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दुनिया

‘मेरा दिमाग चकरा गया’, अमेरिका में पूर्व गूगल इंजीनियर ने ब्लिंकिट की 10 मिनट की डिलीवरी पर छेड़ी नई बहस

अमेरिका में रहने वाले एक पूर्व गूगल कर्मचारी ने भारत की तेज डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काम करने वाले बिलावल सिद्धू ने एक्स पर अपने अनुभव के बारे में पोस्ट किया, जहां उनके ट्ववीट को 24 लाख से ज्यादा बार देखा गया है.

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Written By: News24 हिंदी Updated: Sep 17, 2025 20:49
फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

भारत में बिल्किंट एप्लीकेशन लाखों लोगों को हर दिन महज 10 मिनट में सामान पहुंचाने का दावा करता है. अगर आप कुछ भूल गए और आपको अचानक याद आए तो आप उस सामान को खरीदने के लिए इस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. कथित तौर पर इस ऐप से लोगों की जरूरतें महज चंद सेकेंड्स में पूरी हो जाती हैं.

वहीं, अमेरिका में रहने वाले एक पूर्व गूगल कर्मचारी ने भारत की तेज डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में काम करने वाले बिलावल सिद्धू ने एक्स पर अपने अनुभव के बारे में पोस्ट किया, जहां उनके ट्ववीट को 24 लाख से ज्यादा बार देखा गया है.

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मैं तो हैरान रह गया- सिद्धू

अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा, “तो भारत में ब्लिंकिट नाम का एक ऐप है जहां आप सचमुच में 10 मिनट में कुछ भी मगवा सकते हैं. मैं तो हैरान रह गया.”

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बिलावल सिद्धू के इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और कई लोगों ने भारत के त्वरित-वाणिज्य प्रदाताओं की दक्षता (India’s quick-commerce providers) और अमेरिका की धीमी वितरण प्रणालियों के बीच तुलना की.

एक X यूजर ने पूछा: “भारत भविष्य में है – आपको क्या लगता है उन्होंने यह कैसे किया?”

वहीं, एक अन्य ने टिप्पणी करते हुए कहा, “भारत में रहते हुए तो यह देखकर आश्चर्य होता है, लेकिन जब आप अमेरिका वापस आते हैं तो सब कुछ बहुत धीमा लगता है.”

जब एक उपयोगकर्ता ने पूछा, “क्या वाकई कुछ भी? किसी सुविधा स्टोर में कुछ भी?” तो उन्होंने जवाब दिया: “हां, लगभग! साथ ही, किराने का सामान और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप शहर में कहां रहते हैं.”

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई यूजर्स ने बताया कि कुछ मामलों में किराने का सामान और घरेलू सामान का ऑर्डर मात्र छह से दस मिनट में ही डिलीवर कर दिया जाता है.

कैसे काम करता है ब्लिंकिट?

मिली जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2013 में शुरु हुई ब्लिंकिट क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में भारत के प्लेटफार्मों में से एक बन गई है. ब्लिंकिट का मुख्यालय गुड़गांव में है. बता दें कि ब्लिंकिट विकेन्द्रीकृत पूर्ति केंद्रों (decentralised fulfilment hubs) के एक नेटवर्क का उपयोग करके काम करती है, जिन्हें “डार्क स्टोर्स” कहा जाता है, जो ग्राहकों के ऑर्डर को तुरंत उन तक पहुंचाते हैं. यह एप्लिकेशन घरेलू सामान जैसे टॉयलेटरीज, सफाई उत्पादों और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों के साथ-साथ दैनिक आवश्यकताओं तक पहुंच को आसान करता है और ग्राहकों तक मिनटों में डिलीवरी पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

First published on: Sep 17, 2025 08:49 PM

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