क्या होता है रासायनिक युद्ध? जिसका ईरान ने अमेरिका-इजरायल पर लगाया आरोप

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों से हजारों टन कच्चे तेल और रासायनिक ईंधन लीक हो गया, जिसकी भाप ने आसपास के गांवों में सांस लेने की तकलीफ, जलन और उल्टी जैसी बीमारियां फैला दीं.

chemical warfare

मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध के बीच ईरान ने एक ऐसा आरोप लगाया है जो अंतरराष्ट्रीय कानून की नींव हिला सकता है. तेहरान ने अमेरिका और इजरायल पर रासायनिक युद्ध छेड़ने का इल्जाम ठोका है, दावा करते हुए कि दोनों देशों के हालिया हवाई हमलों ने ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाकर लाखों नागरिकों को विषाक्त पदार्थों के खतरे में डाल दिया. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘ये हमले मात्र सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सुनियोजित रासायनिक आक्रमण हैं, जो हमारे लोगों पर जहर उंडेलने जैसा है.’

विज्ञापन

क्या होता है रासायनिक युद्ध?


सबसे पहले समझना जरूरी है कि रासायनिक युद्ध आखिर होता क्या है. अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह युद्ध का वह रूप है जिसमें विषैले रासायनिक पदार्थों जैसे गैस, धुंध या तरल रसायनों का इस्तेमाल सैनिकों या नागरिकों को मारने, घायल करने या क्षेत्र को रहने लायक न करने के लिए किया जाता है.

विज्ञापन

रासायनिक हथियारों की चार मुख्य कैटेगरी हैं- श्वास नली को प्रभावित करने वाले (जैसे क्लोरीन गैस), त्वचा को झुलसाने वाले (मस्टर्ड गैस), रक्त को जहर देने वाले (हाइड्रोजन साइनाइड) और तंत्रिका तंत्र को नष्ट करने वाले (सारिन या VX). प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी द्वारा क्लोरीन गैस का इस्तेमाल इसका कुख्यात उदाहरण है, जिसने हजारों सैनिकों की जान ली.

विज्ञापन

रासायनिक हथियारों का उपयोग अपराध


1993 के रासायनिक हथियार निषेध संधि (CWC) के तहत इनका उपयोग अपराध माना जाता है, लेकिन ईरान का दावा है कि ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों से निकले ईंधन रिसाव ने इसी तरह का प्रभाव पैदा किया. 28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र और खार्ग द्वीप के तेल रिफाइनरी पर सटीक हमले किए. ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों से हजारों टन कच्चे तेल और रासायनिक ईंधन लीक हो गया, जिसकी भाप ने आसपास के गांवों में सांस लेने की तकलीफ, जलन और उल्टी जैसी बीमारियां फैला दीं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ