Guru Gochar: ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति ग्रह के गोचर को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। वह एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए 13 माह का समय लेते हैं। यही कारण है कि उनके गोचर का प्रभाव दीर्घकालिक होता है और लंबे समय तक लोगों को गोचर के नकारात्मक प्रभावों से जूझने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार 22 अप्रैल 2023 को सुबह 3.33 बजे बृहस्पति ग्रह का मीन से मेष राशि में गोचर होगा। यहां पर गुरु को अनुकूल स्थिति वाला माना गया है। मेष राशि का बृहस्पति जातकों को घूमने-फिरने का शौकीन बनाता है और ऐसे लोग अपने जीवन में नए-नए अनुभव करने के इच्छुक होते हैं। जानिए
गुरु के गोचर का क्या प्रभाव होगा और इसके लिए
गुरु के किन उपायों को करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: मनचाहा भाग्य पाने के लिए रात में चुपचाप करें ये उपाय
गुरु के गोचर का होगा यह प्रभाव (Guru Gochar)
- जो लोग गुरु के कारक फील्ड्स (जैसे शिक्षा, वकालत, उपदेशक, धर्म, ज्ञान-विज्ञान, रिसर्च व्यापार आदि) से जुड़े हुए हैं, उनके जल्दी ही अच्छे दिन आएंगे।
- विभिन्न देशों की सरकारें भी पार्टी हितों से ऊपर उठकर जनता के हित के बारे में सोचेंगी और काम करेंगी। लोगों की भलाई के लिए नित नई योजनाएं लागू करने की घोषणाएं होंगी।
- लेखकों और मोटिवेशनल स्पीकर्स के लिए समय अच्छा रहेगा। वे अपने कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर सकते हैं।
- लोगों में धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। अधिकाधिक लोग योग, ध्यान तथा आध्यात्म से जुड़ेंगे और सीखने का प्रयास करेंगे।
यह भी पढ़ें: चाणक्य की इन बातों का रखेंगे ध्यान तो जीवन में कोई नहीं हरा पाएगा
गुरु के नेगेटिव इफेक्ट्स से बचने के लिए करें ये उपाय (Guru Ke Upay)
- प्रतिदिन पीपल अथवा बरगद (या वटवृक्ष) के पेड़ में जल चढ़ाएं तथा उनके नीचे पांच से दस मिनट तक बैठें।
- प्रत्येक गुरुवार को मां लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले पुष्प तथा पीली मिठाई अर्पित करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
Guru Gochar: ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति ग्रह के गोचर को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। वह एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए 13 माह का समय लेते हैं। यही कारण है कि उनके गोचर का प्रभाव दीर्घकालिक होता है और लंबे समय तक लोगों को गोचर के नकारात्मक प्रभावों से जूझने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार 22 अप्रैल 2023 को सुबह 3.33 बजे बृहस्पति ग्रह का मीन से मेष राशि में गोचर होगा। यहां पर गुरु को अनुकूल स्थिति वाला माना गया है। मेष राशि का बृहस्पति जातकों को घूमने-फिरने का शौकीन बनाता है और ऐसे लोग अपने जीवन में नए-नए अनुभव करने के इच्छुक होते हैं। जानिए गुरु के गोचर का क्या प्रभाव होगा और इसके लिए गुरु के किन उपायों को करना चाहिए।
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गुरु के गोचर का होगा यह प्रभाव (Guru Gochar)
- जो लोग गुरु के कारक फील्ड्स (जैसे शिक्षा, वकालत, उपदेशक, धर्म, ज्ञान-विज्ञान, रिसर्च व्यापार आदि) से जुड़े हुए हैं, उनके जल्दी ही अच्छे दिन आएंगे।
- विभिन्न देशों की सरकारें भी पार्टी हितों से ऊपर उठकर जनता के हित के बारे में सोचेंगी और काम करेंगी। लोगों की भलाई के लिए नित नई योजनाएं लागू करने की घोषणाएं होंगी।
- लेखकों और मोटिवेशनल स्पीकर्स के लिए समय अच्छा रहेगा। वे अपने कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर सकते हैं।
- लोगों में धर्म और आध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। अधिकाधिक लोग योग, ध्यान तथा आध्यात्म से जुड़ेंगे और सीखने का प्रयास करेंगे।
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गुरु के नेगेटिव इफेक्ट्स से बचने के लिए करें ये उपाय (Guru Ke Upay)
- प्रतिदिन पीपल अथवा बरगद (या वटवृक्ष) के पेड़ में जल चढ़ाएं तथा उनके नीचे पांच से दस मिनट तक बैठें।
- प्रत्येक गुरुवार को मां लक्ष्मी सहित भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें पीले पुष्प तथा पीली मिठाई अर्पित करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।