अब बाइक-स्कूटर में भी बजेगा स्पीड अलर्ट! सरकार ला रही ये 2 नए सेफ्टी नियम

सड़क हादसों को कम करने के लिए सरकार दोपहिया वाहनों के सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है. नए प्रस्ताव के तहत बाइक और स्कूटर में स्पीड अलर्ट सिस्टम और रिफ्लेक्टिव टायर्स या टेपिंग अनिवार्य की जा सकती है. जानें क्या बदलने वाला है.

two wheeler safety rules

बाइक-स्कूटर वालों के लिए बड़ा बदलाव! (Image Credit-Magnific)

भारत में सड़क हादसों को कम करने और दोपहिया वाहन चलाने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नए प्रस्तावों के तहत आने वाले समय में देश में बनने और बिकने वाली सभी बाइक और स्कूटर में स्पीड अलर्ट सिस्टम और रिफ्लेक्टिव टायर्स जैसे सुरक्षा फीचर्स अनिवार्य किए जा सकते हैं. इसका मकसद तेज रफ्तार में होने वाल हादसों को कम करने के साथ रात और कोहरे में दोपहिया वाहनों की विजिबिलिटी बेहतर करना है.

विज्ञापन

बाइक-स्कूटर में बदल सकते हैं सुरक्षा नियम

सरकार टू-व्हीलर्स के लिए सेफ्टी मानकों को और मजबूत करने पर विचार कर रही है. प्रस्ताव लागू होने के बाद नए बाइक और स्कूटर में कुछ एक्स्ट्रा सुरक्षा फीचर्स देना जरूरी हो सकता है. इसके लिए सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों और इंडस्ट्री से जुड़ लोगों के साथ चर्चा कर रही है.

विज्ञापन

स्पीड बढ़ते ही मिलेगा अलर्ट

नए प्रस्ताव में टू-व्हीलर्स के लिए स्पीड अलर्ट सिस्टम शामिल किया जा सकता है. गाड़ी तय स्पीड से ऊपर जाते ही यह सिस्टम राइडर को ऑडियो या विजुअल सिग्नल के जरिए अलर्ट करेगा. इसका मकसद राइडर को समय रहते अपनी स्पीड कम करने के लिए सावधान करना है.

कारों की तरह बाइक में भी स्पीड अलर्ट

फोर-व्हीलर्स में पहले से ही ज्यादा स्पीड पर बीप के जरिए अलर्ट देने की व्यवस्था है. उदाहरण के तौर पर 80 किमी/घंटा और 120 किमी/घंटा की रफ्तार पार करने पर अलर्च मिलता है. इसी तरह की व्यवस्था अब बाइक और स्कूटर में भी लागू की जा सकती है. इससे राइडर को लगातार अपनी गति पर नजर रखने में मदद मिलेगी.

विज्ञापन

रिफ्लेक्टिव टायर्स से रात में बढ़ेगी विजिबिलिटी

दूसरा बड़ा बदलाव रिफ्लेक्टिव टायर्स या रिफ्लेक्टिव टेपिंग को लेकर है. रात या कोहरे में कई बार सड़क पर चल रहे या खड़े टू-व्हीलर वाहन पीछे या साइड से आने वाले वाहन को साफ दिखाई नहीं देते. ऐसे में टक्कर का खतरा बढ जाता है. रिफ्लेक्टिव टायर और टेपिंग इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं.

हेडलाइट पड़ते ही चमकेंगे रिफ्लेक्टिव टायर

रिफ्लेक्टिव टायर्स की खासियत यह है कि रात में किसी दूसरे वाहना की हेडलाइट जब इन पर पड़ती है तो रोशनी को रिफ्लेक्ट करते हैं. इससे बाइक या स्कूटर दूर से ही दूसरे वाहन चालक को दिखाई दे सकता है. इससे खासकर रात के समय दोपहिया वाहनों की विजिबिलिटी बेहतर होने की उम्मीद है.

विज्ञापन

विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए दोपहिया वाहनों के साइड और पिछले हिस्से पर हाई-क्वालिटी रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स लगाने का नियम भी लाया जा सकता है. इसका फायदा यह होगा कि पीछे या साइड से आने वाले वाहन चालकों को कम रोशनी में भी बाइक या स्कूटर की मौजूदगी का अंदाजा जल्दी लग सकेगा.

विज्ञापन

कंपनियों के साथ चर्चा कर रही सरकार

इन सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए सरकार ऑटोमोबाइल निर्माताओं यानी OEMs और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ चर्चा कर रही है. नए सुरक्षा मानकों का असर दोपहिया वाहनों की निर्माण प्रक्रिया और तकनीक पर भी पड़ सकता है. अगर प्रस्ताव लागू होता है तो आने वाले नए बाइक और स्कूटर पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स के साथ बाजार में आ सकते हैं.

कब से लागू होंगे नए नियम?

फिलहाल इन प्रस्तावित नियमों को लागू करने की अंतिम समयसीम तय नहीं हुई है. सरकार इस पर आगे काम कर रही है और आने वाले चरणों में इन फीचर्स को नए दोपहिया वाहनों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है. फिलहाल यह एक प्रस्ताव है, इसलिए अंतिम नियम और उनकी समयसीमा की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा.

विज्ञापन
Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ