Modi-Putin Bilateral Talk: चीन के तियानजिन शहर में प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबाव के बीच भारत-रूस के संबंधों को लेकर बयान जारी किए। दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और यूक्रेन युद्ध के लिए शांति प्रयासों का स्वागत किया।
द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबावों के बीच भी भारत और रूस के रिश्ते सिद्धांतों के आधार पर बढ़ते रहेंगे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग, बढ़ते रिश्ते और द्विपक्षीय संवाद राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और समृद्धि-विकास सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से यह भी कहा कि वे दिसंबर में होने वाली उनकी यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।
रूस और यूक्रेन शांति वार्ता पर हुई दोनों की बात
द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा हो रही है। भारत शांति प्रयासों का स्वागत करता है औ उम्मीद है कि संघर्ष को जल्द खत्म करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता जल्दी ही तलाश लिया जाएगा। भारत भी रूस और यूक्रेन में शांति वार्ता के पक्ष में हैं और उम्मीद करता है कि जल्दी ही दोनों एक टेबल पर आकर निर्धारित एजेंडे को लेकर बातचीत करेंगे।
परस्पर संवाद और सहयोग की प्रतिबद्धता जताई
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस इंटरनेशनल लेवल पर आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और आपसी को-ऑर्डिनेशन भी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के आर्थिक दबावों के बीच भारत और रूस अपने संबंधों को आगे बढ़ाते रहेंगे, क्योंकि भारत और रूस के संबंध रणनीतिक सिद्धांतों के आधार पर विकसित हो रहे हैं। भविष्य में भी भारत और रूस ऐसे ही परस्पर संवाद करते रहेंगे। एक-दूसरे को व्यापार और रक्षा सहयोग देते रहेंगे।
आपसी संबंधों को दोनों देशों के लिए जरूरी बताया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में कहा कि भारत और रूस मुश्किल हालातों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और खड़े रहेंगे। दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध और आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों की जनता के लिए जरूरी है, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। हम दोनों की मुलाकात हमेशा से ही यादगार अनुभव और सकारात्मक रही है। मुलाकातों में दोनों देशों को कई विषयों पर जानकारियों का आदान-प्रदान करने का मौका मिलता है। दोनों पक्षों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं और अब भारत को दिसंबर 2025 में होने वाले शिखर सम्मेलन का इंतजार है।
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