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गाड़ियों में लगने वाले सेफ्टी रडार पर सरकार बड़ा फैसला, सस्ती कारों में भी मिलेगी यह हाईटेक तकनीक

अब आपकी कार खतरे को पहले ही पहचान लेगी! सरकार के नए फैसले के बाद स्मार्ट रडार तकनीक का रास्ता आसान हो गया है, जिससे आने वाले समय में सस्ती गाड़ियों में भी एडवांस सेफ्टी फीचर्स देखने को मिल सकते हैं. आखिर क्या है यह रडार सिस्टम और इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा, जानिए पूरी जानकारी.

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Car Radar License Rule: आज की मॉर्डन कारें सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का साधन नहीं रह गई हैं, बल्कि वे पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट और सुरक्षित हो चुकी हैं. कल्पना कीजिए कि आप हाईवे पर सफर कर रहे हैं और अचानक सामने वाली गाड़ी ब्रेक लगा देती है. ऐसे में आपकी कार खुद खतरे को पहचानकर समय रहते ब्रेक लगा दे और बड़ा हादसा टल जाए. यह सब संभव होता है गाड़ी में लगे खास रडार सिस्टम की मदद से. अब सरकार ने इसी तकनीक को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जिससे आने वाले समय में यह फीचर ज्यादा से ज्यादा वाहनों तक पहुंच सकता है.

गाड़ियों में लगने वाले रडार पर बड़ा फैसला

दूरसंचार विभाग (DoT) ने 11 जून 2026 को एक नया नियम जारी किया है. इसके तहत वाहनों में इस्तेमाल होने वाले रडार सिस्टम के लिए अब किसी प्रकार के लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी. पहले इस तरह के रडार वायरलेस उपकरणों की श्रेणी में आते थे, इसलिए इनके इस्तेमाल और बिक्री पर लाइसेंस संबंधी नियम लागू होते थे. नए फैसले के बाद अब इन्हें लगाना, रखना और बेचना आसान हो जाएगा. यह नियम कार, बस, ट्रक, बाइक, स्कूटर और यहां तक कि ट्रेनों पर भी लागू होगा.

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आखिर यह रडार करता क्या है?

नई पीढ़ी की गाड़ियों में मिलने वाले कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स इसी रडार तकनीक पर आधारित होते हैं. यह सिस्टम लगातार सड़क और आसपास मौजूद वाहनों पर नजर रखता है. इसकी मदद से टक्कर की आशंका होने पर ड्राइवर को पहले से चेतावनी मिलती है, जरूरत पड़ने पर वाहन खुद ब्रेक लगा सकता है, ब्लाइंड स्पॉट में मौजूद गाड़ियों की जानकारी देता है और हाईवे पर स्पीड को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है. आसान शब्दों में कहें तो यह रडार ड्राइवर की एक अतिरिक्त आंख की तरह काम करता है.

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सरकार ने क्यों हटाई लाइसेंस की बाध्यता?

अब तक लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं की वजह से वाहन कंपनियों के लिए इस तकनीक को भारत में लाना अपेक्षाकृत महंगा और जटिल था. यही कारण था कि ऐसे फीचर्स ज्यादातर प्रीमियम और महंगी गाड़ियों तक सीमित थे. सरकार का मानना है कि लाइसेंस की शर्त हटाने से इस तकनीक को अपनाना आसान होगा और वाहन निर्माता इसे ज्यादा मॉडलों में उपलब्ध करा सकेंगे.

आम ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?

इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा वाहन खरीदारों को मिल सकता है. जब कंपनियों के लिए रडार आधारित सेफ्टी फीचर्स लगाना आसान और कम खर्चीला होगा, तो आने वाले समय में बजट कारों और दोपहिया वाहनों में भी ऐसे फीचर्स देखने को मिल सकते हैं. इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी और दुर्घटनाओं की संख्या कम करने में मदद मिलेगी, क्योंकि वाहन पहले से खतरे को पहचानकर ड्राइवर को सतर्क कर सकेगा.

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सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी हैं

हालांकि सरकार ने लाइसेंस से छूट दी है, लेकिन इसके साथ कुछ नियम भी तय किए हैं. रडार सिस्टम को निर्धारित तकनीकी दायरे में ही काम करना होगा. अगर किसी उपकरण से दूसरे वायरलेस सिस्टम में रुकावट पैदा होती है, तो सरकार उसकी पावर कम करने या उसे हटाने का निर्देश दे सकती है. इसके अलावा कंपनियों को अपने उपकरणों के लिए सरकारी पोर्टल पर जरूरी मंजूरी भी प्राप्त करनी होगी.

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First published on: Jun 12, 2026 03:52 PM

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About the Author

Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

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Mikita Acharya

Mikita Acharya (मिकिता आचार्य): इन्होंने पत्रकारिता की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के स्कूल ऑफ जर्नालिज्म से 2019 में पूरी की। इसी साल अपने करियर की शुरुआत ETV Bharat के स्टेट डेस्क से की। मिकिता ने दैनिक भास्कर में 3 साल से ज्यादा समय तक काम करते हुए जमीनी रिपोर्टिंग से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत पकड़ बनाई। बाद में उन्होंने पंजाब केसरी ग्रुप के साथ भी काम किया। पत्रकारिता में 5.5 साल के अनुभव के साथ वर्तमान में ये News 24 में सीनियर कॉन्टेंट राइटर हैं और यहां ऑटो व टेक बीट को कवर करती हैं। तेज रफ्तार ऑटोमोबाइल दुनिया और बदलती टेक्नोलॉजी को सरल भाषा में पेश करना इनकी खासियत है।

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