पेंटागन ने जारी की 4 अमेरिकी सैनिकों की तस्वीर, कुवैत में ईरानी ड्रोन ने ली थी जान

पेंटागन ने कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए 4 अमेरिकी सैनिकों की तस्वीरें जारी कर दी हैं. ट्रंप ने इस घटना पर दुख जताते हुए और भी मौतों की चेतावनी दी है.

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पेंटागन ने रविवार को ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों में से चार की पहचान उजागर कर दी है. इन सैनिकों में कैप्टन कोडी खोर्क, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ टिटजेंस, सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल अमोर और सार्जेंट डेक्लान कोडी शामिल हैं. ये सभी सैनिक आयोवा की 103वें सस्टेनमेंट कमांड का हिस्सा थे, जो युद्ध के मैदान में खाना, ईंधन और गोला-बारूद पहुंचाने का काम करती है. कुवैत के पोर्ट शुआइबा में एक कमांड सेंटर पर हुए इस ड्रोन हमले ने अमेरिकी खेमे में शोक की लहर दौड़ दी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर दुख जताते हुए एक कठोर टिप्पणी की और कहा कि युद्ध खत्म होने से पहले अभी और भी मौतें हो सकती हैं.

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ईरान का गंभीर आरोप

इस खूनी संघर्ष के बीच ईरान ने अमेरिका पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाया है. ईरान के सुप्रीम लीडर के विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने दावा किया है कि वॉशिंगटन जानबूझकर दुनिया भर में लड़ाइयों को हवा दे रहा है. उनके मुताबिक अमेरिका का असली मकसद केवल ईरान को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि वह भारत, चीन और रूस जैसी उभरती ताकतों को आगे बढ़ने से रोकना चाहता है. इलाही ने कहा कि भविष्य में भारत और चीन दुनिया के सबसे ताकतवर देश बनने वाले हैं और अमेरिका नहीं चाहता कि ग्लोबल पावर में कोई और उसका साझेदार बने. इसीलिए वह दुनिया को मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर की तरफ जाने से रोकने के लिए युद्ध का सहारा ले रहा है.

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अमेरिका का दबदबा और वर्ल्ड पावर में बदलाव

ईरानी नेता ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि अमेरिका दुनिया की राजनीति में हो रहे “पावर शिफ्ट” से घबराया हुआ है. जांच और हालातों से पता चलता है कि दुनिया का नेतृत्व अब बदलने वाला है और अमेरिका अपना एकतरफा दबदबा बनाए रखने के लिए बेचैन है. ईरान का मानना है कि उनकी सरकार को गिराने के बाद अमेरिका दूसरे बड़े देशों पर ध्यान केंद्रित करेगा ताकि उसकी सर्वोच्चता को कोई चुनौती न दे सके. तेहरान ने संकेत दिया है कि वे युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार हैं, लेकिन वे केवल उन्हीं शर्तों को मानेंगे जो उनके देश के लिए सम्मानजनक होंगी. बिना सम्मान के वे घुटने टेकने के पक्ष में नहीं हैं.

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बढ़ता तनाव और भविष्य की अनिश्चितता

मौजूदा स्थिति को देखते हुए मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. एक तरफ जहां अमेरिका अपने सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए और आक्रामक हो सकता है, वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता और ग्लोबल वर्ल्ड ऑर्डर की लड़ाई बता रहा है. आईआरजीसी के दावों के मुताबिक अब तक सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं और अमेरिका को अपने एयरक्राफ्ट कैरियर तक पीछे हटाने पड़े हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि भारत और चीन जैसे देशों की विदेश नीति के लिए भी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि ट्रंप प्रशासन इन आरोपों का क्या जवाब देता है और यह जंग किस करवट बैठती है.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

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राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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