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Pakistan: कुरान के अपमान के आरोप में भीड़ ने शख्स को जिंदा जलाया, पुलिस स्टेशन से खींच ले गए लोग

Pakistan Mob Lynching Case: पाकिस्तान में भीड़ ने कुरान के अपमान के शक में एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया। कथित ईशनिंदा के इस मामले में पुलिस ने 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 2 भाई भी शामिल है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 340 किलोमीटर दूर भीड़ ने व्यक्ति की जान ली।

Edited By : Parmod chaudhary | Updated: Jun 23, 2024 19:50
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पाकिस्तान में मॉब लिंचिंग।

Pakistan Mob Lynching News: पाकिस्तान के स्वात जिले में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां के मदयान कस्बे में भीड़ ने कुरान के अपमान के शक में एक व्यक्ति को जिंदा जला दिया। पुलिस ने 20 जून को हुई दरिंदगी के बाद 27 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 2 भाई भी शामिल हैं। मदयान कस्बा राजधानी इस्लामाबाद से 340 किलोमीटर दूर है। जिसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल माना जाता है। जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) जाहिदुल्ला खान ने बताया कि कुरान के अपमान के शक में एक व्यक्ति को पुलिस स्टेशन लाया गया था। उससे पूछताछ की जा रही थी कि अचानक लोगों को पता लग गया। जिसके बाद थाने के बाहर भीड़ जमा हो गई। उन लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ और उग्र हो गई। पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया और संदिग्ध आरोपी को अपने साथ ले गई।

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लोगों ने पुलिस स्टेशन के साथ ही एक वाहन को भी आग के हवाले कर दिया। इसके बाद संदिग्ध व्यक्ति की पिटाई कर उसे जिंदा जला दिया गया। इसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिसमें भीड़ जलते शव के चारों और चक्कर काटती दिख रही है। पुलिस स्टेशन के बाहर भी काफी तादाद में लोग दिख रहे हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि काफी मशक्कत के बाद हालात काबू में किए गए हैं। भारी पुलिस बल मदयान में तैनात किया गया है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है। कई लोग अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। संघीय मंत्री अहसान इकबाल ने इस मॉब लिंचिंग की घटना की निंदा की है।

मंत्री अहसान ने की घटना की निंदा

अहसान ने कहा कि संसद को इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए। यह सब भयावह है, जिस पर बजट सत्र में चर्चा की जाएगी। इस प्रकार की घटनाओं के कारण पाकिस्तान विनाश के कगार पर जा रहा है। हिंसा के सहारे सड़क पर न्याय देना किसी भी धर्म में स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह कानून का उल्लंघन है। बता दें कि एक रिपोर्ट के मुताबिक 1987 से 2022 तक पाकिस्तान में ईशनिंदा के 2120 मामले सामने आ चुके हैं। पिछले महीने सरगोधा में भी एक ईसाई को पुलिस ने भीड़ से बचा लिया था। लेकिन 9 दिन बाद ही चोटिल होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। खानेवाल जिले के एक सुदूर गांव में एक अधेड़ को 2022 में भीड़ ने पत्थरों से मार डाला था।

First published on: Jun 23, 2024 07:50 PM

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