भारत में सड़क हादसों को कम करने और दोपहिया वाहन चलाने वालों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सरकार सुरक्षा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के नए प्रस्तावों के तहत आने वाले समय में देश में बनने और बिकने वाली सभी बाइक और स्कूटर में स्पीड अलर्ट सिस्टम और रिफ्लेक्टिव टायर्स जैसे सुरक्षा फीचर्स अनिवार्य किए जा सकते हैं. इसका मकसद तेज रफ्तार में होने वाल हादसों को कम करने के साथ रात और कोहरे में दोपहिया वाहनों की विजिबिलिटी बेहतर करना है.
बाइक-स्कूटर में बदल सकते हैं सुरक्षा नियम
सरकार टू-व्हीलर्स के लिए सेफ्टी मानकों को और मजबूत करने पर विचार कर रही है. प्रस्ताव लागू होने के बाद नए बाइक और स्कूटर में कुछ एक्स्ट्रा सुरक्षा फीचर्स देना जरूरी हो सकता है. इसके लिए सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों और इंडस्ट्री से जुड़ लोगों के साथ चर्चा कर रही है.
स्पीड बढ़ते ही मिलेगा अलर्ट
नए प्रस्ताव में टू-व्हीलर्स के लिए स्पीड अलर्ट सिस्टम शामिल किया जा सकता है. गाड़ी तय स्पीड से ऊपर जाते ही यह सिस्टम राइडर को ऑडियो या विजुअल सिग्नल के जरिए अलर्ट करेगा. इसका मकसद राइडर को समय रहते अपनी स्पीड कम करने के लिए सावधान करना है.
कारों की तरह बाइक में भी स्पीड अलर्ट
फोर-व्हीलर्स में पहले से ही ज्यादा स्पीड पर बीप के जरिए अलर्ट देने की व्यवस्था है. उदाहरण के तौर पर 80 किमी/घंटा और 120 किमी/घंटा की रफ्तार पार करने पर अलर्च मिलता है. इसी तरह की व्यवस्था अब बाइक और स्कूटर में भी लागू की जा सकती है. इससे राइडर को लगातार अपनी गति पर नजर रखने में मदद मिलेगी.
रिफ्लेक्टिव टायर्स से रात में बढ़ेगी विजिबिलिटी
दूसरा बड़ा बदलाव रिफ्लेक्टिव टायर्स या रिफ्लेक्टिव टेपिंग को लेकर है. रात या कोहरे में कई बार सड़क पर चल रहे या खड़े टू-व्हीलर वाहन पीछे या साइड से आने वाले वाहन को साफ दिखाई नहीं देते. ऐसे में टक्कर का खतरा बढ जाता है. रिफ्लेक्टिव टायर और टेपिंग इस समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं.
हेडलाइट पड़ते ही चमकेंगे रिफ्लेक्टिव टायर
रिफ्लेक्टिव टायर्स की खासियत यह है कि रात में किसी दूसरे वाहना की हेडलाइट जब इन पर पड़ती है तो रोशनी को रिफ्लेक्ट करते हैं. इससे बाइक या स्कूटर दूर से ही दूसरे वाहन चालक को दिखाई दे सकता है. इससे खासकर रात के समय दोपहिया वाहनों की विजिबिलिटी बेहतर होने की उम्मीद है.
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विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए दोपहिया वाहनों के साइड और पिछले हिस्से पर हाई-क्वालिटी रिफ्लेक्टिव स्टिकर्स लगाने का नियम भी लाया जा सकता है. इसका फायदा यह होगा कि पीछे या साइड से आने वाले वाहन चालकों को कम रोशनी में भी बाइक या स्कूटर की मौजूदगी का अंदाजा जल्दी लग सकेगा.
कंपनियों के साथ चर्चा कर रही सरकार
इन सुरक्षा नियमों को लागू करने के लिए सरकार ऑटोमोबाइल निर्माताओं यानी OEMs और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ चर्चा कर रही है. नए सुरक्षा मानकों का असर दोपहिया वाहनों की निर्माण प्रक्रिया और तकनीक पर भी पड़ सकता है. अगर प्रस्ताव लागू होता है तो आने वाले नए बाइक और स्कूटर पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षा फीचर्स के साथ बाजार में आ सकते हैं.
कब से लागू होंगे नए नियम?
फिलहाल इन प्रस्तावित नियमों को लागू करने की अंतिम समयसीम तय नहीं हुई है. सरकार इस पर आगे काम कर रही है और आने वाले चरणों में इन फीचर्स को नए दोपहिया वाहनों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है. फिलहाल यह एक प्रस्ताव है, इसलिए अंतिम नियम और उनकी समयसीमा की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा.
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