लगातार 11वीं रात ईरान पर बरसे अमेरिकी बम, युद्ध और होर्मुज संकट से एक बार फिर बढ़ी दुनिया की टेंशन

अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान होर्मुज पर अपना दबदबा बनाए हुए है. मंगलवार को ईरान ने एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा. वहीं बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं.

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Credit: News24

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है. अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के लगातार 11वीं रात ईरान के कई महत्वपूर्ण इलाकों पर हवाई हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ताजा हमलों के ठिकानों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संकेत दे चुके थे कि आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी. दूसरी ओर पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम बहाल कराने की कोशिशें भी फिलहाल बेनतीजा दिखाई दे रही हैं. ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने इस सिलसिले में पाकिस्तान का दौरा कर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की, लेकिन किसी नए समझौते के संकेत नहीं मिले.

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होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र

ईरान और अमेरिका के बीच टकराव का सबसे बड़ा केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बन गया है, जहां से पहले दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है. अमेरिकी हमलों के बावजूद ईरान होर्मुज पर अपना दबदबा बनाए हुए है. मंगलवार को ईरान ने एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा. वहीं बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आईं.

युद्ध के बढ़ते संकट का असर


मिडिल ईस्ट में युद्ध के बढ़ते संकट का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 91 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई. लाल सागर में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है. इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर नया खतरा पैदा हो गया है. हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से दूरी बनाने की चेतावनी भी दी है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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