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स्कूल से जंगल में भागा, बाढ़ से बचने के लिए पेड़ पर चढ़ा; अब जाकर मां को मिला 8 साल का बच्चा

Boy Survives Amid Flood Destruction: नेपाल में तबाही के मंजर ने हर किसी को अंदर तक दहला दिया है, लेकिन इस त्रासदी के बीच एक ऐसी कहानी सामने निकलकर आई है, जो उम्मीद की किरण जगाती है. कैसे एक 8 साल के लड़के ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई, और बाद में वो अपनी मां से भी मिल पाया.

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Boy Reunited With Mother in Nepal: नेपाल में आई भयानक बाढ़ के दौरान एक 8 साल के लड़के ने जंगल में भागकर और पेड़ों पर चढ़कर अपनी जान बचाई, अब वो आखिरकार अपनी मां से मिल पाया. ये इमोशनल रीयूनियन तब हुआ जब उसके परिवार को डर था कि वो और उसका भाई इस आपदा में मारे गए हैं, हालांकि किस्मत उन पर पूरी तरह मेहरबान रही.

बाढ़ के बीच बची लड़के की जान

जोयल घाले को बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले से बचाया गया; उसके पैर में फ्रैक्चर था और चेहरे पर चोटें आई थीं. बाद में उसे बेहतर इलाज के लिए काठमांडू के एक अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया. उसकी मां 28 साल की मट्टी माया तमांग हैं, उन्होंने अपने बेटों से संपर्क टूटने के बाद उन्हें खोजने में कई घंटे शेल्टर और रिलीफ सेंटर्स में बिताए थे.

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बच्चे बुधवार, 26 अगस्त 2026 की सुबह एक गाड़ी से स्कूल गए थे. तमांग घर पर बुनाई कर रही थीं, तभी उन्होंने जोरदार आवाज सुनी, जिसे उन्होंने शुरू में भूकंप समझा. खबरों के मुताबिक लांगटांग लिरुंग के पास ग्लेशियर से जुड़ी एक घटना के कारण जबरदस्त भूस्खलन हुआ, जिससे पानी, पत्थर और मलबा घाटी में आ गया. तमांग ने याद करते हुए कहा, ‘मैं देख सकती थी कि सब कुछ बह रहा था,’ और उन्हें डर था कि उनके बच्चे भी इस तबाही की चपेट में आ गए होंगे.

स्कूल का इलाका मलबे में तब्दील

जब वो उस इलाके में पहुंचीं, तो तमांग मुश्किल से ही आस-पास की जगहों को पहचान पा रही थीं. स्कूल तबाह हो गया था, जबकि बाजार और अन्य इमारतें कीचड़, पत्थरों और बाढ़ के पानी के नीचे दब गई थीं. शेल्टर और बचाए गए लोगों की लिस्ट में बार-बार जाँच करने के बाद भी जब उन्हें अपने बेटे नहीं मिले, तो उन्हें लगने लगा कि सबसे बुरा हो चुका है. उनकी खोज तब बदली जब एक पत्रकार, जो अस्पताल में जोयल से मिले थे, उन्होंने घायल बच्चे को उसके परिवार से मिलाने में मदद की. लड़का इस उम्मीद में फिल्माया जाने के लिए तैयार हो गया कि रिश्तेदार उसे पहचान सकें. तमांग ने जर्नलिस्ट का फोन नंबर मिलने के बाद उनसे संपर्क किया और यह जानकर हैरान रह गईं कि जोयल जिंदा है और उसे काठमांडू ले जाया गया है.

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काठमांडू में इमोशनल रीयूनियन

तब तक इस मां को ये भी पता चल चुका था कि उनका छोटा बेटा भी बच गया है. शुक्रवार को तमांग ने काठमांडू अस्पताल पहुंचने के लिए तकरीबन 2 घंटे का सफर किया और आखिरकार जोयल को अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए देखा.लड़के के पिता, जो जापान में कंस्ट्रक्शन मजदूर के तौर पर काम करते हैं, वो भी अपने परिवार से मिलने के लिए ट्रैवल कर रहे थे. इतनी मुश्किलों के बावजूद, तमांग ने अपने बेटे को प्यार से एक शरारती बच्चा बताया और मजाक में कहा कि उसकी हड्डी टूटने की ये घटना पहली बार नहीं हुई है.

First published on: Aug 29, 2026 02:06 PM

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