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US-ईरान सीजफायर के बीच होर्मुज स्ट्रेट में 24 घंटे में 3 टैंकरों पर हमला, ग्लोबल तेल आपूर्ति पर बढ़ा खतरा

ओमान के तट के पास यात्रा कर रहे टैंकरों में से एक पर हमले के बाद उसमें आग लग गई. हालांकि ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने कहा कि चेतावनी को नज़रअंदाज़ करने के बाद लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर पर हमला हुआ, लेकिन उसने सीधे तौर पर हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली.

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UK की समुद्री एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि 24 घंटों के अंदर होर्मुज़ स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में एक और टैंकर पर हमला हुआ. ये हमला तब हुआ है जब इससे पहले फारस की खाड़ी के संकरे रास्ते से गुज़रते हुए दो जहाजों पर हमले हुए थे. एजेंसी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “UKMTO को होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़र रहे एक टैंकर से जुड़ी एक और घटना की रिपोर्ट मिली है. टैंकर पर एक अज्ञात बिना चालक वाले हवाई वाहन (UAV) से हमला हुआ और उसे मामूली संरचनात्मक नुकसान पहुंचा है. किसी के हताहत होने या पर्यावरण पर असर पड़ने की कोई खबर नहीं है और जहाज़ अपने अगले बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है.”

ये भी पढ़ें: ‘या तो डील होगी या काम तमाम…’, खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ईरान को ट्रंप की नई चेतावनी

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क्या है मामला?

ओमान के तट के पास यात्रा करते समय पहले हुए हमले में टैंकरों में से एक में आग लग गई थी. एजेंसी ने बताया कि जब जहाज़ होर्मुज स्ट्रेट से दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ़ जाने की कोशिश कर रहा था, तो एक प्रोजेक्टाइल (हवाई हमले का हथियार) जहाज़ के बाईं ओर लगा. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि होर्मुज में कतरी टैंकर ‘अल रेकय्यात’ को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर एक अस्वीकार्य हमला था. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर और स्पष्ट उल्लंघन बताया.

ईरान का क्या कहना है?

X पर एक पोस्ट में माजेद अल-अंसारी ने कहा कि कतर इस हमले के लिए ईरान को पूरी तरह से कानूनी तौर पर ज़िम्मेदार मानता है. हालांकि ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने कहा कि लिक्विफाइड नेचुरल गैस टैंकर पर बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करने के बाद हमला हुआ, लेकिन उसने सीधे तौर पर हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली. एजेंसी ने बताया कि दूसरे टैंकर को टक्कर लगने से ढांचागत नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ. ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज स्ट्रेट से सिर्फ उसके द्वारा स्वीकृत मार्ग ही सुरक्षित है. पिछले गुरुवार को ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने चेतावनी दी थी कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को उसके मार्गों का इस्तेमाल करना चाहिए. उसने ये भी कहा कि अगर अमेरिकी सेनाएं होर्मुज स्ट्रेट में हस्तक्षेप करती हैं, तो उन्हें तेज और निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा.

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ईरान-अमेरिका में हुई थी डील

पिछले महीने, अमेरिका और ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए 14-सूत्रीय युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. हालांकि ये समझौता मोटे तौर पर कायम रहा है, लेकिन रविवार तक के सप्ताह में होर्मुज जलडमरूमध्य से 200 से ज्यादा जहाजों के गुजरने के बावजूद, यूके की समुद्री एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा खतरे का स्तर काफी ज्यादा बना हुआ है. इन हमलों से होर्मुज में यातायात बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है, जबकि देश सामान्य शिपिंग प्रक्रियाओं को बहाल करने और युद्ध के आर्थिक दबाव को कम करने की उम्मीद कर रहे थे. इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद तक रुकी हुई प्रतीत होती है, जो युद्ध की शुरुआत में मारे गए थे. उनके अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मौत की मांग की है.

ये भी पढ़ें: होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूलेगा ईरान, क्या भारत को भी देना होगा टोल?

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First published on: Jul 07, 2026 10:31 PM

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