---विज्ञापन---

ज्योतिष angle-right

Shani Gochar: कब होगा मेष राशि में शनि गोचर? जानिए इसका प्रभाव और अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

Shani Gochar: शनि ग्रह सबसे धीमी गति से गोचर करते हैं. शनि करीब ढाई वर्ष में एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन करते हैं. शनि ग्रह का गोचर मेष राशि में होगा. शनि गोचर कब होगा और इसका क्या प्रभाव होगा चलिए जानते हैं.

---विज्ञापन---

Shani Gochar: ज्योतिष के अनुसार, शनि ग्रह सबसे धीमी गति से चलते हैं. शनि ग्रह एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने में ढाई साल का समय लेते हैं. शनि को सभी 12 राशियों का चक्र पूरा करने में करीब 30 साल का समय लगता है. शनि ग्रह इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. मीन राशि के बाद शनि का गोचर मेष राशि में होगा. शनि का मेष राशि में गोचर कब होगा और इसका क्या प्रभाव पड़ेगा आइये जानते हैं.

कब होगा शनि का गोचर?

शनि ग्रह इस समय मीन राशि में विराजमान हैं. शनि का मेष राशि में गोचर साल 2027 में 3 जून दिन गुरुवार को सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर होगा. मेष राशि में शनि के गोचर करने से मेष राशि वालों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा. बता दें कि, शनि ग्रह मेष राशि में 20 अक्टूबर तक रहेंगे इसके बाद फिर से मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे. शनि के मेष राशि में गोचर से मेष राशि वालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इन्हें किन उपायों को करना चाहिए? चलिए इसके बारे में जानते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Vastu Tips: सकारात्मकता और आर्थिक लाभ के लिए तकिये के नीचे रखें ये 5 चीजें, खूब करेंगे तरक्की

मेष राशि के लिए कैसा होगा शनि गोचर?

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, मेष राशि वालों पर इस गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा. मेष राशि में शनि ग्रह नीच के होते हैं. मेष राशि में शनि के होने से करियर, सेहत और आर्थिक मामले में मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं. रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है. ऑफिस में काम के कारण तनाव हो सकता है. खर्चे बढ़ने से परेशान हो सकते हैं. शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए उपाय करें.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें – Vastu Tips: सावधान! गलत तरीके से घड़ी पहनना पड़ सकता है भारी, जानिए हाथ की घड़ी से जुड़े वास्तु नियम

शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनिदेव की पूजा करें. शनिवार के दिन काली उड़द की दाल, सरसों का तेल, लोह आदि शनि से संबंधित चीजें दान करें. शनिवार के दिन शनि मंदिर जाकर शनिदेव कोस सरसों का तेल अर्पित करें और सरसों के तेल का दीपक जलाएं. काले कुत्ते या काले कौवे को रोटी खिलाएं. हनुमान चालीसा का पाठ करें और शिवलिंग पर जल अर्पित करें.

---विज्ञापन---

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

First published on: Jun 07, 2026 12:31 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola