Sunil Sharma
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Jyotish Tips: भारतीय वैदिक परंपरा में हर रंग का अपना एक अलग महत्व बताया गया है। सभी रंगों को अलग-अलग देवी-देवताओं तथा ऊर्जा से जोड़ा गया है। उन्हें सत, रज और तम में भी बांटा गया है। इन सभी रंगों में सफेद को सात्विक, सौम्य और दैवीय माना गया है। वहीं दूसरी ओर काले रंग को तमोगुणी मान कर उसका अलग महत्व वर्णित किया गया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार काला रंग तामसी है। तंत्र-मंत्र में इसे प्रलय का रंग कहा गया है, जिसमें अंत में सब कुछ विलीन हो जाता है, कुछ शेष नहीं रहता। यही कारण है कि काले रंग को अशुभ मानते हुए इसे धार्मिक कार्यों से अलग रखा गया है। हालांकि कुछ विशेष साधनाओं में काले रंग की वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। ज्योतिष के भी कुछ उपायों में काले तिल, काले कपड़े, कोयले आदि का प्रयोग किया जाता है। जानिए काले रंग से जुड़ी कुछ ऐसी ही बातों के बारे में
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सृष्टि के निर्माण से पूर्व तथा विनाश के बाद जब कुछ शेष नहीं रहता, उसी अंधकार को व्यक्त करने के लिए काले रंग का प्रयोग किया जाता है। हालांकि यह सदैव अशुभ ही नहीं होता है। इसका शुभ असर भी होता है।
समस्त देवियों में आद्यशक्ति काली जो महाकाल की शक्तिरूपा है, का वर्ण भी काला ही बताया गया है। वह पंचभूतों से बनी समस्त सृष्टि को अपने अंदर धारण करती हैं। वही संसार का सृजन, पालन और विनाश करती है। परन्तु उनकी सात्विक या राजसी पूजा में भी काली वस्तुओं का प्रयोग नहीं किया जाता है। वरन लाल पुष्प, लाल कपड़े आदि का प्रयोग किया जाता है।
आगमों के अनुसार शिवलिंग का निर्माण भी काले या श्वेत रंग के पत्थर से किया जाता है। बहुत ही विशेष परिस्थितियों में किसी अन्य रंग का उपयोग किया जाता है। हालांकि शिव का रंग स्फटिक और कर्पूर के समान गौरवर्ण बताया गया है। इस प्रकार हम देखते हैं कि काला रंग शिव और शक्ति के साथ जुड़ा हुआ है। यह उनकी पूर्णता को दर्शाता है।
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हालांकि धार्मिक विद्वानों के अनुसार आम मनुष्यों के अपने जीवन में काले रंग का न्यूनतम या कम से कम प्रयोग करना चाहिए। यह एक बहुत ही शक्तिशाली ऊर्जा वाला रंग है जो सहज ही तम को आकर्षित कर लेता है। किसी भी सामान्य मनुष्य के लिए इसकी ऊर्जा तथा प्रभाव को झेलना कठिन होता है। यही कारण है कि हमें अपनी रूटीन लाइफ में इस रंग से दूर रहना चाहिए।
यदि आप अपने लिए काले रंग का अन्य विकल्प देखना चाहते हैं तो आपको नीले रंग का प्रयोग करना चाहिए। नीला रंग काले से अलग दैवीय ऊर्जा से भरा होता है। यह देखने में भी अच्छा लगता है और मन को तुरंत शांत करता है। भगवान विष्णु का रंग भी नीला बताया गया है, इसी प्रकार दस महाविद्याओं में द्वितीय मां नीलतारा का रंग भी नीला है। कुछ पुराणों में गणेशजी को भी नीले रंग का बताया गया है। अतः काले के बजाय नीले रंग का प्रयोग करना आपके लिए भाग्योदय ला सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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