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5000 साल पुरानी…जिसे पीते हैं रोज, वह चाय पहली बार कैसे बनी थी? पढ़ें दिलचस्प कहानी

World Tea Day History of Discovery: आज विश्व चाय दिवस के मौके पर जानिए कि दिन की शुरुआत जिस चाय को पीकर करते हैं, वह पहली बार कैसे बनी थी? इतिहास करीब 5 हजार साल पुराना है और इसका चीन से खास कनेक्शन है। आइए जानते हैं, पहली चाय के बनने की कहानी...

Know The History of Tea Discovery: हर रोज दिन की शुरुआत लोग गर्म चाय के साथ करते हैं। पूरी दुनिया चाय की दीवानी है। किसी को दूध-पत्ती वाली चाय पसंद है तो किसी को बिल्कुल लाल कड़क चाय पसंद है। कोई तेज पत्ती वाली चाय पसंद करता है। चाय पीने के तरीके भी अलग-अलग हैं। कोई कप में तो कोई कुल्हड़ में चाय पीता है। किसी को स्टील के गिलास में चाय पीनी होती है। चाय सड़कों पर दिहाड़ी करने वालों से लेकर ऑफिसों में काम करने वाले लोगों का रुटीन होती है।

कई लोगों की तो चाय के बिना नींद ही नहीं खुलती। अमूमन लोग दिन में 3 से 4 बार चाय पीते हैं। सुबह और शाम के नाश्ते में तो स्नैक्स के साथ चाय होती ही है। आज हम चाय की बात इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि आज विश्व चाय दिवस है। आज हम इस मौके पर चाय के अस्तित्व में आने की दिलचस्प कहानी सुनाते हैं। आप जानना भी चाहेंगे कि जिसे रोज पीते हैं, वह चाय पहली बार कैसे बनी थी और किसने बनाई थी? इतिहास करीब 5 हजार साल पुराना है और कहानी भी काफी दिलचस्प है।

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एक था राजा और बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ी कहानी

इतिहास में दर्ज कहानियों के अनुसार, करीब 5 हजार साल पहले 2700 ईसापूर्व की बात है। शेंग नुंग चीन के राजा हुआ करते थे। एक दिन वे पेड़ के नीचे बैठे पानी उबाल रहे थे। इस दौरान पेड़ से टूटकर कुछ पत्तियां पानी में गिर गईं। जैसे ही पत्तियां उबलीं, पानी का रंग बदल गया और बहुत अच्छी खुशबू आने लगी। जब शेंग नुंग ने वह पानी पिया तो उन्हें इसका स्वाद काफी अच्छा लगा। उन्हें अपने शरीर में अजीब-सी हलचल महसूस हुई। सारा दिन वे चुस्त दुरुस्त रहे।

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उन्होंने इस खुशबूदार स्वादिष्ट गर्म पानी को चीन की भाषा के अनुसर चा आ नाम दिया। एक कहानी छठी शताब्दी में चीन के बौद्ध भिक्षुओं से जुड़ी है। हुनान प्रांत के बौद्ध भिक्षु सोए बिना ध्यान लगाने के लिए एक पेड़ की पत्तियां चबाते थे। जब भी उन्हें नींद परेशान करने लगती तो वे पत्तियों को चबाने लगते। इस तरह वे करीब 7-7 साल तक ध्यान में लीन रहते थे। आगे जाकर इन पत्तियों को पानी में उबालकर पिया जाने लगा। स्वाद बढ़ाने के लिए कई चीजें मिलाई जाने लगीं।

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भारत में कैसे आई चाय?

भारत में चाय अंग्रेज लेकर आए। 19वीं सदी के आखिर में असम में चाय का बागान ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने लगाया था। 1824 में बर्मा (म्यांमार) और असम में चाय के पौधे मिले, जो चीन के लोगों द्वारा लगाए गए थे। अंग्रेज़ों ने 1836 में भारत चाय का उत्पादन शुरू किया। 1867 में श्रीलंका में चाय बनने लगी थी। खेती के लिए चाय के बीज चीन से मंगाए जाते थे। आज असम के बागानों से देशभर में चाय आती है। दुनिया के कई देशों में भारत से ही चाय सप्लाई की जाती है।

चाय कितने प्रकार की होती है?

वाइट टी दूध और चाय की पत्तियों को उबालकर बनाई जाती है। इसमें चाय की पत्तियां कम और दूध ज्यादा होता है। बहुत से लोग ग्रीन टी पीते हैं। एशिया महाद्वीप में यही चाय सबसे पसंद की जाती है। ओलांग टी, चीन में परोसी जाने वाली चाय है। ब्लैक टी पानी में सिर्फ चाय की पत्तियां उबालकर बनाई जाती है। इनके अलावा हर्बल टी भारतीय पीते हैं।

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First published on: May 21, 2024 07:54 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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