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Car Tips in Rain: बारिश के बाद सड़क पर भरा पानी बना सकता है आपकी कार का दुश्मन! पेट्रोल हो या EV, भूलकर भी न करें ये गलतियां

अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि बारिश के कारण जलभराव जैसी स्थिति में पेट्रोल कार या फिर EV कार को पानी में से ले जाना सही है या नहीं? जानिए कब यह आपकी कार को नुकसान पहुंचा सकता है.

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खबर की मुख्य बातें

  • भारी जलभराव में पेट्रोल, डीजल और EV तीनों तरह की गाड़ियों को नुकसान हो सकता है.
  • इंजन में पानी जाने पर पेट्रोल-डीजल कार का इंजन पूरी तरह खराब हो सकता है.
  • EV में हाई-वोल्टेज सिस्टम सुरक्षित होते हैं, लेकिन गहरे पानी में फंसने पर जोखिम बढ़ जाता है.
  • पानी भरी सड़क पर कुछ छोटी गलतियां लाखों रुपये का नुकसान करा सकती हैं.
  • बारिश के मौसम में कार चलाते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है.

दिल्ली, मुंबई समेत भारत के कई शहरों में बारिश के बाद हमेशा जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिसके चलते छोटी दूरी तय करने में घंटों का समय लग जाता है. बारिश में जलभराव के कारण भारी ट्रैफिक से राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, यूपी आदि हर राज्य व शहरों में रहने वाले लाखों लोगों को इस मुश्किल वक्त से गुजरना पड़ता है. आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ अंडरपास या सड़क पर भारी मात्रा में पानी जमा होने के कारण कारें अचानक बीच में ही बंद हो जाती हैं और कुछ पूरी तरह डूब भी जाती हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या बारिश का पानी पेट्रोल, डीजल या इलेक्ट्रिक (EV) कार को नुकसान पहुंचा सकता है? आइए जानते हैं पूरी सच्चाई.

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यह भी पढ़ें: ऑफिस आने-जाने के लिए चाहिए बजट कार? ये 5 गाड़ियां देती हैं शानदार माइलेज, कीमत 3.69 लाख से शुरू

बारिश में सबसे आम है ये गलतियां

दिल्ली व अन्य शहरों में तेज बारिश के बाद कई जगह की सड़कें तालाब जैसी बन जाती हैं. अगर पानी का स्तर टायर के आधे हिस्से से ऊपर पहुंच जाए तो इंजन, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, ब्रेक और ट्रांसमिशन पर असर पड़ सकता है, इसलिए ऐसे रास्तों के इस्तेमाल से बचना चाहिए. सबसे ज्यादा नुकसान तब होता है जब चालक पानी में फंसी कार को बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश करता है.

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पेट्रोल और डीजल कार में क्या नुकसान हो सकता है?

इंजन हाइड्रोलॉक (Hydrolock)

इंजन हाइड्रोलॉक तब होता है, जब जलभराव वाली सड़क से गुजरते समय एयर इंटेक के जरिए पानी इंजन के सिलेंडर में पहुंच जाता है. पानी हवा की तरह कंप्रेस नहीं होता, जिससे पिस्टन और अन्य इंजन पार्ट्स पर अत्यधिक दबाव पड़ता है. इससे इंजन अचानक बंद हो सकता है, अंदरूनी हिस्से टूट या मुड़ सकते हैं और कई मामलों में पूरा इंजन बदलने तक की नौबत आ जाती है, जिससे लाखों रुपये का खर्च हो सकता है.

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इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराब

बारिश या जलभराव के दौरान पानी कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम तक पहुंच सकता है. इससे ECU (Engine Control Unit), सेंसर, वायरिंग, फ्यूज और बैटरी में खराबी आ सकती है. इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खराब होने पर कार स्टार्ट होने में दिक्कत, अचानक बंद होने या कई फीचर्स काम करना बंद करने जैसी समस्याएं आ सकती हैं. इसकी मरम्मत में काफी खर्च भी हो सकता है.

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ब्रेक और क्लच पर असर

लगातार पानी में कार चलाने से ब्रेक पैड, डिस्क और अन्य हिस्सों पर पानी का असर पड़ सकता है, जिससे कुछ समय के लिए ब्रेक की पकड़ कमजोर हो सकती है. वहीं मैनुअल कारों में ज्यादा पानी भरने की स्थिति में क्लच सिस्टम प्रभावित हो सकता है, जिससे गियर बदलने में परेशानी आ सकती है.

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इंजन ऑयल दूषित

अगर जलभराव के कारण पानी इंजन के अंदर पहुंच जाता है, तो यह इंजन ऑयल के साथ मिलकर उसे खराब कर सकता है. दूषित ऑयल इंजन के पार्ट्स को सही तरीके से लुब्रिकेशन नहीं दे पाता, जिससे घिसाव बढ़ सकता है और इंजन की परफॉर्मेंस व लाइफ पर असर पड़ सकता है. समय पर जांच और ऑयल बदलना जरूरी होता है. कुल मिलाकर यह बात तय है कि अगर आपके पास पेट्रोल या डीजल वाली गाड़ी है, और आप उसे पानी वाले रास्ते से ले जाते हैं, तो इससे कार पर असर पड़ सकता है.

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क्या EV कार भी पानी में हो सकती है खराब?

कई लोगों को लगता है कि इलेक्ट्रिक कार पानी के संपर्क में आते ही करंट फैलाने लगती है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. आधुनिक EV कारों में बैटरी पैक और हाई-वोल्टेज सिस्टम को खास सुरक्षा के साथ डिजाइन किया जाता है. बैटरी पैक आमतौर पर सील और वाटर-रेसिस्टेंट होते हैं, जिससे सामान्य बारिश या हल्के जलभराव में तुरंत खतरा नहीं होता. इसलिए आपको बारिश के दौरान घबराने की जरूरत नहीं है.

कार में समस्याकैसे हो सकता है नुकसान?क्या करें?
इंजन हाइड्रोलॉकएयर इंटेक से पानी इंजन के अंदर जाने पर पिस्टन और इंजन पार्ट्स खराब हो सकते हैं.पानी में बंद हुई कार को दोबारा स्टार्ट न करें और टो कराएं.
इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराबपानी ECU, सेंसर, वायरिंग, फ्यूज और बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है.जलभराव के बाद इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच जरूर करवाएं.
ब्रेक और क्लच पर असरज्यादा पानी में चलने से ब्रेक की पकड़ कम हो सकती है और क्लच प्रभावित हो सकता है.धीरे चलाएं और ब्रेक सिस्टम को चेक करवाएं.
इंजन ऑयल खराबइंजन में पानी जाने से ऑयल दूषित हो सकता है, जिससे इंजन घिस सकता है.ऑयल की जांच कराएं और जरूरत पड़ने पर बदलें.
EV बैटरी और हाई-वोल्टेज सिस्टमगहरे पानी में लंबे समय तक रहने से बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं.EV को दोबारा स्टार्ट न करें और सर्विस सेंटर से संपर्क करें.
बार-बार सेल्फ स्टार्ट करनाइंजन में पानी होने पर बार-बार स्टार्ट करने से नुकसान बढ़ सकता है.कार बंद हो जाए तो तुरंत विशेषज्ञ की मदद लें.

कब दे सकती है EV गाड़ी दिक्कत?

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि EV पूरी तरह पानी से सुरक्षित है. अगर कार लंबे समय तक गहरे पानी में डूबी रहे या बाढ़ जैसी स्थिति में फंस जाए, तो बैटरी पैक, इलेक्ट्रिक मोटर और हाई-वोल्टेज कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसी स्थिति में EV को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि तुरंत रोडसाइड असिस्टेंस या सर्विस सेंटर से संपर्क करना चाहिए, ताकि वक्त रहते उसके पार्ट्स को ठीक किया जा सके.

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पानी में फंस जाए कार तो बिल्कुल न करें ये गलतियां

अक्सर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि अगर वह बारिश के दौरान जलभराव वाले सड़कों पर फंस जाएं, तो क्या करना चाहिए और किन गलतियों से परहेज करना चाहिए?

बार-बार सेल्फ स्टार्ट न करें.
तेज एक्सीलेटर न दबाएं.
गहरे पानी में कार निकालने की कोशिश न करें.
इंजन में पानी जाने की आशंका हो तो कार टो कराएं.
EV में किसी भी हाई-वोल्टेज हिस्से को खुद न छुएं.

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बारिश में कार चलाते समय अपनाएं ये जरूरी टिप्स

  • जहां पानी ज्यादा भरा हो वहां से गाड़ी निकालने की कोशिश न करें.
  • दूसरी गाड़ियों के पीछे सुरक्षित दूरी रखें.
  • धीरे और स्थिर गति से चलें.
  • अचानक ब्रेक लगाने से बचें.
  • हेडलाइट और हैजर्ड लाइट का सही इस्तेमाल करें.
  • अगर सड़क दिखाई नहीं दे रही हो तो वैकल्पिक रास्ता चुनें.

बारिश के बाद क्या करें?

  • ब्रेक को हल्का-हल्का दबाकर सुखाएं.
  • कार के नीचे किसी तरह का लीकेज जांचें.
  • एयर फिल्टर की जांच करवाएं.
  • इंजन ऑयल और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का निरीक्षण कराएं.
  • EV हो तो अधिकृत सर्विस सेंटर से बैटरी हेल्थ चेक जरूर कराएं.

बारिश में गाड़ी खराब हो जाए, तो क्या इंश्योरेंस से मिलेगा फायदा?

अगर आपकी कार Comprehensive Insurance के तहत Flood या Water Damage को कवर करती है तो मरम्मत का खर्च काफी हद तक कवर हो सकता है. हालांकि इंजन में पानी जाने के बाद बार-बार स्टार्ट करने से हुए नुकसान पर कई पॉलिसियों में क्लेम नहीं मिलता. इसलिए पॉलिसी की शर्तें जरूर पढ़ें और सोच समझकर पॉलिसी का चयन करें.

मुख्य निष्कर्ष: – दिल्ली में बारिश के दौरान जलभराव को हल्के में लेना महंगा पड़ सकता है. पेट्रोल, डीजल और EV तीनों गाड़ियों को गहरे पानी से नुकसान हो सकता है. अगर आपकी कार पानी में फंस जाए तो उसे बार-बार स्टार्ट करने की बजाय सुरक्षित जगह ले जाएं या टोइंग की मदद लें. थोड़ी सी सावधानी आपकी लाखों रुपये की गाड़ी और आपकी सुरक्षा दोनों बचा सकती है.

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यह भी पढ़ें: E20 Petrol पर नितिन गडकरी की खुली चुनौती! बोले- एक भी ऐसी कार बताइए जिसे इससे हुआ हो

Frequently Asked Questions

हां, जलभराव में पानी इंजन के अंदर जाने से हाइड्रोलॉक हो सकता है, जिससे इंजन को भारी नुकसान पहुंच सकता है.
नहीं, बार-बार सेल्फ लगाने से इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम का नुकसान बढ़ सकता है.
EV में बैटरी और हाई-वोल्टेज सिस्टम सील होते हैं, लेकिन गहरे पानी में लंबे समय तक फंसने पर नुकसान हो सकता है.
अगर पानी टायर के आधे हिस्से से ऊपर पहुंच जाए तो कार चलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इंजन और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स प्रभावित हो सकते हैं.
ब्रेक, इंजन ऑयल, एयर फिल्टर, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और EV में बैटरी हेल्थ की जांच करवानी चाहिए.
First published on: Jul 08, 2026 04:14 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. वह ट्रेनी के रूप में ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखते आए हैं. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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