अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को चेतावनी दी कि या तो वो डील करेंगे या फिर काम खत्म कर देंगे. ये चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान अपने मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार में व्यस्त है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान हुई थी. व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा- "हम किसी ना किसी तरह जीतेंगे ही, या तो हम कोई डील करेंगे या फिर काम पूरा कर देंगे और काम पूरा करना मुश्किल नहीं होगा." उन्होंने कहा कि वह डील करना ज़्यादा पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा- "मैं डील करना ज़्यादा पसंद करूंगा क्योंकि मैं 9.1 करोड़ लोगों पर असर नहीं डालना चाहता. हम एक घंटे में उनके पुल गिरा सकते हैं."
ये भी पढ़ें: खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूर रहे 13 देश, न प्रतिनिधि भेजे और न बुलावे का दिया जवाब, जानें क्यों अपनाया ऐसा रवैया?
ट्रंप ने और क्या कहा?
ईरान-अमेरिका डील का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका 'न्यूक्लियर डस्ट' (परमाणु धूल) हासिल करेगा और कोई परमाणु हथियार नहीं बचेगा. ट्रंप ने कहा-"तेल की कीमत अब उस लेवल पर है, मेरे हिसाब से बैरल के हिसाब से तो ये उस स्तर से भी कम है, जब हमने शुरुआत की थी. हमें रियायतें मिली हैं और उन्हें उन रियायतों को बनाए रखना होगा, लेकिन कोई परमाणु हथियार नहीं होगा. हमें वो चीज़ मिलेगी जिसे मैं 'धूल' कहता हूं यानी एनरिच्ड मटीरियल-न्यूक्लियर डस्ट."
सीज़फ़ायर के बावजूद ईरान को ट्रंप की चेतावनी
पिछले महीने युद्ध खत्म करने वाले अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर लागू है, फिर भी ट्रंप तेहरान को चेतावनी देते रहे हैं. 3 जुलाई को जब अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा हुए, तो ट्रंप ने कहा कि इस भीड़ पर हमला करने का एक सैन्य मौका था. हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसा कदम नहीं उठाया गया क्योंकि कूटनीतिक कोशिशें जारी थीं. उन्होंने अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios से कहा- "वे सभी वहां हैं. एक शॉट और हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा."
ईरान ने दिया जवाब
ट्रंप ने ये भी कहा कि खमेनेई के लिए इतने सारे लोगों को शोक मनाते देख उन्हें हैरानी हुई, क्योंकि उनका मानना था कि कई ईरानी उनके खिलाफ थे. आउटलेट ने उनके हवाले से कहा- "हो सकता है कि ये झूठे आंसू हों." ईरान ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका के पास "ना तो सभ्यता है और ना ही इतिहास". आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में ट्रंप और अमेरिका, दोनों की आलोचना की. उसने कहा कि अमेरिका, जिसने 4 जुलाई को अपनी आज़ादी की 250वीं सालगिरह मनाई, खामेनेई की मौत पर हो रहे भारी शोक को कभी नहीं समझ सकता क्योंकि उसके पास "न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान." दूतावास ने दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में जुटी भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा- "लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं. आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ी जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई. आप इन बातों को नहीं समझते क्योंकि न तो आपके पास सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान."
ये भी पढ़ें: अली खामेनेई के जनाजे में नजर आए 3 बेटे, नहीं दिखे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को चेतावनी दी कि या तो वो डील करेंगे या फिर काम खत्म कर देंगे. ये चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान अपने मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिनों तक चलने वाले अंतिम संस्कार में व्यस्त है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान हुई थी. व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा- “हम किसी ना किसी तरह जीतेंगे ही, या तो हम कोई डील करेंगे या फिर काम पूरा कर देंगे और काम पूरा करना मुश्किल नहीं होगा.” उन्होंने कहा कि वह डील करना ज़्यादा पसंद करेंगे. ट्रंप ने कहा- “मैं डील करना ज़्यादा पसंद करूंगा क्योंकि मैं 9.1 करोड़ लोगों पर असर नहीं डालना चाहता. हम एक घंटे में उनके पुल गिरा सकते हैं.”
ये भी पढ़ें: खामेनेई के अंतिम संस्कार से दूर रहे 13 देश, न प्रतिनिधि भेजे और न बुलावे का दिया जवाब, जानें क्यों अपनाया ऐसा रवैया?
ट्रंप ने और क्या कहा?
ईरान-अमेरिका डील का ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (परमाणु धूल) हासिल करेगा और कोई परमाणु हथियार नहीं बचेगा. ट्रंप ने कहा-“तेल की कीमत अब उस लेवल पर है, मेरे हिसाब से बैरल के हिसाब से तो ये उस स्तर से भी कम है, जब हमने शुरुआत की थी. हमें रियायतें मिली हैं और उन्हें उन रियायतों को बनाए रखना होगा, लेकिन कोई परमाणु हथियार नहीं होगा. हमें वो चीज़ मिलेगी जिसे मैं ‘धूल’ कहता हूं यानी एनरिच्ड मटीरियल-न्यूक्लियर डस्ट.”
सीज़फ़ायर के बावजूद ईरान को ट्रंप की चेतावनी
पिछले महीने युद्ध खत्म करने वाले अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच सीज़फ़ायर लागू है, फिर भी ट्रंप तेहरान को चेतावनी देते रहे हैं. 3 जुलाई को जब अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए इकट्ठा हुए, तो ट्रंप ने कहा कि इस भीड़ पर हमला करने का एक सैन्य मौका था. हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसा कदम नहीं उठाया गया क्योंकि कूटनीतिक कोशिशें जारी थीं. उन्होंने अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios से कहा- “वे सभी वहां हैं. एक शॉट और हम उन सभी को खत्म कर सकते हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि तब हमारे पास बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचेगा.”
ईरान ने दिया जवाब
ट्रंप ने ये भी कहा कि खमेनेई के लिए इतने सारे लोगों को शोक मनाते देख उन्हें हैरानी हुई, क्योंकि उनका मानना था कि कई ईरानी उनके खिलाफ थे. आउटलेट ने उनके हवाले से कहा- “हो सकता है कि ये झूठे आंसू हों.” ईरान ने ट्रंप को जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका के पास “ना तो सभ्यता है और ना ही इतिहास”. आर्मेनिया में ईरानी दूतावास ने X पर एक पोस्ट में ट्रंप और अमेरिका, दोनों की आलोचना की. उसने कहा कि अमेरिका, जिसने 4 जुलाई को अपनी आज़ादी की 250वीं सालगिरह मनाई, खामेनेई की मौत पर हो रहे भारी शोक को कभी नहीं समझ सकता क्योंकि उसके पास “न तो सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान.” दूतावास ने दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में जुटी भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा- “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन आदर्शों को नहीं. आपने अयातुल्ला खामेनेई को मार डाला, लेकिन असल में आपने इत्र की एक ऐसी शीशी तोड़ी जिसकी खुशबू हर जगह फैल गई. आप इन बातों को नहीं समझते क्योंकि न तो आपके पास सभ्यता है, न इतिहास और न ही सम्मान.”
ये भी पढ़ें: अली खामेनेई के जनाजे में नजर आए 3 बेटे, नहीं दिखे नए सुप्रीम लीडर मोजतबा