स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र स्यूटा (Ceuta) में हाल के दिनों में अवैध प्रवासियों की घुसपैठ के बाद यूरोप में सीमा सुरक्षा और प्रवासन नीति को लेकर नई बहस छिड़ गई है. स्पेन सरकार ने दावा किया है कि सीमा पार कर स्यूटा पहुंचे अधिकांश प्रवासियों को केवल 48 घंटे के भीतर वापस मोरक्को भेज दिया गया है. इस घटनाक्रम ने यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की चिंता बढ़ा दी है, जिसके बाद 22 देशों ने साझा रणनीति तैयार करने के लिए आपात बैठक बुलाई है.

हजारों लोग स्यूटा में घुसे

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ ही दिनों में हजारों लोग समुद्री रास्तों और सीमा को पार कर स्यूटा में प्रवेश कर गए थे. अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियों पर भारी दबाव पड़ गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की और मोरक्को के साथ समन्वय स्थापित करते हुए बड़े पैमाने पर वापसी अभियान शुरू किया. अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश अवैध प्रवासियों को सीमित समय में उनके मूल क्षेत्र वापस भेज दिया गया, जबकि शेष मामलों की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

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22 देशों ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

इस संकट के बाद यूरोप में सीमा प्रबंधन को लेकर चिंता और बढ़ गई है. कई सदस्य देशों का मानना है कि यदि बाहरी सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं पूरे महाद्वीप की आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं. इसी पृष्ठभूमि में 22 देशों ने यूरोपीय स्तर पर समन्वित कार्रवाई और साझा नीति पर विचार करने के लिए आपात बैठक बुलाने की पहल की है.

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हालातों पर कैसे पाया काबू?

स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार को करीब 60 हजार लोगों ने स्यूटा की सीमा में प्रवेश किया था. यह संख्या इस स्पेनिश एन्क्लेव की कुल आबादी के लगभग 70 फीसदी के बराबर है. प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए शनिवार तक अधिकांश प्रवासियों को मोरक्को वापस भेज दिया, जबकि बड़ी संख्या में लोग खुद से ही लौट गए. इस बीच, स्पेनिश सेना ने अभियान से जुड़ी तस्वीरें जारी कीं, जिनमें सुरक्षा बल प्रवासियों के समूहों को सीमा की ओर ले जाते दिखाई दिए.

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स्थिति नियंत्रण में है-PM सांचेज

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा कि सरकार ने सीमा की स्थिति को दोबारा अपने नियंत्रण में ले लिया है. उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों के लिए जरूरी मानवीय सहायता की व्यवस्था की गई, अनियमित तरीके से पहुंचे अधिकांश प्रवासियों को वापस भेजा गया और उन्हें यूरोप के अन्य देशों की ओर बढ़ने से भी रोका गया. उनके अनुसार, यह पूरा अभियान मोरक्को के अधिकारियों के साथ मिलकर चलाया गया.

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मोरक्कों ने अपनी सीमा पर बढ़ाई सुरक्षा

अधिकारियों के अनुसार, कई प्रवासियों ने मोरक्को के तट से समुद्र के रास्ते तैरकर या सीमा पर बनी ब्रेकवाटर संरचना को पार कर स्यूटा पहुंचने की कोशिश की. हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने पानी की बौछार, आंसू गैस और चेतावनी के तौर पर फायरिंग की. इस दौरान कुछ लोगों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य भगदड़ की चपेट में आ गए. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्पेन ने सेना और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया, वहीं, मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भी अपनी सीमा पर सख्ती बढ़ाते हुए भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की.

सीमा पार करने के लिए उकसाया?

स्पेन सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए मानव तस्करी से जुड़े गिरोहों और सोशल मीडिया पर फैलाई गई भ्रामक सूचनाओं को भी जिम्मेदार ठहराया है. सरकार का कहना है कि इन नेटवर्कों ने बड़ी संख्या में लोगों को अवैध तरीके से सीमा पार करने के लिए उकसाया. इसके मद्देनजर सीमा निगरानी को और मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा बढ़ाने और मोरक्को के साथ संयुक्त कार्रवाई तेज करने का फैसला लिया गया है.