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फिलीपींस की संसद में ताबड़तोड़ फायरिंग, कमरों में छिपे सांसद, क्या बोले सीनेट अध्यक्ष?

Philippines Senate Shooting: फिलीपींस की संसद में उस वक्त कोहराम मच गया जब सीनेट भवन के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई. अपनी जान बचाने के लिए सांसद कमरों में जा छिपे; जानिए क्या है सीनेटर की गिरफ्तारी और इस हमले का पूरा कनेक्शन.

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Philippines Senate Shooting: फिलीपींस की राजधानी मनीला से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. यहां बुधवार को सीनेट भवन (संसद) में अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, परिसर के पास 12 से ज्यादा राउंड गोलियां चलने की आवाज सुनी गई, जिसके बाद वहां मौजूद सांसदों और कर्मचारियों को जान बचाने के लिए सुरक्षित कमरों में छिपने के निर्देश दिए गए. पूरी घटना सीनेटर रोनाल्ड डेला रोजा की गिरफ्तारी की कोशिशों से जुड़ी मानी जा रही है.

सीनेट अध्यक्ष का बड़ा दावा: ‘हम पर हमला हो रहा है’

घटना के तुरंत बाद सीनेट अध्यक्ष एलन पीटर कायतानो ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कहा, “हम पर हमला हो रहा है.” उन्होंने दावा किया कि नेशनल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (NBI) के कुछ अधिकारी जबरन परिसर में घुसने की कोशिश कर रहे थे. कुछ अधिकारियों को इमारत की दीवारों में ड्रिलिंग करते हुए भी देखा गया है. फिलहाल पूरे परिसर को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और भारी हथियारों से लैस जवान वहां तैनात हैं.

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सांसद ने संसद में ले रखी है शरण

खबरों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए रोनाल्ड डेला रोजा पिछले कुछ दिनों से सीनेट परिसर के भीतर ही छिपे हुए हैं. सीनेट नेतृत्व ने उन्हें ‘प्रोटेक्टिव कस्टडी’ दे रखी है, जिसके कारण जांच एजेंसियों और संसद की सुरक्षा टीम के बीच तनाव चरम पर है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि गोलियां किसने चलाईं और इस घटना में कोई हताहत हुआ है या नहीं. स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर रहा है.

डेला रोजा पर पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के कार्यकाल के दौरान चलाए गए ‘ड्रग-विरोधी अभियान’ में कथित तौर पर मानवता के खिलाफ अपराध और हत्याओं के आरोप हैं. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) उनकी तलाश कर रहा है.

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First published on: May 13, 2026 08:21 PM

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About the Author

Vijay Kumar

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.

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