टेक्सास से रिपब्लिकन सांसद ब्रैंडन गिल अपने एक ताजा बयान के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं. उन्होंने दावा किया कि टेक्सास के कुछ हिस्सों में 'इस्लामीकरण' हो रहा है और वहां के मॉल में जाने पर डलास नहीं बल्कि पाकिस्तान जैसा अहसास होता है. गिल ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर हो रहा इस्लामी माइग्रेशन उस अमेरिका को खत्म कर रहा है जिसे लोग प्यार करते हैं. उनके इस बयान ने अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.
मुस्लिम समुदाय और पत्रकारों का पलटवार
सांसद गिल के इस बयान पर मुस्लिम समुदाय और पत्रकारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर हाशम सरवर ने गिल की एक फोटो साझा की, जिसमें वे खुद पाकिस्तानी समुदाय के साथ फंड जुटाते नजर आ रहे हैं. मशहूर पत्रकार मेहदी हसन ने गिल को 'इस्लामोफोबिक' करार दिया और उनके दोहरे रवैये पर सवाल उठाए. आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में नफरत और अलगाव पैदा करते हैं और मुस्लिम अमेरिकियों को गलत तरीके से निशाना बनाते हैं.
विवादित बयानों का पुराना इतिहास
ब्रैंडन गिल पहले भी कई बार इमिग्रेशन और सांस्कृतिक पहचान को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं. जून 2025 में उन्होंने एक नेता के हाथ से चावल खाने के तरीके को 'असभ्य' बताते हुए उन्हें वापस जाने की सलाह दी थी. इतना ही नहीं, उन्होंने भारत से आने वाले इमिग्रेशन पर भी सवाल उठाए थे, जबकि उनकी पत्नी खुद भारतीय मूल की हैं. गिल का मानना है कि विदेशी सामाजिक व्यवस्थाओं और वफादारियों को अमेरिका लाना यहाँ की संस्कृति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.
यह भी पढ़ें: क्या इजरायल के लिए जासूसी करता था जेफरी एपस्टीन? FBI के सीक्रेट दस्तावेजों ने खोले चौंकाने वाले राज
संसद में गिल की भूमिका और नजरिया
साल 2024 में संसद के लिए चुने गए ब्रैंडन गिल फिलहाल हाउस ज्यूडिशियरी और बजट जैसी अहम कमेटियों के सदस्य हैं. उनका मुख्य फोकस बॉर्डर सुरक्षा, सरकारी खर्च में कटौती और आर्थिक मजबूती पर रहता है. गिल का बयान ऐसे समय आया है जब रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इमिग्रेशन और बॉर्डर सुरक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस चल रही है. उनके विरोधी इसे चुनावी फायदे के लिए ध्रुवीकरण करने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि गिल इसे अमेरिकी पहचान को बचाने की लड़ाई बताते हैं.
टेक्सास से रिपब्लिकन सांसद ब्रैंडन गिल अपने एक ताजा बयान के कारण विवादों के घेरे में आ गए हैं. उन्होंने दावा किया कि टेक्सास के कुछ हिस्सों में ‘इस्लामीकरण’ हो रहा है और वहां के मॉल में जाने पर डलास नहीं बल्कि पाकिस्तान जैसा अहसास होता है. गिल ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर हो रहा इस्लामी माइग्रेशन उस अमेरिका को खत्म कर रहा है जिसे लोग प्यार करते हैं. उनके इस बयान ने अमेरिका के राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है.
मुस्लिम समुदाय और पत्रकारों का पलटवार
सांसद गिल के इस बयान पर मुस्लिम समुदाय और पत्रकारों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तानी मूल के डॉक्टर हाशम सरवर ने गिल की एक फोटो साझा की, जिसमें वे खुद पाकिस्तानी समुदाय के साथ फंड जुटाते नजर आ रहे हैं. मशहूर पत्रकार मेहदी हसन ने गिल को ‘इस्लामोफोबिक’ करार दिया और उनके दोहरे रवैये पर सवाल उठाए. आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में नफरत और अलगाव पैदा करते हैं और मुस्लिम अमेरिकियों को गलत तरीके से निशाना बनाते हैं.
विवादित बयानों का पुराना इतिहास
ब्रैंडन गिल पहले भी कई बार इमिग्रेशन और सांस्कृतिक पहचान को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं. जून 2025 में उन्होंने एक नेता के हाथ से चावल खाने के तरीके को ‘असभ्य’ बताते हुए उन्हें वापस जाने की सलाह दी थी. इतना ही नहीं, उन्होंने भारत से आने वाले इमिग्रेशन पर भी सवाल उठाए थे, जबकि उनकी पत्नी खुद भारतीय मूल की हैं. गिल का मानना है कि विदेशी सामाजिक व्यवस्थाओं और वफादारियों को अमेरिका लाना यहाँ की संस्कृति के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.
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संसद में गिल की भूमिका और नजरिया
साल 2024 में संसद के लिए चुने गए ब्रैंडन गिल फिलहाल हाउस ज्यूडिशियरी और बजट जैसी अहम कमेटियों के सदस्य हैं. उनका मुख्य फोकस बॉर्डर सुरक्षा, सरकारी खर्च में कटौती और आर्थिक मजबूती पर रहता है. गिल का बयान ऐसे समय आया है जब रिपब्लिकन पार्टी के भीतर इमिग्रेशन और बॉर्डर सुरक्षा पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस चल रही है. उनके विरोधी इसे चुनावी फायदे के लिए ध्रुवीकरण करने की कोशिश मान रहे हैं, जबकि गिल इसे अमेरिकी पहचान को बचाने की लड़ाई बताते हैं.