनी जल्दी हो सके सुरक्षित जगह पर पहुंचे और जरूरत पड़ने पर स्थानीय आपातकालीन सेवाओं की मदद लें.

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First published on: Aug 27, 2026 10:07 AM

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