नवरात्रि में आप भी करते हैं दुर्गा चालीसा का पाठ? भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना होगा उल्टा असर
Durga Chalisa Path Niyam: नवरात्रि में अधिकांश भक्त मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा चालीसा पाठ के नियम और फायदे।
Edited By : Dipesh Thakur|Updated: Feb 26, 2024 20:21
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Durga Chalisa Path Niyam
Durga Chalisa Path Niyam, Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि आज यानी 15 अक्टूबर से शुरू हो गई है जो कि 24 अक्टूबर, तक चलेगा। इस दौरान मां दुर्गा के भक्त उनकी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि में की गई पूजा-अर्चना का बेहद शुभ फल प्राप्त होता है। नवरात्रि के दौरान जिन भक्तों को दुर्गा सप्तशती का पाठ करने में कठिनाई होती है, वे दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं। शास्त्रों में दुर्गा चालीसा पाठ के खास नियम बताए गए हैं। ऐसे में नवरात्रि के दौरान हर भक्त को यह जानना जरूरी हो जाता है कि दुर्गा चालीसा पाठ के क्या नियम हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा चालीसा पाठ करने के दौरान किन नियमों का पालन करना जरूरी है।
दुर्गा चालीसा पाठ-विधि
नवरात्रि के दौरान अधिकांश भक्त दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं। लेकिन अगर नवरात्रि के दौरान दुर्गा चालीसा का विधिवत पाठ किया जाए तो विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है। कहा जाता है कि नियम पूर्वक दुर्गा चालीसा का पाठ करने से आदि शक्ति मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों में दुर्गा चालीसा के लिए खास नियम बताए गए हैं जो कि निम्न हैं:-
नवरात्रि के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करने से पहले सूर्योदय से पूर्व स्नान करके साफ़ सुथरे वस्त्र धारण करना चाहिए।
इसके बाद शुद्ध लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर, उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
पूजन शुरू करते ही सबसे पहले मां दुर्गा को फूल, अक्षत, रोली, धूप इत्यादि अर्पित करें।
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान दुर्गा यंत्र का प्रयोग आपके लिए लाभकारी साबित होगा।
उपरोक्त पूजन कार्यो संपन्न करने के बाद ही शुद्ध तन-मन से दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए।
वैसे तो नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में दुर्गा चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है।
लेकिन आप अपनी सुविधा के अनुसार, घर में भी मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दुर्गा चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
Durga Chalisa Path Niyam, Shardiya Navratri 2023: शारदीय नवरात्रि आज यानी 15 अक्टूबर से शुरू हो गई है जो कि 24 अक्टूबर, तक चलेगा। इस दौरान मां दुर्गा के भक्त उनकी विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि में की गई पूजा-अर्चना का बेहद शुभ फल प्राप्त होता है। नवरात्रि के दौरान जिन भक्तों को दुर्गा सप्तशती का पाठ करने में कठिनाई होती है, वे दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं। शास्त्रों में दुर्गा चालीसा पाठ के खास नियम बताए गए हैं। ऐसे में नवरात्रि के दौरान हर भक्त को यह जानना जरूरी हो जाता है कि दुर्गा चालीसा पाठ के क्या नियम हैं। आइए जानते हैं कि दुर्गा चालीसा पाठ करने के दौरान किन नियमों का पालन करना जरूरी है।
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दुर्गा चालीसा पाठ-विधि
नवरात्रि के दौरान अधिकांश भक्त दुर्गा चालीसा का पाठ करते हैं। लेकिन अगर नवरात्रि के दौरान दुर्गा चालीसा का विधिवत पाठ किया जाए तो विशेष लाभ प्राप्त हो सकता है। कहा जाता है कि नियम पूर्वक दुर्गा चालीसा का पाठ करने से आदि शक्ति मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। शास्त्रों में दुर्गा चालीसा के लिए खास नियम बताए गए हैं जो कि निम्न हैं:-
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नवरात्रि के दौरान दुर्गा चालीसा का पाठ करने से पहले सूर्योदय से पूर्व स्नान करके साफ़ सुथरे वस्त्र धारण करना चाहिए।
इसके बाद शुद्ध लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर, उस पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करें।
पूजन शुरू करते ही सबसे पहले मां दुर्गा को फूल, अक्षत, रोली, धूप इत्यादि अर्पित करें।
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान दुर्गा यंत्र का प्रयोग आपके लिए लाभकारी साबित होगा।
उपरोक्त पूजन कार्यो संपन्न करने के बाद ही शुद्ध तन-मन से दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए।
वैसे तो नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर में दुर्गा चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है।
लेकिन आप अपनी सुविधा के अनुसार, घर में भी मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दुर्गा चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।