Sunil Sharma
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Guru Gochar: ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति ग्रह के गोचर को अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। वह एक राशि से दूसरी राशि में जाने के लिए 13 माह का समय लेते हैं। यही कारण है कि उनके गोचर का प्रभाव दीर्घकालिक होता है और लंबे समय तक लोगों को गोचर के नकारात्मक प्रभावों से जूझने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
वैदिक पंचांग की गणना के अनुसार 22 अप्रैल 2023 को सुबह 3.33 बजे बृहस्पति ग्रह का मीन से मेष राशि में गोचर होगा। यहां पर गुरु को अनुकूल स्थिति वाला माना गया है। मेष राशि का बृहस्पति जातकों को घूमने-फिरने का शौकीन बनाता है और ऐसे लोग अपने जीवन में नए-नए अनुभव करने के इच्छुक होते हैं। जानिए गुरु के गोचर का क्या प्रभाव होगा और इसके लिए गुरु के किन उपायों को करना चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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