US Another Fighter Jet Crash: ईरान युद्ध में अमेरिकी सेना को एक और झटका लगा है। ईरान ने अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमान F-15E स्ट्राइक ईगल के बाद एक और फाइटर जेट को मार गिराया है। ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिका के लड़ाकू विमान A-10 थंडरबोल्ट-II (A-10 वॉर्थोग) को निशाना बनाया। हमला होते ही विमान में आग लग गई और वह नीचे गिर गया, लेकिन पायलट इजेक्ट हो गया, जिसे अमेरिकी सेना ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
बीते दिन स्ट्राइक ईगल को मार गिराया था
बता दें कि ईरान ने बीते दिन अपने एयरस्पेस में अमेरिका के लड़ाकू विमान F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया था और उसे मार गिराया था। विमान के गिरते ही दोनों पायलट इजेक्ट हो गए, लेकिन वे लापता हो गए थे। अमेरिका और इजरायल ने दोनों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया और एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया। लेकिन दूसरा पायलट लापता अभी तक भी लापता है, जिसकी खोज जारी है। क्योंकि अमेरिका और इजरायल नहीं चाहते कि उनका पायलट ईरान के हाथ लग जाए।
Video footage published by Iranian state-run media which claims to show the targeting of a U.S. Air Force A-10C Thunderbolt ll earlier today over Southern Iran by a surface-to-air missile, with the A-10 later crashing in the Persian Gulf off the coast of Kuwait, while the pilot… pic.twitter.com/0CCwa1Q8iI
— OSINTdefender (@sentdefender) April 3, 2026
पायलट का सुराग देने पर इनाम की घोषणा
बता दें कि ईरान ने अमेरिकी पायलट का सुराग देने वाले को इनाम देने की घोषणा की है। दक्षिण-पश्चिमी ईरानी प्रांत के गवर्नर ने घोषणा की है कि विमान ढेर होने के बाद इजेक्ट हुए अमेरिकी पायलट को तलाशकर सेना को सौंप दिया जाए या उसे खत्म कर दिया जाए। जो शख्स यह काम करने में कामयाब होगा, उसे इनाम देकर सम्मानिम किया जाएगा। ईरान के एक चैनल ने भी पायलट को जिंदा पकड़कर सैन्य अधिकारियों के हवाले करने वाले नागरिकों के लिए इनाम की घोषणा की थी।
ईरान ने ठुकरा दिया सीजफायर का प्रस्ताव
बता दें कि ईरान ने अमेरिका का 48 घंटे के सीजफायर का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। अमेरिका ने एक मध्यस्थ देश के जरिए ईरान के सामने युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। लेकिन ईरान ने पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने और शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि उसे सीजफायर मंजूर नहीं है। वह अभी कई महीने युद्ध लड़ने में सक्षम है और अब युद्ध तभी खत्म होगा, जब वह चाहेगा। अमेरिका ने शुरुआत की थी तो अंत अब ईरान ही करेगा।










