US के टॉप-10 साइंटिस्ट जिंदा हैं या नहीं? डोनाल्ड ट्रंप के जांच के आदेश, जानें अमेरिका में क्यों मचा है हड़कंप

US Top-10 Scientists: अमेरिका की ट्रंप सरकार आजकल टेंशन मे हैं और इसकी वजह ईरान-होर्मुज नहीं बल्कि देश के वे हाई प्रोफाइल वैज्ञानिक हैं, जो 3 साल से लापता है और कई वैज्ञानिकों के शव मिल चुके हैं। आइए पूरा मामला जानते हैं…

donald trump

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का डर जताया है।

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मिडिल ईस्ट में ईरान से युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट की टेंशन के बीच अमेरिका में एक मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। जी हां, मामला अब राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंच गया है और उन्होंने मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। दरअसल, साल 2023 से अब तक अमेरिका के हाई प्रोफाइल सांइटिस्ट संदिग्ध हालात में लापता हो गए। कई साइंटिस्ट के शव मिल चुके हैं। इस वजह से अमेरिका में साइंस वर्ल्ड और ट्रंप सरकार में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।

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संवदेनशील प्रोजेक्टों पर काम कर रहे थे वैज्ञानिक

रिपब्लिकन सांसद एरिक बुर्लिसॉन का कहना है कि लापता या मृत वैज्ञानिक नासा, MIT और लॉस एलामोस नेशनल लैबोरेट्री से कनेक्ट थे। न्यूक्लियर एनर्जी, मिसाइल डिफेंस, स्पेस रिसर्च जैसे संवदेशनील प्रोजेक्टों पर काम कर रहे थे।। ऐसे में उनके मृत या लापता होने की वजह क्लासिफाइड एयरोस्पेस, डिफेंस और UFO प्रोग्राम हो सकते हैं। वहीं इसके लापता या मृत होने के पीछे चीन या अमेरिका का हाथ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी एंगल से मामले की जांच के आदेश दिए।

पूर्व मेजर जनरल और एरोस्पेस इंजीनियर शामिल

लापता या मृत वैज्ञानिकों के मामले की जांच कर रही FBI और अन्य एजेंसियों के अनुसार, कई वैज्ञानिक अपना सारा निजी सामान घर छोड़कर निकले और वापस लौटकर नहीं आए। लापता वैज्ञानिकों ने अमेरिकी वायु सेना के पूर्व मेजर जनरल विलियम नील मैक्कलैंड भी शामिल हैं, जो UFO प्रोग्राम की टीम का हिस्सा थे। एरोस्पेस इंजीनियर मोनिका जैसिंटो रजा और अन्य विशेषज्ञ भी लापता है। साल 2023 से सिलसिला जारी है और मामला अब ट्रंप को बताया गया।

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3 साल में लापता या मृत पाए गए वैज्ञानिक

बता दें कि पहली बार जुलाई 2023 में NASA में जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के भौतिक विज्ञानी (physicist) माइकल डेविड हिक्स की मौत हुई थी। माइकल डेविड कॉस्मेट और स्टेरॉइड्स के एक्सपर्ट थे। लेकिन न परिवार ने और न ही नासा ने आज तक डेविड की मौत का कारण, डेटा या रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया। इन्हीं मामलों ने अमेरिकी सरकार, साइंस वर्ल्ड और जांच एजेंसियों की टेंशन बढ़ाई हुई है। क्योंकि मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जा रहा है।

इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को Novartis के रिसर्चर जेसन थॉमस लापता हुए। उनकी पत्नी ने गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को दी और मार्च 2026 में थॉमस का शव मैसाचुसेट्स की झील से तैरता मिला। MIT के प्रोफेसर और न्यूक्लियर साइंटिस्ट नूनो लुरेरो को दिसंबर 2025 में बोस्टन स्थित उनके घर के पास गोली मार दी गई थी। लॉस एलामोस से जुड़े एंथनी चावेज 4 मई 2025 को अचानक गायब हो गए। चावेज को आखिरी बार उनके घर से निकलते हुए देखा गया था।

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लॉस एलामोस नेशनल लेबोरेटरी की कर्मचारी मेलिसा कैसियास जून 2025 में लापता हो गई थीं। NASA में जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी के रिसर्चर फ्रैंक मैवाल्ड की 4 जुलाई 2024 में लॉस एंजेलिस में मौत हो गई थी। जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी की ही कर्मचारी मोनिका जैसिंटो रेजा 22 जून 2025 में गायब हो गई थीं। 16 फरवरी 2026 को खगोल विज्ञानी कार्ल ग्रिलमायर की गोली मारकर हत्या कर दी गई था। 28 अगस्त 2025 को उन्हें भी आखिरी बार घर से निकलते देखा गया था।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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