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गुरुवार को करें 5 उपाय, मिलेगी बृहस्पति देव और गुरु ग्रह की कृपा

Guruwar Ke Upay: गुरुवार को कुछ उपायों को करने से बृहस्पति देव और गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है। जानिए खास उपाय।

Guruwar Ke Upay: गुरुवार भगवान विष्णु की कृपा पाने और गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए खास माना गया है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन खास उपाय और पूजा-अर्चना की जाती है। आइए जानते हैं कि गुरुवार को किन उपायों को करना अच्छा है।

केले पेड़ की पूजा

वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। कुंवारी कन्या भी अगर अच्छे जीवन साथी की इच्छा रखती हैं, तो वे भी बृहस्पतिवार को केले के पेड़ी की पूजा कर सकती हैं।

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गुरुवार-व्रत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, गुरुवार का कनेक्शन बृहस्पति ग्रह से है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में गुरु की महादशा या अन्य किसी प्रकार का दोष है वे इस दिन व्रत तो शुभ फल की प्राप्ति होती है।

भगवान विष्णु की पूजा

मान्यतानुसार, गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। ऐसे में इस दिन गुड़ और चना दाल अर्पित करें। पूजन के दौरान पीले रंग का कपड़ा पहनना शुभ माना गया है।

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बरगद की पूजा

गीता में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का कथन है ‘मैं वृक्षों में वट वृक्ष हूं”। ऐसे में गुरुवार को बरगद वृक्ष की पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। गुरुवार को बरगद को हल्दी, गुड़-चना और चाने की दाल अर्पित करें।

रत्न (पुखराज)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली के गुरु दोष को दूर करने के लिए पीला पुखराज पहनना चाहिए। हालांकि इसके लिए ज्योतिष के जानकार से सलाह लेना अच्छा रहेगा।

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बृहस्पति बीज मंत्र का जाप

बृहस्पतिवार को कुंडली के गुरु ग्रह को अनुकूल करने के लिए बीज मंत्र- ‘बृं बृहस्पतये नमः’ का 108 बार जाप करें। ज्योतिष शास्त्र के जानकार पं. धनंजय पांडेय बताते हैं कि ऐसा करने से गुरु ग्रह की शुभता प्राप्त होती है।

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गुरु की महादशा का जीवन पर प्रभाव

गुरु की महादशा सोलह (16) वर्षों तक चलती है। ऐसे में व्यक्ति की कुंडली में गुरु की महादशा होती है, उसे इस दौरान जीवन में अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

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गुरु की महादशा के दौरान जातक किसी भी कार्य को लेकर सही निर्णय नहीं कर पाता है। जातक किसी भी चीज से बहुत अधिक उम्मीद करने लगता है। जिस कारण व्यक्ति को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

गरु की महादशा की अवधि में जातक किसी भी काम पर बेहतर फोकस नहीं कर पाता है। यानी इस दौरान व्यक्ति के अंदर एकाग्रता की कमी रहती है।

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यह भी पढ़ें: सच्चे और अच्छे साथी की कैसा करें पहचान, जानें चाणक्य नीति

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Dec 27, 2023 03:23 PM

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