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धरती पर मंडराई ‘आफत’ का रास्ता बदला! 22000KM की रफ्तार से आया था Asteroid, नासा का ताजा अपडेट

Asteroid Earth Collision Alert: नासा ने धरती से एस्ट्रॉयड की टक्कर होने का अलर्ट दिया था, जिस पर अब ताजा अपडेट सामने आया है। एस्ट्रॉयड आज सुबह धरती के काफी करीब से गुजरा और खतरा टल गया। आइए इस एस्ट्रॉयड की स्पीड और दूरी के बारे में जानते हैं...

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NASA Update on Asteroid 2024 SD2: आज धरती पर मंडराई आफत टल गई। जी हां, आज धरती की ओर एक हवाई जहाज के साइज का एस्ट्रॉयड बढ़ रहा था, जो आज सुबह करीब 6 बजे धरती के काफी करीब से गुजर गया। अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा की कैलिफोर्निया स्थित जेट प्रपल्शन लैब (JPL) में एस्ट्रॉयड पर निगरानी रखी जा रही थी, लेकिन इससे धरती को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, हालांकि इसके करीब से गुजरने पर कंपन जरूर महसूस हुआ, जो राडार में रिकॉर्ड भी हुआ, लेकिन खतर टल गया है। नासा ने एस्ट्रॉयड 2024 SD2 को लेकर अलर्ट जारी किया था। इसके धरती से टकराकर तबाही मचाने का अनुमान लगाया था। हाल ही में हुए सौर विस्फोट के चलते सौर तूफान भी धरती के आस-पास घूम रहा है, इसलिए वैज्ञानिकों को डर था कि कहीं सौर तूफान की चपेट में आने से एस्ट्रॉयड की दिशा न बदल जाए और वह धरती से टकरा जाए, लेकिन इस पूर्वानुमान पर विराम लग गया है।

 

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हवाई जहाज के आकार का था एस्ट्रॉयड

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आज धरती के आस-पास जो एस्ट्रॉयड मंडरा रहा था, वह एक हवाई जहाज के साइज का था। करीब 82 फीट बड़ा था। यह धरती से 3862425 किलोमीटर की दूरी से क्रॉस हुआ। इसकी रफ्तार 21952 किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह एस्ट्रॉयड सूर्य की परिक्रमा कर रहा था, लेकिन चक्कर काटते-काटते यह एस्ट्रॉयड धरती की ग्रैविटी में आ गया था। इन एस्ट्रॉयड को नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) भी कहते हैं। नासा की जेट प्रपल्शन लैब (JPL) नियर अर्थ ऑब्जेक्ट ऑब्जर्वेशन (NEOO) प्रोग्राम के तहत एस्ट्रॉयड की निगरानी करती है। हालांकि नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि इन एस्ट्रॉयड से धरती को कोई खतरा नहीं होता है, लेकिन सौर तूफानों द्वारा इनकी दिशा बदलने और फिर इनके धरती से टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नासा एस्ट्रॉयड की धरती से टक्कर होने का अलर्ट जारी करती है। पिछले कई महीने से लगातार हर दूसरे दिन एस्ट्रॉयड धरती की तरफ बढ़ रहे हैं।

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धरती को एस्ट्रॉयड से बचाएगा नासा

अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने धरती को एस्ट्रॉयड से बचाने का एक प्लान तैयार किया है। एजेंसी की रणनीति है कि परमाणु विस्फोट से लेकर स्पेस क्राफ्ट तक के इस्तेमाल से एस्ट्रॉयड को धरती से टकराने से रोका जाएगा। नासा ने नियर अर्थ ऑब्जेक्ट (NEO) प्रोग्राम के तहत प्लान बनाया है। नासा की योजना एस्ट्रॉयड को धरती के पास आने से रोकने और उसका रास्ता बदलने के लिए स्पेस क्राफ्ट की 1000 आर्मी भेजने की है। 1998 में बनी हॉलीवुड मूवी ‘आर्मगेडन’ में जैसे दिखाया गया है, एस्ट्रॉयड को तोड़ने के लिए न्यूक्लियर डिवाइस इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसा ही एक टेस्ट नासा ने साल 2022 में किया था। नासा ने डबल एस्ट्रॉयड री-डायरेक्शन टेस्ट (DART) सक्सेसफुली कंप्लीट किया था। इस टेस्ट के तहत एक स्पेस क्राफ्ट ने एस्ट्रॉयड से टकराकर उसके रास्ते को बदल दिया था। इसकी टेस्ट के आधार पर नासा अब नया एंटी एस्ट्रॉयड प्रोग्राम लॉन्च करने की तैयारी में है।

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First published on: Oct 17, 2024 08:57 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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