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ट्रंप के पीस ऑफ बोर्ड के मेंबर बने 35 देश, कौन हैं वो देश और किसने किया सदस्य बनने से इनकार?

Donald Trump Peace of Board: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने दावोस में पीस ऑफ बोर्ड को लॉन्च किया और करीब 22 देशों ने बोर्ड के चार्टर पर साइन किए. 55 से ज्यादा देश मध्य पूर्व के देशों में शांति प्रयासों में अमेरिका का साथ दे रहे हैं, वहीं भारत को भी मेंबरशिप ऑफर हुई है, लेकिन भारत ने अभी तक ऑफर पर कोई फैसला नहीं लिया है.

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Edited By : Khushbu Goyal Updated: Jan 23, 2026 07:53
Board of Peace
पीस ऑफ बोर्ड की जिम्मेदारी एक काउंसिल संभालेगी, जिसके अध्यक्ष राष्ट्रपति ट्रंप खुद होंगे.

Donald Trump Peace of Board: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च कर दिया है. बीते दिन स्विटजरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान बोर्ड ऑफ पीस की साइन सेरेमनी हुई, जिस पर राष्ट्रपति ट्रंप समेत दुनियाभर के 20 से ज्यादा देशों ने साइन किए. ट्रंप के साथ कई देशों ने साइन सेरेमनी के मंच पर बोर्ड ऑफ पीस के चार्टर पर साइन किए. वहीं कई देशों ने बोर्ड का मेंबर बनने से साफ इनकार भी किया है.

20 से ज्यादा देश बने औपचारिक सदस्य

वाशिंगटन के अनुसार, मध्य पूर्व के देशों में शांति लाने के प्रयासों में अमेरिका का साथ 59 देश दे रहे हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इनमें से सभी देश बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होंगे या नहीं. वहीं 35 देशों ने बोर्ड में शामिल होने पर सहमति जताई है, जिनमें से 20 देश औपचारिक रूप से इसके सदस्य बन चुके हैं. भारत को भी मेंबरशिप का ऑफर मिला है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि भारत इसकी सदस्यता स्वीकार करेगा या नहीं.

कार्यकारी परिषद संभालेगी जिम्मेदारी

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस का नेतृत्व एक कार्यकारी परिषद करेगी, जिसके संस्थापक अध्यक्ष ट्रंप होंगे. परिषद के अन्य सदस्य टोनी ब्लेयर ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री, जेरेड कुशनर ट्रंप के दामाद, मार्को रुबियो अमेरिकी विदेश मंत्री, स्टीव विटकॉफ मध्य पूर्व के लिए अमेरिकी विशेष दूत, मार्क रोवन वित्तीय फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के CEO, अजय बंगा अध्यक्ष विश्व बैंक, रॉबर्ट गैब्रियल अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार होंगे.

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शांति बोर्ड में शामिल होने वाले ये देश हैं

बता दें कि पीस ऑफ बोर्ड के चार्टर पर इजराइल, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, जॉर्डन, मिस्र, मोरक्को, हंगरी, अल्बानिया, बेलोरूस, बेल्जियम, बुल्गारिया, कोसोवो, टर्की, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, वियतनाम, कजाखस्तान, उज्बेकिस्तान, मंगोलिया, आर्मीनिया, अजरबैजान, अर्जेंटीना, परागुआ ने साइन किए हैं.

इन देशों ने किया मेंबरशिप से इनकार

पीस ऑफ बोर्ड में शामिल होने से इनकार करने वाले देश फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, स्लोवेनिया, इटली हैं. भारत ने मेंबरशिफ के ऑफर पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है. वहीं पीस ऑफ बोर्ड के सदस्य 3 साल तक काम कर सकेंगे.

First published on: Jan 23, 2026 07:29 AM

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