America Defence System: दुनिया में बड़े देश अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए समय-समय पर कई बदलाव करते हैं। अपने रक्षा बेड़े में वह बेहतरीन तकनीक से लैस नए हथियार जोड़ते जाते हैं। हाल ही में अमेरिका ने ईरान पर हमला किया, जिसको लेकर उन्होंने कई दावे किए। अमेरिका ने अपने डिफेंस सिस्टम की खूब तारीफ की। दुनिया में बहुत से ऐसे देश हैं, जो रक्षा तकनीक के मामले में अमेरिका को चुनौती देते हैं। हाल ही में अमेरिका ने ड्रोन टेक्नोलॉजी में खुद को और बेहतर करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें अब से ड्रोन का प्रोडक्शन बढ़ाया जाएगा।
रक्षा मंत्री ने किए शासनादेश पर साइन
ड्रोन टेक्नोलॉजी का लगातार सैन्य इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। इसमें चीन और रूस काफी तरक्की कर रहा है, जिसको देखते हुए अब अमेरिका ने भी ड्रोन प्रोडक्शन को अब बड़े पैमाने पर करने का फैसला किया है। इसके लिए रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने एक खास अंदाज में पेंटागन के बाहर शासनादेश पर साइन किए। इसको रक्षा मंत्री के पास तक एक ड्रोन के जरिए पहुंचाया गया।
AI लैस ड्रोन का प्रोडक्शन
रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ ने पेंटागन के बाहर खड़े होकर ड्रोन को लेकर लिए गए फैसले पर बात की। उन्होंने बताया कि ‘इनकी अमेरिका में मेन्यूफैकचरिंग होगी, जिन्हें पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से लैस बनाया जाएगा, जो कहीं पर भी निगरानी करने, रक्षा करने और जानकारी देने का काम करेंगे।’ इसी के साथ उनके पास एक ड्रोन पेपर लेकर आता है, जिस पर वह साइन करते हैं।
अमेरिका समय के साथ नई तकनीक को अपनाकर अपने देश की रक्षा के लिए इस्तेमाल कर रहा है। अमेरिका के इन कदम से उनका डिफेंस सिस्टम और मजबूत होगा।