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Palm Sunday 2023: ईसाई धर्म में क्या है Palm Sunday? क्या है इस दिन का महत्व और मान्यताएं, यहां जानें सब कुछ

Palm Sunday 2023: खजूर रविवार या Palm Sunday ईसाई धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। इस बार Palm Sunday 2 अप्रैल 2023 को है। बाइबल के अनुसार इस दिन यीशु के यरुशलम पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत खजूर की डालियां लहराते हुए किया था। Palm Sunday से पवित्र सप्ताह की शुरुआत होती […]

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Palm Sunday 2023: खजूर रविवार या Palm Sunday ईसाई धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है। इस बार Palm Sunday 2 अप्रैल 2023 को है। बाइबल के अनुसार इस दिन यीशु के यरुशलम पहुंचने पर लोगों ने उनका स्वागत खजूर की डालियां लहराते हुए किया था।

Palm Sunday से पवित्र सप्ताह की शुरुआत होती है

ईसाई धर्मावलंबियों के लिए Palm Sunday से पवित्र सप्ताह की शुरुआत होती है। जिसके बाद इसका समापन ईस्टर के दिन होता है। इस मौके पर विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं और बाइबल का पाठ किया जाता है। Palm Sunday के दिन प्रभु यीशू यरुशलम पहुंचे थे।

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Palm Sunday का महत्व और इससे जुडी मान्यताएं

Palm Sunday के दिन प्रभु यीशू के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग यरुशलम में पहुंचे थे। इन लोगों के हाथ में खजूर की डालियां थी। लोगों ने इन डालियों को लहराते हुए प्रभु यीशू का स्वागत किया था। इसी दिन के याद में हर साल Palm Sunday मनाया जाता है और यीशू को सलीब पर चढ़ाए जाने से पहले उनका स्वागत किया जाता है।

प्रभु यीशू गधे पर चढ़कर यरुशलम पहुंचे थे

जानकारी के मुताबिक सन 29 ई. में प्रभु यीशू गधे पर चढ़कर यरुशलम पहुंचे थे। बताया जाता है कि उस दिन रविवार था। लोगों ने उनके पहुंचने पर गीत गाए और बाइबल का पाठ किया। लोगों ने अपने मसीहा का पाम की डालियां और पत्तियों से स्वागत किया।

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शिष्यों के साथ अंतिम भोज

बताते हैं प्रभु यीशू ने अपने शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया था। कथा है कि उनके शिष्य जुदास ने उन्हें धोखा दिया था। जिसके बाद उन्हें यहूदियों ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद प्रभू यीशू को यहूदियों की महासभा में पेश किया गया। जहां उन्हें प्राणदंड का आदेश दिया हुआ।

इसलिए मनाया जाता है ‘गुड फ्रायडे’ 

प्रभू को जिन दिन सूली दी गई उस दिन शुक्रवार था। इसलिए इसे ‘गुड फ्रायडे’ कहते हैं। यह भी कहा जाता है कि रविवार के दिन सिर्फ एक स्त्री (मेरी मेग्दलेन) ने उन्हें उनकी कब्र के पास जीवित देखा था। जीवित देखे जाने की इस घटना को ‘ईस्टर’ के रूप में मनाया जाता है।

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Disclaimer: खबर में दी गई सूचना मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। किसी भी मान्यता को मानने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।

First published on: Apr 01, 2023 08:41 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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