ईरान युद्ध के शुरुआती 48 घंटों में अमेरिका ने लगभग 51,400 करोड़ रुपये ($5.6 बिलियन) के हथियार इस्तेमाल किए। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, गोला-बारूद पर हुआ यह भारी खर्च अमेरिकी सैन्य भंडार और बजट पर अत्यधिक दबाव डाल रहा है।
US-Israel Iran War Live: मिडिल ईस्ट में जंग का आगाज 28 फरवरी को हुआ जब अमरीका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ शुरू किया. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई और कई सैन्य ठिकाने तबाह हो गए. इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमरीकी बेस पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे. 2 मार्च को हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर हमला किया जिसके बाद लेबनान पर भीषण बमबारी हुई. 4 मार्च तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकियों ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया और ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं.
मिडिल ईस्ट जंग में क्या-क्या हुआ?
6 मार्च के बाद से जंग और भयानक हो गई जब अमरीका ने ईरान के भूमिगत मिसाइल अड्डों पर 2000 पाउंड के बंकर-भेदी बम गिराने शुरू किए. ईरान ने भी पीछे न हटते हुए होर्मुज के समुद्री रास्ते में माइंस बिछा दीं जिसे अब ‘डेथ वैली’ कहा जा रहा है. 9 मार्च तक भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को निकालने के लिए एडवाइजरी जारी की. आज 11 मार्च को स्थिति यह है कि अमरीका ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए जमीनी कार्रवाई पर विचार कर रहा है जबकि पूरी दुनिया भीषण ऊर्जा संकट और महंगाई की चपेट में आने की कगार पर खड़ी है.
मिडिल ईस्ट की जंग से जुड़े आज दिनभर के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ की शुरुआत से अब तक अमेरिका और इजरायल ने लगभग 10,000 नागरिक ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
Iran's Permanent Representative to the UN claimed that the US and Israel had destroyed nearly 10,000 civilian sites since the beginning of Operation Roaring Lion. https://t.co/XbwdHlMG4g
— The Jerusalem Post (@Jerusalem_Post) March 11, 2026










